नई दिल्ली। गोवा पुलिस ने 6 दिसंबर को पणजी के एक नाइट क्लब में लगी आग के आरोपी ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी घायल भी हुए थे। वहीं खोसला के साथ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले अमोनकर ने कहा कि उसे बड़े लोगों का संरक्षण मिला हुआ है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज शनिवार को बताया कि घटना के समय सुरिंदर खोसला गोवा में ही था और शायद हादसे के अगले ही दिन ब्रिटेन (UK) भाग गया। उनका कहना है, “हमने उसे ब्रिटेन से वापस लाने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।” ऐसा माना जाता है कि खोसला अरपोरा में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के मालिकों में से एक है, जहां 6 दिसंबर की रात को भीषण आग लग गई थी। जिस जमीन पर यह नाइटक्लब बनाया गया, वह खोसला को ही लीज पर दी गई थी, जिसकी जमीन के मूल मालिक प्रदीप घड़ी अमोनकर के साथ लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया, “जब नाइटक्लब में आग लगी तब खोसला गोवा में ही मौजूद था। हालांकि, कुछ ही समय बाद वह ब्रिटेन भाग गया, शायद अगले ही दिन (7 दिसंबर)।” पुलिस इस घटना अब तक नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा तथा अजय गुप्ता समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
दूसरी ओर, खोसला के साथ जमीन को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे प्रदीप घड़ी अमोनकर ने कल यह दावा किया कि इस मामले के आरोपियों में शामिल सुरिंदर खोसला को ‘बड़े लोगों का’ संरक्षण मिला हुआ है और वह ब्रिटेन फरार होने में कामयाब हो गया है।




