धामी फिर बने सूबे के सरदार

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चुना गया विधानमंडल दल का नेता
23 मार्च को होगा शपथ ग्रहण

देहरादून। भाजपा ने एक बार फिर कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाया गया है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के रुप में आए राजनाथ सिंह और मीनाक्षी लेखी की मौजूदगी में उनके नाम का प्रस्ताव विधानमंडल दल की बैठक में लाया गया जिसका अनुमोदन सभी विधायकों द्वारा किया गया।
उनके चुनाव हारने के बाद भी इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि हाईकमान उन्हें ही दोबारा सरकार चलाने का मौका देंगे। अब विधानमंडल दल का नेता चुने जाने के बाद यह साफ हो गया है कि पुष्कर सिंह धामी राज्य के 12वें मुख्यमंत्री होंगे। संभवतः वह अभी आज ही राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। नई सरकार का 23 मार्च को परेड ग्राउंड में होगा शपथग्रहण। इससे पूर्व जौली ग्रांट से राजनाथ सिंह ने एक होटल पहुंचकर धामी, सतपाल महाराज, डॉ निश्ंाक सहित तमाम सांसद व विधायकों के साथ बैठक की। उनके साथ प्रदेश प्रभारी प्रह्लाद जोशी भी मौजूद थे।
यह उल्लेखनीय है कि पुष्कर सिंह धामी के चुनाव हारने के बाद नए मुख्यमंत्री के लिए जिस तरह की लाबिंग शुरू हुई एक के बाद एक नए दावेदार का नाम भावी मुख्यमंत्री की सूची में जुड़ता चला गया। चुनाव जीत कर आए विधायकों में से सतपाल महाराज से लेकर धन सिंह रावत, मदन कौशिक से लेकर रितु खंडूरी व रेखा आर्य सहित तमाम विधायकों के नाम चर्चाओं में रहे। वहीं केंद्रीय मंत्री अजय भटृ से लेकर पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक व अनिल बलूनी तक के नामों पर चर्चा लगातार जारी रही। भले ही पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए हो लेकिन उनका नाम इस दौड़ में सबसे आगे रहा। जीत कर आए विधायकों में से 6 ऐसे विधायक है जो पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी विधानसभा सीट खाली करने की पेशकश कर चुके थे। भावी प्रत्याशियों द्वारा अपनी लाबिंग में कोई कमी नहीं छोड़ी गई थी यह नेता लगातार केंद्रीय नेताओं से संपर्क साधते देखे गए।
उत्तराखंड में 14 फरवरी को दूसरे चरण के साथ सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए एक साथ मतदान हुआ था जिसका परिणाम 10 मार्च को आया था। भाजपा ने 47 सीटों पर जीत दर्ज कर लगातार राज्य में दूसरी बार सरकार बनाने का इतिहास तो रच डाला लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जिसके कारण नए मुख्यमंत्री के चुनाव में उलझी भाजपा को इसे सुलझाने में पूरे 10 दिन का समय लगा। कई दौर की बैठकों और चिंतन—मंथन के बाद हाईकमान ने सूबे के मुखिया का नाम तय किया और इसकी संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी कराने की जिम्मेवारी पर्यवेक्षक के तौर पर भेजे गए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मीनाक्षी लेखी को सौंपी गई। जिन्होंने आज विधानमंडल दल की बैठक में हाईकमान के फैसले पर मोहर लगवा कर पांचवी विधानसभा के लिए सरकार के गठन का रास्ता साफ कर लिया है।
नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब राज्य की नई सरकार 23 मार्च को शपथ ग्रहण के साथ अस्तित्व में आ जाएगी। नेता विधानमंडल दल के चुनाव के बाद आज ही सरकार गठन के लिए दावा पेश किया जा सकता है। स्थानीय परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण की तैयारियां जारी है। क्योंकि शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी के शिरकत करने की बात कही जा रही है।

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