Home News Posts उत्तराखंड कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

0
1010

भाजपा और कांग्रेस की राह आसान नहीं
आप बिगाड़ सकती है दिग्गजों की गणित
आप ने 2022 का चुनाव बनाया दिलचस्प

देहरादून। कल होने वाले मतदान से एक दिन पूर्व आज प्रत्याशियों ने डोर टू डोर बिना दलबल, जनसंपर्क अभियान जारी रखा। प्रत्याशियों ने आज भले ही चुनाव प्रचार न किया हो लेकिन उन्होंने मतदाताओं से घरों से निकलने और अधिक से अधिक संख्या में वोट करने की अपील की। राज्य की 70 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भले ही सभी नेता अपनी—अपनी जीत के दावे कर रहे हो लेकिन आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतारकर इस चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो अपनी पुरानी सीट खटीमा से चुनाव लड़ रहे हैं हैट्रिक की तैयारी में हैं। सूबे के मुखिया होने के नाते उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है वह भाजपा के अघोषित सीएम का चेहरा भी हैं। यही कारण है कि वह मतदान से एक दिन पूर्व भी आज अपने क्षेत्र में घूमते देखे गए और घर—घर जाकर लोगों से मिलते देखे गये। उनका मुकाबला यहां कांग्रेस प्रत्याशी भुवन चंद कापड़ी से है। लेकिन आप प्रत्याशी एसएस कलेर के चुनाव मैदान में आ जाने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा व कांग्रेस किसी के लिए भी इस सीट पर जीत आसान नहीं होगी तथा जीत का अंतर भी मामूली हो सकता है।
ठीक उसी तरह से लाल कुआं से कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। भले ही उन्हें भाजपा प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट की चुनौती से कोई डर न हो लेकिन टिकट काटे जाने से नाराज संध्या डालाकोटी से उन्हें बड़ा खतरा बना हुआ है जो कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में है। उन्हें जितना भी वोट मिलेगा वह हरीश रावत के वोट से कटेगा। लेकिन हरीश रावत के लिए राहत की बात यह है कि यहां टिकट न मिलने से नाराज भाजपा के बागी पवन चौहान भी मैदान में हैं। जो भाजपा प्रत्याशी के वोटों का बटवारा कर उन्हें संतुलन बनाने में सहायक हो रहे हैं। लेकिन यहां भी हार जीत का अंतर बहुत कम रहने की उम्मीद है जो हरीश रावत व भाजपा प्रत्याशी मोहन सिंह की धड़कनें बढ़ाई हुए हैं।
टिहरी गढ़वाल की श्रीनगर सीट पर भाजपा के मंत्री धन सिंह रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच कांटे की टक्कर होने जा रही है। इसकी संवेदनशीलता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि कांग्रेस ने अपनी स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी की कल यहां चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में उन्हें मैदान में उतारा गया। टिहरी सीट जिस पर प्रत्याशियों की अदला बदली नामांकन के आखिरी दौर में हुई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के भाजपा में जाने और उन्हें टिकट दिए जाने से नाराज भाजपा के सिटिंग विधायक यहां से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं, जो किशोर को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। राजधानी की कैंट विधानसभा सीट जो हरबंस कपूर के निधन के बाद खाली हुई थी पर भाजपा ने उनकी पत्नी सविता कपूर को मैदान में उतारा जरूर गया है लेकिन जनता की कितनी सहानुभूति उन्हें मिलती है और वह अपने पति की विरासत को बचा पाने में कितनी सफल रहती हैं समय ही बताएगा।
हरिद्वार सीट से जीत का पंच लगाने के लिए चुनाव मैदान में उतरे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की भी प्रतिष्ठा दांव पर है क्योंकि यहां कांग्रेस प्रत्याशी ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी से उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है और प्रदेश की जनता के सामने तीसरा विकल्प के रूप में सामने आई आम आदमी पार्टी अगर छुपा रुस्तम साबित हुई तो सूबे में वह कई महारथियों का रथ पलटा सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here