चमोली। उत्तराखण्ड में मानव व वन्य जीव संघर्ष थमने का नाम नही ले रहा है। इस क्रम में आज सुबह पोखरी विकासखंड में दो भालू स्कूल परिसर में घुस गये। भालुओं को देखकर बच्चों ने क्लास के गेट बंद कर दिया था। फिर भी भालू एक बच्चे पर अपने नाखूनों से हमला करने में कामयाब हो गये और उसे घसीट कर झाड़ियों में ले गये।
हालांकि इस दौरान छात्र की चीख—पुकार सुनकर दो छात्रों, एक छात्रा और शिक्षक ने हिम्मत दिखाई। सभी लोग एक साथ चिल्लाते हुए भालुओं की तरफ भागे। शोरगुल से घबराकर भालू छात्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग गये। इसके बाद घायल छात्र को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए पास के हॉस्पिटल भेजा गया। इस घटना के बाद स्कूल के छात्र काफी डरे हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार वन विभाग को क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही की सूचना दी गई थी, लेकिन वन विभाग की ओर से न तो गश्त बढ़ाई गई और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था की गई। घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। उन्होंने शासन—प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि विघालयों और आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




