देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर प्रत्येक वर्ष समाज मे बेहतरीन कार्य करने हेतु मित्र सम्मान से सम्मानित किया जाता हैं। इस क्रम में देहरादून के जिलाधिकारी को सम्मानित होना था। स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमन्त्री के आगमन के व्यस्तता के चलते आज सुबह 11—30 बजे जिलाधिकारी शहीद स्मारक सभागार हाल में पहुंचे, जहंां सभी राज्य आंदोलनकारी उनके सम्मान में खड़े होकर उनका ताली बजाकर स्वागत किया। पुष्पलता सिलमाणा एवं द्वारिका बिष्ट के साथ सत्या पोखरियाल व विजय लक्ष्मी गुसांई ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया साथ ही जगमोहन सिंह नेगी एवं डा. अतुल शर्मा, रविन्द्र जुगरान, पृथ्वी सिंह नेगी और वेदा कोठारी ने उन्हे शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
बैठक का संचालन करते हुये प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने सभी राज्य आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी द्वारा समाज के लिये किये गये अच्छे कार्यों और उनकी बेहतरीन कार्यश्ौली के बारे में बताया। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि हमने राज्य आन्दोलन से लेकर राज्य बनने तक कई अधिकारी देखें जिसमें बहुत अच्छे अधिकारी भी मिलें लेकिन देहरादून शहर में अपनी अच्छे फैसले और कार्यवाही से जन जन तक वाह वाही हुई हैं। इसके लिये मुख्यमन्त्री ने एक अच्छा अधिकारी देहरादून को दिया इससे जनमानस को तों लाभ मिला ही हैं साथ सरकार में भी अच्छा सन्देश जाता हैं। पूर्व राज्य मन्त्री रविन्द्र जुगरान ने जिलाधिकारी की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुये कहा कि जिलाधिकारी के प्रत्येक सोमवार को जनता दरबार से सैंकड़ों लोग लाभान्वित हो रहें हैं फिर चाहें बुजुर्ग लोगो की मदद हो या दिव्यांग और अनाथ के साथ आपदा में अपने कार्यों से साबित किया।
जिलाधिकारी द्वारा अपने सम्बोधन में मित्र सम्मान हेतु उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि कार्यों को अंजाम देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी हैं। जो हमें अपने वरिष्ठों और जनप्रतिनिधियों से भी प्रेरित करने का काम करता हैं। हम सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। मैं 1994 के उस दौर को समझ सकता हूं कि कैसे आप लोगों को अपने बच्चों को छोड़कर रात दिन संघर्ष कर जेल तक जाना पड़ा और उसी का परिणाम पृथक उत्तराखण्ड राज्य प्राप्ति हैं।
प्रदेश प्रवक्ता महासचिव रामलाल खंडूड़ी और युद्धवीर सिंह चौहान ने कहा क़ि राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर माननीय मुख्यमन्त्री के द्वारा की गईं घोषणाओं का शीघ्र शासनादेश जारी किया जाय साथ ही जो लम्बित सम्मान पत्र भी प्रत्येक राज्य आंदोलनकारी तक पहुंचे। पृथ्वी सिंह नेगी और केशव उनियाल के साथ धर्मपाल रावत ने सरकार से मांग क़ि क़ि चिन्हीकरण हेतु नियमों शिथिलता बरती जाय जिससे बुजुर्ग मातृशक्ति के साथ न्याय हो सकें।
बैठक मॆं डा. अतुल शर्मा केशव उनियाल , रविन्द्र जुगरान , जगमोहन सिंह नेगी , देवी गोदियाल , अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी , वेदा कोठारी , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , विशम्भर दत्त बौठीयाल , पूरण सिंह लिंगवाल , जबर सिंह बर्तवाल , द्विज बहुगुणा , युद्धवीर सिंह चौहान , सुरेश नेगी , मोहन खत्री , चन्द्रकिरण राणा , शैलेश सेमवाल , धर्मपाल रावत , पुष्पलता सीलमाणा , सत्या पोखरियाल , द्वारिका बिष्ट , विजयलक्ष्मी गुसांई , गुरदीप कौर , कमला भट्ट , राधा तिवारी , रामेश्वरी नेगी , अरुणा थपलियाल , राजेश्वरी परमार , सुमित थापा , विनोद असवाल , मनमोहन नेगी , हरी सिंह मेहर , धर्मानंद भट्ट , सतेन्द्र नौगाँई , साबी नेगी , प्रभात डण्डरियाल , विजय बलूनी , सुशील चमोली , नरेन्द्र नौटियाल , संगीता रावत , हरजिंदर सिंह , मोहन थापा , देवेश्वरी गुसांई , राम पाल, लताफत हुसैन, सूफी खलिक अहमद, संजय शर्मा, सुदेश मंत्री, हरि मेहर , गणेश डंगवाल, सुनील जुयाल, बुद्धिराम रतूड़ी , जयेंद्र सेमवाल, चंद्र किरण राणा, मनोज नौटियाल, मनमोहन नेगी, धर्मानंद भट्ट, दीपक बिष्ट , राकेश काण्डपाल , लक्ष्मी बिष्ट , रामेश्वरी रावत , आदि रहें।




