चारों धामों में बिछी बर्फ की चादर

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चारधाम यात्रा पर मौसम की मार और कोविड का खतरा

चारधाम यात्रियों के लिए कोरोना नियम जरूरी
आगामी एक सप्ताह तक खराब रहेगा मौसम
रसद व जरूरी सामान धामों तक पहुंचना मुश्किल


देहरादून। चारधाम यात्रा का आगाज कल 21 अप्रैल से होने जा रहा है गंगोत्री यमुनोत्री के लिए कल रवाना होने वाले यात्रियों के जत्थे का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ऋषिकेश में हॉलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। 22 अप्रैल दोपहर गंगोत्री—यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही इस यात्रा का विधिवत श्रीगणेश हो जाएगा। 25 अप्रैल को केदारधाम मंदिर व 27 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट खुलने के बाद 6 माह तक यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी।
चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड शासन—प्रशासन से लेकर आम नागरिकों तथा व्यवसायियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है लेकिन इस उत्साह के बीच मौसम की बेरुखी ने बड़ा खलल डाल रखा है वहीं बीते कुछ दिनों से राज्य में बढ़ते कोरोना के केस भी चिंता का विषय बने हुए हैं। होली के बाद से मौसम का मिजाज जिस तरह से बिगड़ा हुआ है उसके कारण चारधाम यात्रा की तैयारियों में भारी व्यवधान की स्थिति बनी रही है। मार्च से लेकर अब तक राज्य के सभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार वर्षा व बर्फबारी का जो सिलसिला जारी है उससे यात्रा मार्गों पर किए जाने वाले काम और व्यवस्थाएं आधी अधूरी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में ही नहीं केदार और बद्री धाम में भी अभी भी बर्फ की चादर बिछी हुई है बीते कल से सभी चारों धामों में 3 से 4 इंच तक बर्फबारी हुई है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम बीते 20 दिनों से जारी है इसके बावजूद भी अभी तक रास्ते से बर्फ नहीं हटाई जा सकी है ताजा बर्फबारी और ग्लेशियर टूटने से पैदल मार्ग पर आज भी बर्फ का डेरा है तथा इन धामों में वर्षा व बर्फबारी के कारण तापमान अभी भी शुन्य डिग्री से नीचे है। ऐसी स्थिति में यात्रियों के लिए जरूरी सामान और रसद को धामो तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण काम हो गया है। खास बात यह है कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार अभी आने वाले एक सप्ताह तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया गया है।
चारधाम यात्रा के मद्देनजर हालांकि कोरोना से निपटने की भरपूर तैयारियों की बात कही जा रही है लेकिन अत्यंत कम जांच की स्थिति में भी जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं वह बड़ी चिंता का विषय है। कुछ ही दिनों में राज्य में सक्रिय केसों की संख्या जो 100 से नीचे थी 400 के पास पहुंच गई। यात्रा के दौरान अगर कोरोना के नियमों का कड़ाई से पालन नहीं किया गया तो महाकुंभ जैसे हालात पैदा होने में देरी नहीं लगेगी। क्योंकि इस यात्रा में देशभर से लाखों की संख्या में लोग पहुंचेंगे।

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