उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के हर्षिल में बनी झील से पानी की निकासी के लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम, सिंचाई विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। विभागीय टीमों ने नदी के समानांतर एक नहर तैयार कर झील के पानी को चैनलाइज किया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विभिन्न विभागों के 30 से अधिक कर्मचारियों ने शनिवार को युद्ध स्तर पर काम करते हुए झील से पानी की निकासी सुनिश्चित की।
पांच अगस्त की आपदा से धराली और हर्षिल में भागीरथी नदी का प्रवाह प्रभावित हो गया था। धराली में भागीरथी नदी का प्रवाह मुखबा गांव के ठीक नीचे हो रहा है, वहीं, हर्षिल में नदी के मुहाने पर बड़े-बड़े पेड़, बोल्डर और मिट्टी-गाद फंसने से यहां झील बनने लगी थी और इसका दायरा 1200 मीटर तक पहुंच गया था और झील की गहराई 15 फिट तक मापी गई थी। लगातार हो रही बारिश के बीच पानी की बहुत कम निकासी से बढ़ते जल स्तर पर यहां गंगोत्री हाईवे भी भी झील में समा गया था। झील के बढ़ते खतरे के बीच यूजेवीएनएल और सिंचाई विभाग के 30 इंजीनियरों की टीम के साथ ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन पिछले तीन दिन से झील को पंचर करने में जुटे थे।




