खुलासाः उत्तराखंड में आतंकी मॉड्यूल तैयार करना था कामिल को

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एटीएस की पूछताछ में मिली जानकारी
मदरसों की आड़ में आतंकी साजिश

देहरादून। यूपी एटीएस द्वारा हरिद्वार और सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों के तार अलकायदा से जुड़े हुए हैं। पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि हरिद्वार से गिरफ्तार कामिल और सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए लुकमान को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकी मॉड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस अहम खुलासे के बाद उत्तराखंड के पुलिस महकमे के भी कान खड़े हो गए हैं।
एटीएस द्वारा सलेमपुर से एक बांग्लादेशी अलीनूर जो यहां सालों से नाम बदलकर रह रहा था और रुड़की के मुदस्सीर और देवबंद के कामिल के साथ मिलकर ज्वालापुर और सलेमपुर में गजवा ए हिंद की फौज तैयार कर रहा था। इन तीनों की हरिद्वार से गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई है कि इनके द्वारा मदरसों की आड़ में किस तरह से मुस्लिम युवाओं के मन में जहर घोलकर आतंकी माड्यूल तैयार किया जा रहा है इनके द्वारा इमदाद के नाम पर चंदा वसूल करने और इस पैसे का आतंकी नेटवर्क तैयार करने पर खर्च करने का खुलासा हुआ है।
इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद जो चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई है उन्हें लेकर पुलिस के अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए हैं। इतने लंबे समय से उत्तराखंड और सहारनपुर में रहने वाले इन संदिग्धों का किस—किस से संपर्क था और इनकी क्या—क्या गतिविधियां थी इसे लेकर अब उत्तराखंड पुलिस ने भी काम शुरू कर दिया है। इन संदिग्धों का इतने लंबे समय से उत्तराखंड में रहना तथा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को इनके बारे में भनक तक न लग पाना भी उनकी कार्यप्रणाली पर एक गंभीर सवाल है। जबकि पुलिस द्वारा समय—समय पर सत्यापन अभियान भी चलाए जाते रहते हैं फिर भी नाम बदलकर मदरसे में पढ़ाने वाले इन संदिग्धों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुंच सके यह भी एक सवाल है। वही इन गिरफ्तारियों से एक बार फिर मदरसों की संदिग्ध भूमिका भी उजागर हो गई है जिनकी जांच कराने का मुद्दा इन दिनों चर्चा में है।
खबर है कि इन संदिग्धों के संपर्क में आए लोगों की तलाश में पुलिस या एटीएस फिर छापेमारी कर सकती है तथा कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।

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