देहरादून। पुलिस ने फर्जी सहायक सुरक्षा आयुक्त गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नीली बत्ती लगी आर्टिगा कार व आरपीएफ की पी—कैप बरामद कर ली। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार अपराधियो के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु सम्पूर्ण राज्य मे प्रचलित ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियो को अपने अपने थाना क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। जिसके क्रम मे कोतवाली डोईवाला पुलिस व आरपीएफ देहरादून की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति जो खुद को आरपीएफ मे वरिष्ठ अधिकारी बता रहा है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही है, उक्त सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास रेलवे लाईन के समीप चैकिंग के दौरान आर्टिंगा वाहन, जिसमे नीली बत्ती लगी थी व कार के डैशबोर्ड पर आरपीएफ की पीकैप भी रखी थी, उक्त वाहन मे एक संदिग्ध व्यक्ति, जो खुद को आरपीएफ मे सहायक सुरक्षा आयुक्त मुरादाबाद मंडल बताकर चालकों व आने जाने वालो लोगो पर रौब झाड़ते हुए किसी प्रकार की ठगी अथवा फर्जीवाडा करने की फिराक मे प्रतीत हो रहा था, उक्त व्यक्ति से पुलिस द्वारा गहन पूछताछ की गयी तो उसके द्वारा अपना नाम स्मित कुमार पुत्र राजीव शर्मा निवासीः ग्राम शिवाला कला, पोस्ट ऑफिस शिवाला कला, थाना शिवाला कला, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) बताया गया। पूछताछ मे उक्त व्यक्ति द्वारा अपने अधिकारी होने के सम्बन्ध मे कोई पहचान पत्र उपलब्ध नही कराया। पुलिस टीम द्वारा मंडल मुख्यालय आरपीएफ से उक्त सम्बन्ध मे जानकारी की तो इस नाम से कोई अधिकारी होना प्रकाश मे आया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह आरपीएफ में नियुक्त अधिकारी नहीं है और कर्जे में डूबे होने के कारण लोगों पर रोब दिखाकर आसानी से पैसा कमाने के लिए फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहा था। उक्त व्यक्ति द्वारा किये जा रहे अपराध के दृष्टिगत डोईवाला पुलिस व आरपीएफ टीम द्वारा स्मित कुमार उपरोक्त को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया व नीली बत्ती लगी मारुति सूजुकी अर्टिगा कार को सीज कर कोतवाली डोईवाला पर मुकदमा दर्ज कर उसके अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।





