प्रधानाध्यापिका की जगह 2500 रुपए मासिक पर एक लड़की चला रही थी स्कूल !

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श्रीनगर। प्रदेश में शिक्षा की स्थिति पर चिंतन तो काफी होता है, लेकिन धरातल पर कभी नहीं उतर पाता। प्रदेश के कई स्कूल शिक्षक विहीन होने से बंद हो चुके हैं, तो कई शिक्षक दुर्गम स्थानों पर जाना नहीं चाहते हैं। कुछ ऐसा ही वाक्या फिर देखने को मिला है, जहां प्राथमिक विद्यालय से से प्रधानाध्यापिका नदारद मिली। इतना ही नहीं प्रधानाध्यापिका ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए 2500 रुपए मासिक पर एक लड़की को भी रखा हुआ है। मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी के निरीक्षण के दौरान इस बात से पर्दा उठा। जिसके बाद प्रधानाध्यापिका के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ। आनंद भारद्वाज ने थलीसैंण के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बग्वाड़ी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ। आनंद भारद्वाज ने पाया की राजकीय प्राथमिक विद्यालय बग्वाड़ी की प्रधानाध्यापिका शीतल रावत द्वारा अपने स्थान पर किसी ग्रामीण लड़की को छात्र-छात्राओं के अध्ययन हेतु रखा गया है। जिसे प्रधानाध्यापिका शीतल रावत द्वारा प्रतिमाह 2500 मासिक दिए जाते हैं।
उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा उप शिक्षा अधिकारी थलीसैंण को निर्देशित किया गया है कि वे उक्त प्रकरण की विस्तृत जांच करने को कहा है। इस संबंध में प्रधानाध्यापिका शीतल रावत का स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक प्रधानाध्यापिका के वेतन पर रोक लगाने के आदेश मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए हैं

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