- कांग्रेसी क्या हरीश की बात पर करेंगे विचार—मंथन
देहरादून। पूर्व सीएम हरीश रावत द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखी गई पोस्ट जिसमें उन्होंने भाजपा की दिल्ली जीत और बिहार की तैयारी का जिक्र करते हुए कहा है कि पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह जहंा बेस्ट हिटर और रणनीतिकार हैं वहीं हमारे पास हार के बाद एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की होड़ करने वाले नेता है। हमें इस बात पर मंथन करने की जरूरत है।
उनके इस पोस्ट में क्रिकेटर रोहित शर्मा और नरेंद्र मोदी का नाम लेकर पूछा गया है कि बेस्ट हिटर कौन है? इस प्रमुख सवाल के बारे में कहा जा रहा है कि हरीश रावत भी अब मोदी और शाह की तारीफ कर रहे हैं। लेकिन दूसरा सवाल यह भी है कि वह भाजपा और उनके नेताओं की तारीफ कर रहे हैं या फिर कांग्रेस के उन नेताओं को हिट करते हुए नसीहतें दे रहे हैं जो कुछ काम करने की बजाय सिर्फ इस काम में ही लगे रहते हैं कि अपनी हार और नाकामी के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए।
सही मायने में उनका यही कहना है कि ऐसे नेताओं को आत्म मंथन की जरूरत है तथा मोदी और शाह की रणनीति साम, दाम, दंड,भेद के जरिए सिर्फ जीत हासिल करना होता है उससे नसीहत लेने की। उनका साफ कहना है कि अभी दिल्ली जीता है लेकिन उससे पहले ही भाजपा ने बिहार कैसे जीतना है इसकी तैयारी शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस के नेता अरविंद केजरीवाल क्यों हारे तथा कांग्रेस क्यों हारी उसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए इसी पर मंथन करने में जुटे हैं।
हरीश रावत ने कहा है कि अगर आम आदमी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर यह चुनाव लड़ी होती तो उसकी हार नहीं हो सकती थी। हरीश रावत की इस पोस्ट का अब भाजपा और कांग्रेस के नेता पोस्टमार्टम करने में जुटे हुए हैं, जिसकी कोई जरूरत नहीं है। हरीश रावत अव्वल तो भाजपा नेताओं की तारीफ इसलिए तो कतई नहीं कर सकते कि भाजपा नेताओं द्वारा कुछ अच्छा किया जा रहा है और न अब इस अवस्था में वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वाले हैं। उनकी इस पोस्ट का या मोदी और शाह की तारीफ करने का एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस के उन नेताओं को नसीहत देना है जो आपसी कुर्ता घसीटन में ही जुटे रहते हैं। यह बात अलग है कि अब उनकी कोई सुनता समझता है या नहीं।



