August 5, 2026रेलमंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर दी मंजूरी चम्पावत। जनपद एवं सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात के रूप में बनबसा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15093/15094 अछनेरा—टनकपुर एक्सप्रेस के ठहराव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।भारत सरकार के रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौघोगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री द्वारा 8 जुलाई 2026 को जनसुविधा के दृष्टिगत बनबसा रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी के ठहराव का अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए बनबसा रेलवे स्टेशन पर अछनेरा—टनकपुर एक्सप्रेस के ठहराव की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से जनपद चम्पावत एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को एक महत्वपूर्ण रेल सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से यात्रियों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी तथा पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एवं रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा सीमांत क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
August 5, 2026अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है। करोड़ों लोगों की आस्था, वर्षों के संघर्ष और राष्ट्रीय भावनाओं का प्रतीक है। इसलिए जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी या अनियमितता का मुद्दा संसद तक पहुँचता है, तो यह केवल विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं रह जाता। यह देश की आस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न बन जाता है। संसद में इस मुद्दे पर जिस तरह हंगामा हुआ, उसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या हम हर संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौलने लगे हैं? सत्ता पक्ष विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाता है, तो विपक्ष सरकार से जवाब मांगता है। लेकिन इस शोर-शराबे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल कहीं पीछे छूट जाता है सच्चाई क्या है? यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यदि आरोप निराधार हैं, तो तथ्यों के साथ उन्हें खारिज किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में न तो आरोपों को बिना जांच के सच मान लिया जाना चाहिए और न ही केवल राजनीतिक असुविधा के कारण सवाल पूछने वालों को खामोश करने की कोशिश होनी चाहिए। राम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु करोड़ों रुपये, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ श्रद्धा के साथ अर्पित करते हैं। यह केवल धन नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास है। उस विश्वास की रक्षा करना मंदिर प्रशासन, संबंधित ट्रस्ट और सरकार सभी की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए वित्तीय लेन-देन, दान और चढ़ावे के प्रबंधन में उच्च स्तर की पारदर्शिता अनिवार्य है। दूसरी ओर, विपक्ष की भी जिम्मेदारी है कि वह तथ्यात्मक आधार पर सवाल उठाए। यदि उसके पास दस्तावेज़ या ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करे और निष्पक्ष जांच की मांग करे। लेकिन यदि केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए आरोप लगाए जाते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक विमर्श कमजोर होता है और जनता का भरोसा भी प्रभावित होता है। संसद बहस का मंच है, शोर का नहीं। यदि हर संवेदनशील मुद्दा केवल नारेबाजी में बदल जाएगा, तो समाधान कभी नहीं निकलेगा। जनता यह अपेक्षा करती है कि संसद में आरोपों का जवाब तथ्यों से दिया जाए, न कि केवल राजनीतिक नारों से। यह मामला केवल राम मंदिर का नहीं है। देश के सभी बड़े धार्मिक संस्थानों चाहे वे मंदिर हों, मस्जिद, गुरुद्वारे या चर्च में प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और नियमित लेखा-परीक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। आस्था जितनी बड़ी होती है, जवाबदेही भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए उससे जुड़ा कोई भी आरोप अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों को इस विषय पर संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। सरकार और संबंधित संस्थाओं को यदि कोई संदेह पैदा हुआ है, तो उसे दूर करने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्यों को सामने रखना चाहिए। वहीं विपक्ष को भी तथ्य और प्रमाण के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। आस्था का सम्मान तभी सुरक्षित रहेगा, जब उसके साथ जुड़ी हर व्यवस्था भी पारदर्शी और जवाबदेह होगी। संसद का दायित्व है कि वह इस विश्वास को मजबूत करे, न कि उसे राजनीतिक टकराव का माध्यम बनाए।
