Home News Posts World सीजेपी प्रदर्शन पर भारत-यूएन में टकराव

सीजेपी प्रदर्शन पर भारत-यूएन में टकराव

0
26
  • प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, भारत ने बताया आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप


    नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे देश के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया है।
    जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार भारतीय संविधान में निहित है। देश की संस्थाएं, स्वतंत्र न्यायपालिका और मीडिया इस अधिकार की रक्षा करते हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की चिंताओं को अनुचित बताते हुए कहा कि उसे अन्य देशों में होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। भारत ने संगठन से बिना किसी भेदभाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।
    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थामीन अल-खीथान ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के नेताओं, सामाजिक संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता जताई थी।
    संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने की अपील की थी। साथ ही, संबंधित पक्षों के बीच सार्थक बातचीत शुरू करने पर जोर दिया था। भारत ने अपने पक्ष में कहा कि देश में अधिकारी कानून के अनुसार कार्य करते हैं। किसी भी शिकायत के समाधान के लिए न्यायालयों का दरवाजा खुला है। भारत ने नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए देश में मौजूद संस्थागत व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here