- पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भगोड़े अपराधी तक पहुंचाये गये थे हथियार व स्मैक
देहरादून। उत्तराखण्ड को शरणस्थली बनाने वाले पंजाब के एक शातिर बदमाश को एसटीएफ उत्तराखण्ड, पंजाब पुलिस व बाजपुर थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्यवाई के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बीती 23 मई को आरोपी बदमाश पंजाब पुलिस की छापेमारी के दौरान फरार होने में सफल रहा था जिसके घर से पंजाब पुलिस ने भारी मात्रा में हरियार व ड्रग्स बरामद की थी। जिसको आरोपी के पास पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पहुंंंचाया गया था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आज सुबह उत्तराखण्ड एसटीएफ, पंजाब पुलिस व बाजपुर पुलिस के ज्वाइंट ऑप्रेशन में जनपद ऊधमसिंह नगर के मौहल्ला केशवनगर, बाजपुर से पंजाब के भगोड़े अपराधी ईशानप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह, निवासी गली नं. 1, सुरता सिंह कॉलोनी, नारायणगढ़, थाना छेहर्टा, अमृतसर सिटी को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि बीती 23 मई को अमृतसर, पंजाब में नशा एवं हथियार तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अमृतसर एवं बीएसएफ टीम द्वारा एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। यह कार्रवाई ईशानप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह, निवासी गली नं. 1, सुरता सिंह कॉलोनी, नारायणगढ़, थाना छेहर्टा, अमृतसर सिटी के आवास पर रेड की गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ईशानप्रीत सिंह मकान की छत से छलांग लगाकर पीछे की ओर से फरार हो गया। तलाशी के दौरान उसके घर से भारी मात्रा में हथियार एवं मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनमें 12 पिस्टल, 3 बरेटा पिस्टल, 3 जिगाना पिस्टल, 6 मेड इन चाइना पिस्टल, 20 मैगजीन व 900 ग्राम हेरोइन शामित थी।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि पंजाब पुलिस से सम्पर्क करने पर ये बात सामने आयी कि ईशानप्रीत के पास सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये बार्डर पर ये हथियार व ड्रग्स पहुँचाये गयी थी। तब से पंजाब पुलिस व सुरक्षा बलों द्वारा उसकी तलाश के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच उत्तराखण्ड एसटीएफ को पंजाब पुलिस के माध्यम से ईशानप्रीत के उत्तराखण्ड में जनपद ऊधमसिंह नगर में होने की सूचना दी गयी जिसपर एक टीम को इस टास्क पर लगाया गया , आज तड़के एसटीएफ उत्तराखंड व पंजाब पुलिस की एएनटीएफ व स्थानीय पुलिस टीम द्वारा चलाये गये ज्वाइंट ऑप्रेशन में बाजपुर के केशवनगर से इस अपराधी को गिरफ्तार किया गया। जिसे पूछताछ के उपरान्त पंजाब पुलिस के सुपुर्द किया गया।




