चमोली/देहरादून। देशभर में लगातार बढ़ती तेल कीमतों के बीच उत्तराखंड में भी ईंधन संकट गहराने लगा है। खासतौर पर चारधाम यात्रा मार्ग पर पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। बदरीनाथ, केदारनाथ यात्रा मार्ग के कई पेट्रोल पंप सूख चुके हैं, जबकि कई जगह सीमित मात्रा में ही तेल दिया जा रहा है।
चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही चमोली जिले में ईंधन संकट गंभीर होता जा रहा है। बदरीनाथ स्थित जीएमवीएन पेट्रोल पंप पर प्रशासन ने पेट्रोल और डीजल की सीमा तय कर दी है। यहां एक वाहन को अधिकतम 800 रुपये का पेट्रोल और 1000 रुपये का डीजल ही दिया जा रहा है।
ज्योतिर्मठ के एकमात्र पेट्रोल पंप पर तेल खत्म होने के बाद यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए पुलिस के सामने नारेबाजी भी की। प्रशासन ने यात्रियों से अनावश्यक ईंधन भंडारण न करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। वहीं चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। श्रीनगर शहर के पांच में से चार पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया। रुद्रप्रयाग में कई पंपों पर सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है। पीपलकोटी और ज्योतिर्मठ में यात्रियों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। यहंा कई यात्री घंटों इंतजार के बाद भी तेल नहीं भरवा सके।
पूर्ति विभाग के अनुसार रविवार को ईंधन टैंकर समय पर नहीं पहुंच पाए, जिससे संकट और गहरा गया। प्रशासन का कहना है कि भुगतान और आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव के कारण अस्थायी समस्या उत्पन्न हुई है। हालांकि जल्द आपूर्ति सामान्य करने का दावा किया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को प्रतिदिन करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। एलपीजी सिलेंडर पर भी कंपनियों को घाटा उठाना पड़ रहा है।




