- 15 सितंबर से केदारनाथ में हेली सेवा शुरू
- यमुनोत्री मार्ग अभी भी कई जगह बाधित
- 18 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट
देहरादून। पूरे अगस्त माह मानसूनी आपदा की मार से त्रस्त रहे उत्तराखंड में एक बार फिर चार धाम यात्रा बहाल करने की कोशिशें शुरू हो गई है। लेकिन खराब सड़कों और यात्रा मार्गों पर बने भूस्खलन जोन तथा राज्य में अभी भी भारी मूसलाधार बारिश के बीच यह प्रयास कितना कामयाब होगा यह समय ही बताएगा।
धराली और थराली की आपदा के साथ चार धाम यात्रा पर ऐसा ब्रेक लगा कि अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। 35 दिन बाद गंगोत्री धाम में यात्रियों का पहुंचना तो शुरू हो गया है लेकिन अभी भी गंगोत्री मार्ग तीन से चार स्थानों पर अत्यंत ही खतरनाक स्थिति में है तथा सिर्फ छोटे वाहनों की आवाजाही ही संभव हो सकी है। वही अभी सीमित संख्या में ही यात्रियों को जाने दिया जा रहा है तथा बैरियरों पर यात्रियों को रोका जा रहा है। जहां तक बात यमुनोत्री धाम की है तो यहां बीते 16—17 दिनों से यात्रा बंद है। दिल्ली यमुनोत्री हाइवे पर नैनबाग में अभी भी भारी भूस्खलन से मार्ग बंद है। यमुनोत्री घाटी में अभी यातायात बहाल होने में कई दिन का समय लग सकता है।
थोड़ी सी राहत मिलते ही केदार नाथ में यात्रियों की भीड़ बढ़ती जरूर देखी जा रही है लेकिन अभी भी पैदल मार्ग पर खतरे कम नहीं है। प्रशासन द्वारा 15 सितंबर से फिर से हेली सेवा शुरू करने की बात की जा रही है तथा एक सप्ताह के लिए लगभग 4300 हेली टिकटें भी बुक कराई जा चुके हैं। लेकिन अगर मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें तो राज्य के सात जिलों में 18 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। बद्रीनाथ राजमार्ग पर अभी भी भूस्खलन के कारण यात्रा बाधित हो रही है। एक तरफ खराब मौसम की चेतावनी है तो दूसरी ओर चार धाम यात्रा को फिर से बहाल करने की कोशिशें हो रही है लेकिन इसके बीच यात्रियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। शासन प्रशासन की जल्द यात्रा शुरू करने की तैयारी है वही आफत की बारिश से अनहोनी की भी आशंकाएं हैं।




