देहरादून। नकली दवाईयां बनाकर बेचने वाले गिरोह के छठे सदस्य को एसटीएफ ने हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न ब्रांडेड दवाई कंपनियों की जीवन रक्षक दवाईयों की हूबहू नकल कर नकली दवाईयों को तैयार कर बाजार में विक्रय किये जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ पुलिस द्वारा एसटीएफ को कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए थे। जिसके अनुक्रम में एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा अपनी टीमों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि इन नकली दवाईयों को बनाने वालों एवं बाजार में विक्रय करने वाले गैंग की कुंडली तैयार कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रतिष्ठित दवाई कम्पनियों के नकली रैपर व नकली आउटर बॉक्स, लेबल एंव क्यूआर कोड की भारी मात्रा के साथ एक व्यक्ति संतोष कुमार को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। प्रकरण की गम्भीरता देखते हुए उच्चाधिकारियों द्वारा इस मुकदमें की विवेचना भी एसटीएफ को स्थान्तरित की गयी। एसटीएफ द्वारा इस मुकदमें में पूर्व में 5 लोगों को संतोष कुमार, नवीन बसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता व पंकज शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व में गिरफ्तार नवीन बंसल द्वारा पूछताछ में बताया था कि वह ब्रांडेड कम्पनियों की नकली दवाईयां तैयार कर उनको प्रिन्टिड एल्युमिनियम फॉयल में पैक कर स्ट्रिप बनाता था. इसके लिए एल्युमिनियम फॉयल पर ब्रांडेड दवाई कम्पनी का विवरण और क्यूआर कोड की प्रिन्टिंग विजय कुमार पाण्डेय मालिक एसवी फॉयल कम्पनी बद्दी हिमाचल प्रदेश से करवाता था। वर्ष 2021 में विजय कुमार पाण्डेय ने फर्जी आईडी पर एक मोबाईल सिम भी नवीन बसंल को दिया था जिसका प्रयोग नवीन बंसल ने नकली दवाईयों के कारोबार का नेटवर्क संचालित करने में किया था। विजय कुमार पाण्डेय को बद्दी, हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। विजय कुमार पाण्डेय द्वारा पूछताछ में बताया कि में दवाई कम्पनियों की पेंकिंग हेतु एल्यूमिनिम फॉयल रोल में नवीन बंसल और प्रदीप कुमार के बतायेनुसार किसी भी ब्रांडेड दवाई कम्पनी का विवरण और क्यूआर कोड प्रिन्ट कर उन्हें देता था। पकडे गये विजय कुमार पाण्डेय से नकली दवाई बनाने व विक्रय करने वाले गैंग में और कौन—2 व्यक्ति/कम्पनी है इस सम्बन्ध में गहनता से जानकारी की जा रही है। एसटीएफ ने उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




