- धर्मनगरी हरिद्वार में देर रात फिर चली गोलियां, महिला घायल
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने एक बार फिर कानून—व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते कुछ दिनों में गोलीबारी और हत्याओं की घटनाओं के बाद अब हरिद्वार जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। नारसन क्षेत्र के खेड़ा जट गांव में देर रात पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया, जहां दो परिवारों के बीच जमकर गोलियां चलीं। अचानक हुई इस फायरिंग से पूरे गांव में दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार खेड़ा जट गांव निवासी उधम सिंह के परिवार और दूसरे पक्ष के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चला आ रहा था। यह रंजिश पहले भी कई बार विवाद और मारपीट का कारण बन चुकी है। बीती देर रात दोनों पक्ष आमने—सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गई और दोनों ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इस गोलीबारी में उधम सिंह की पत्नी अलका गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गईं। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़ीं, जिससे परिजनों में चीख—पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही नारसन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल नारसन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। महिला की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद खेड़ा जट गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और लगातार गश्त की जा रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि मामला पुराने विवाद से जुड़ा हुआ है। बीते दो दिनों से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जो आखिरकार हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ग्रामीणों से लगातार संवाद कर रहा है। घटना ने एक बार फिर राज्य में बढ़ते अपराध और आपसी रंजिश के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है।
बता दें कि राज्य में बीते दिनो आपराधिक घटनाओ का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जहंा राजधानी देहरादून में एक सप्ताह में तीन महिलाओं की हत्या हो चुकी है वहीं नैनीताल सहित अन्य जिलों में आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है। ऐसे में आम आदमी अब यह सोचने पर मजबूर है कि क्या राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है?




