अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने को लेकर कांग्रेसियों ने किया मौन प्रदर्शन

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  • सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप

देहरादून। अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में आज सैकड़ों कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौन धरना प्रदर्शन किया।
स्थानीय गांधी पार्क में आयोजित मौन धरना प्रदर्शन के द्वारा कांग्रेस ने सरकार पर आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े तमाम सवाल उठाए गए हैं। हाथों में सवाल लिखे नारों की तख्तियां लेकर धरने पर बैठे कांग्रेसियों ने सरकार से पूछा है कि आखिर अंकिता भंडारी को न्याय कब मिलेगा? उन्होंने सरकार से उस वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग की है जिसको स्पेशल सर्विस देने के लिए अंकिता भंडारी पर दबाव बनाने की बात सामने आई थी। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इस हत्याकांड के साक्ष्य मिटाने के प्रयास किए जाते हैं। अंकिता भंडारी के कमरे पर बुलडोजर क्यों चलाया गया। घटना के तुरंत बाद रिजार्ट को सील क्यों नहीं किया गया? तथा घटना के बाद रिजार्ट के एक हिस्से में आग किसने लगाई जैसे मुद्दे इस मौन प्रदर्शन के जरिए कांग्रेसी नेताओं ने उठाए हैं।
धरने पर बैठने से पूर्व करन माहरा ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय इसलिए नहीं मिल पा रहा है क्योंकि सबूतों को मिटा दिया गया है। न्याय तो सबूतों के आधार पर ही मिलता है और हम बार—बार उन्हीं सबूतों का सवाल उठा रहे हैं जिन्हें शासन प्रशासन में बैठे लोगों द्वारा मिटा दिया गया है या मिटाने का प्रयास किया गया है।
उल्लेखनीय है कि 19—20 सितंबर 2022 की इस घटना के तीन आरोपी अभी भी जेल में है जिसमें भाजपा नेता के बेटे और रिजार्ट के मालिक का बेटा पुलकित आर्य व उसके दो रिजार्ट कर्मी सौरभ व अंकित शामिल है। आरोपियों की निशानदेही पर अंकिता की बॉडी तो उस समय बरामद हो गई थी लेकिन उसे न्याय कब मिलेगा यह सवाल आज भी सवाल ही बना हुआ है। उधर अंकिता के परिजनों का कहना है कि आरोपियों के रसूखदार होने के कारण उन्हें उम्मीद नहीं है कि वह अपनी बेटी को कभी न्याय दिला पाएंगे।

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