उत्तराखंड में खनन का जो धंधा इतने व्यापक स्तर पर होता है वह कितना वैध और कितना अवैध है? इस मुद्दे पर सतारूढ़ भाजपा के नेताओं की राय एक नहीं है, वहीं भाजपा के नेताओं का दावा है कि राज्य में अवैध खनन को सरकार ने पूरी तरह रोक दिया है जबकि कांग्रेस के नेता और हाईकोर्ट इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। बीते कल ही नैनीताल हाई कोर्ट द्वारा बाजपुर में कोसी नदी से हो रहे अवैध खनन में लिप्त लोगों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं वहीं नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने शासन प्रशासन में बैठे नेताओं और अधिकारियों की संलिप्ता का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके गठजोड़ के कारण ही राज्य में अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है। अभी सिर्फ चार दिन पहले की बात है हरिद्वार से सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत द्वारा उत्तराखंड के चार जिलों जिसमें राजधानी दून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर शामिल थे अवैध खनन और अवैध खनन ढोने वाले वाहनों से सड़कों व पुलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा संसद में उठाया गया था। भाजपा का कोई सांसद अगर अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार के खिलाफ कुछ बोले तो इस पर सत्ता में बैठे लोगों का असहज होना स्वाभाविक है। राज्य की धामी सरकार ने अपने खनन सचिव को तुरंत मैदान में उतरा। जिनका कहना था कि राज्य में अवैध खनन पर रोक लगाकर ही सरकार ने इस साल खनन से 1025 करोड़ का राजस्व जुटाया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भटृ भी कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार की राजस्व कमाई को पचा नहीं पा रही है। इसलिए कांग्रेसी नेता बौखला रहे हैं। सवाल यह है कि अगर कांग्रेसी इससे बौखलाए हुए हैं तो क्या उनके सांसद त्रिवेंद्र रावत और नैनीताल हाई कोर्ट भी बौखलाए हुए हैं जो इसे संसद में उठा रहे हैं या खनन माफिया पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे रहे हैं। इस बात को सभी जानते हैं कि राज्य में अवैध खनन का धंधा कितने व्यापक स्तर पर होता है। तथा यह भी सच है कि खनन और आबकारी राज्य सरकार की आय के प्रमुख स्रोत है। लेकिन राज्य में खनन और शराब से जितनी अवैध कमाई होती है उसके सच को सरकार भला कैसे नकार सकती है। पूर्व सीएम हरीश रावत तो मुख्यमंत्री धामी को खनन प्रिय मुख्यमंत्री तक कहते रहे हैं। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोनों ही पूर्व सीएम भगत दा की राजनीति की पाठशाला से निकले हैं। अच्छा हो कि भाजपा नेता खुद ही यह तय कर ले कि राज्य में खनन का जो धंधा होता है उसमें कितना वैध धंधा है और कितना अवैध धंधा है। अभी बीते कल ही विकास नगर क्षेत्र के ढकरानी में अवैध खनन से भरे कई बड़े वाहन सीज किए गए हैं। डोईवाला टोल प्लाजा पर खनन से भरे डंपर ने दो लोगों की जान ले ली। यह सब क्या है इसका जवाब देय किसी को तो होना ही चाहिए।




