गो-माता को राष्ट्रमाता का सर्वोच्च सम्मान दिलाने के लिए होगा आंदोलन: संत गोपाल मणि

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देहरादून। आजादी के 75 वर्षो बाद भी आजादी की सूत्रधार, अमृत की प्रदाता, हमारी आस्था व श्रद्धा का केन्द्र व राष्ट्र की सुख समृद्धि के मूल आधार तथा विकास की जननी गौ माता की हत्या का कलंंक इस ऋषि—मुनियों क तपोभूमि पर लग रहा है। जिसे समाप्त करवाकर गौ माता को राष्ट्रमाता का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करवाने के लिए हमारे राज्य के सभो गौ राष्ट्र भक्त कर्तव्यनिष्ठ सन्तो की नियुक्ति कर आगामी 6 फरवरी को श्री शंकराचार्य शिविर, माघ मेला क्षेत्र प्रयागराज में होने जा रही गो—संसद मे पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।
यह जानकारी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पूरे विश्व में गौ सेवा की अलख जगाने वाले और गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने के लिए संघर्षरत गौ सेवा अग्रदूत संत गोपाल मणि जी द्वारा दी गयी। उन्होने कहा कि हमारे प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्रों में इस गो—प्रतिष्ठा आंदोलन अभियान का वातावरण निर्माण किया जायेगा। जिसके लिए चारो पीठों के शंकराचार्यो व राष्ट्र के सन्त महापुरूर्षो और प्रधान पीठों के आचार्यो का आदेश तथा इस कार्य की सफलता का दायित्व हमें प्राप्त हुआ है।
उन्होने बताया कि 4 जनवरी को वृंदावन मेंं सभी प्रदेशों के गोभक्तों की एक विशेष सभा होगी। जिसमें आंदोलन के विभिन्न पहलुओं को स्पष्टता देते हुए कमर कसी जायेगी। उन्होने बताया कि 15 जनवरी से 23 जनवरी तक दिल्ली में गो—प्रतिष्ठा आदोलन हेतू ग्यारह गो विशेषज्ञ समूहों की बैठक आयोजित की जायेगी। जिसके बाद 30 जनवरी को इस आंदोलन से जुड़े लोगों का प्रतिनिधिमंडल देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व विभिन्न प्रदेशो के मुख्यमत्रियों से मिलेगा। फिर 6 फरवरी को प्रयागराज में एक वृहद गो—संसद का आयोजन होगा। जिसमें गो संसद द्वारा पारित प्रस्तावों के अनुसार कार्य करते हुए गोमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने हेतू हर एक प्रयास किये जायेगें।

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