भारत की वास्तविकताः भ्रष्टाचार और गंदी सड़केंः नारायण मूर्ति

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भ्रष्टाचार व पर्यावरण की जिम्मेवारी युवा खुद ले
राष्ट्रवाद समाज के हित निजी हित से ऊपर रखें

विजयनगरम/राजम। भारत की वास्तविकता है करप्शन और गंदी सड़कें। देश के नेताओं और सामाजिक संगठनों को आईना दिखाने वाली यह बात आज इन्फोसिस के फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति द्वारा विजयनगरम जिले के राजम में आयोजित जीएमआरआईटी के जयंती समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कही गई।
यह अलग बात है कि आज हम आजादी के इस अमृत महोत्सव काल में केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत देश के नेताओं और समाजसेवी संगठनों के हाथों में झाड़ू लेकर सड़कों पर सफाई करते और दस्ताने पहनकर कचरा समेटते उनकी फोटो आए दिन देखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा खुले में शौच रोकने के लिए करोड़ों इज्जत घर बनवाए गए हो जिसके लिए नेता अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं लेकिन इन योजनाओं के ढकोसला का सच भी हम सभी जानते हैं।
नारायण मूर्ति की यह टिप्पणी वास्तव में उन तमाम लोगों को सच का आईना दिखाने वाली हैं। भ्रष्टाचार और गंदगी तथा प्रदूषित वातावरण हमारे देश की वास्तविकता पर नारायण मूर्ति द्वारा दिया गया यह बयान भले ही किसी को अच्छा न लगे लेकिन एक बड़ा सच है। वह सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि हमें उससे सबक लेना चाहिए कि सड़कों व पर्यावरण की स्वच्छता क्या होती है।
नारायण मूर्ति छात्रों को संबोधित करते हुए कहते हैं कि इस बात का कोई महत्व नहीं है किसने क्या किया महत्व तो इस बात का है कि तुमने राष्ट्र और समाज के लिए क्या किया है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि आप युवा हैं भ्रष्टाचार और प्रदूषण मुक्त साफ सुथरा वातावरण बनाने की जिम्मेवारी आपको अपने कंधों पर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है कि जब आप राष्ट्र और समाज हितों को अपने निजी हितों से ऊपर रखे।

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