August 5, 2026मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में 18 करोड़ रुपये की दान चोरी का दावा किया है। अब इस मामले में महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग ने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट से डिटेल्ड फाइनेंशियल रिपोर्ट मांगी है।महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग की तरफ से रिपोर्ट तलब किए जाने पर मंदिर ट्रस्ट ने अपना पक्ष रखा है। ट्रस्ट ने दान में हेरफेर का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट मांगने के दावों से इनकार किया है। मंदिर ट्रस्ट ने कहा कि कानून और न्याय विभाग का ताजा कदम उसकी गुजारिश पर ही आया है। ट्रस्ट ने बताया कि इस साल मई में उसने ही विभाग से मंदिर के डिटेल्ड ऑडिट की गुजारिश की थी, जो इन आरोपों के सामने आने से कई महीने पहले की गई थी।सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन और शिवसेना नेता सदानंद सरवणकर ने बताया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमने जहां भी जरूरी था, वहां मामले दर्ज कराए है।
August 5, 2026मुंबई। बॉलीवुड के फेमस एक्टर प्रदीप रावत के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके निधन से इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। टीवी से बॉलीवुड तक पर छाने वाले प्रदीप रावत के निधन से उनके फैंस की आंखें भी नम हो गई हैं। 74 साल की उम्र में एक्टर का निधन कैंसर से हुआ है। वहीं इस दुखद खबर की जानकारी उनके करीबी दोस्त और बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा ने उनके फैंस के साथ शेयर की है।उनका पार्थिव शरीर आज दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक मुंबई के गोरेगांव वेस्ट स्थित इम्पीरियल हाइट्स में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे उनके पार्थिव शरीर को जोगेश्वरी वेस्ट स्थित ओशिवारा श्मशान घाट ले जाया जाएगा, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान उनके परिवार और करीबी मौजूद होंगे। वहीं परिवार और प्रशंसक उन्हें नम आंखों से विदाई भी देंगे।प्रदीप रावत कई फिल्मों में काम कर अपनी एक्टिंग से ऑडियंस का दिल जीत चुके थे। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत साल 1985 में आई फिल्म ‘मेरी जंग’ से की थी। हालांकि इस फिल्म में उनका किरदार छोटा था। इसके बाद उन्होंने ‘महाभारत’ में ‘अश्वत्थामा’ का किरदार निभाया। वहीं साल 2005 में आई फिल्म ‘गजनी’ में एक्टर ने विलेन का किरदार निभाया था, जिसे लोगों ने खूब पसंद भी किया था।
August 4, 2026उधमसिंहनगर। पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग करने वाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से घटना मेंं प्रयुक्त पिस्टल, तमंचा, कारतूस, दो स्कार्पियों वाहन व अन्य सामान बरामद किया गया है।जानकारी के अनुसार बीती 27 जुलाई को कोतवाली गदरपुर में सहजपाल सिंह पुत्र गुरपाल सिंह निवासी ग्राम बेरिया दौलत, थाना केलाखेड़ा जिला ऊधमसिंह नगर ने तहरीर देकर बताया था कि बाजपुर क्षेत्रान्तर्गत दोनों पक्षों में मारपीट होने की पुरानी रंजिश को लेकर 26 जुलाई की शाम नामजद आरोपियो द्वारा सरदार नगर अण्डर पास कट के पास फायरिंग कर उन पर व उसके दोस्तो पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी गयी थी। जिसमें उनके मित्र गुरशरण उप्पल उर्फ गगन के पैर पर गोली लग गयी।आरोपियों द्वारा उनके मित्र सौरभ बाबा के साथ भी मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया गया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गयी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीमों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद बीती शाम फरार चल रहे चार लोगों को हरिपुरा जलाशय के पास गूलरभोज से गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके पास स घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक तंमचा, दो कारतूस, दो स्कार्पियों बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम राजवीर सिंह विर्क पुत्र मांगा सिंह निवासी मुकंदपुर डेरा थाना गदरपुर जनपद उधमसिंह नगर, आकाशदीप सिंह पुत्र मंजीत सिंह निवासी बरेली नगर नंबर दो ग्राम सभा सरोवर नगर थाना गदरपुर जनपद उधमसिंह नगर, प्रशान्त सिंह उर्फ मनी उर्फ पिद्दी पुत्र अनिल सिंह निवासी— वार्ड नं.—2 गदरपुर कोतवाली गदरपुर जिला उधमसिंह नगर व सौरभ कुमार पुत्र नेक राम निवासी शिवपुरी थाना केला खेड़ा जनपद उधमसिंह नगर बताये जा रहे है।
August 4, 2026चम्पावत। नशा तस्करी में लिप्त दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से लगभग डेढ़ किलो चरस बरामद की गयी है।जानकारी के अनुसार बीते रोज एसओजी व थाना लोहाघाट पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में कुछ नशा तस्कर नशीले सामान की एक बड़ी खेप सहित आने वाले है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए एसओजी व लोहाघाट पुलिस क्षेत्र में संयुक्त चैकिंग अभियान चला दिया। इस दौरान पुलिस को देवीधार पंचेश्वर रोड, लोहाघाट में बाइक सवार दो संदिग्ध आते हुए दिखायी दिये। पुलिस ने जब उन्हे रूकने का इशारा किया तो वह बाइक मोड़कर भागने लगे। इस पर उन्हे घेर कर दबोचा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 1.490 किलोग्राम चरस बरामद हुई। पूछताछ में उन्होने अपना नाम आयुष चंद्र आर्य पुत्र स्व. चंद्र प्रकाश, निवासी पुनेठा पेट्रोल पंप के पास, छतार, जनपद चम्पावत व सौरव टम्टा पुत्र दिनेश राम, निवासी ग्राम नसखोला, थाना पंचेश्वर, जनपद चम्पावत बताया। बताया कि बरामद चरस उन्होंने स्थानीय स्तर पर ही तैयार की थी जिसे वह चम्पावत के एक व्यक्ति को ऊचे दाम में बेचने के उद्देश्य से ले जा रहे थे। बहरहाल पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं मेें मुकदमा दर्ज कर उन्हे न्यायालय मे पेश किया जहंा से उन्हे जेल भेज दिया गया है।