Home News Posts उत्तराखंड भाजपा को फिर ‘मोदी लहर’ की ‘उम्मीद’

भाजपा को फिर ‘मोदी लहर’ की ‘उम्मीद’

0
32
  • भाजपा को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर से बड़ी हैं उम्मीदें
  • 2017 और 2022 के उत्तराखंड चुनाव में मोदी फैक्टर ने जिताया था पार्टी को
  • कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए सरकार की नामामियों को आमजन को गिना रही

देहरादून। उत्तराखंड राज्य बनने से लेकर 2017 तक का इतिहास रहा है कि यहां का मतदाता बदलाव में विश्वास करता है और इसे जमीनी हकीकत में परिवर्तित करता है। लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से मतदाता मोदी लहर में गोते लगाने लगा और उसी में रम गया। इसका यह प्रत्यक्ष उदाहरण है कि सूबे में मतदाताओं ने लगातार दो बार भाजपा को ही सत्ता सौंप दी। वहीं दूसरी ओर ंउत्तराखंड में बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी पिछली बार की तरह ’मोदी लहर’ के सहारे पार्टी सत्ता में वापसी की उम्मीद है।
बता दें कि 2017 और 2022 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव महत्वपूर्ण था। उन चुनावों में भाजपा की प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस सीटें लाने में सफल नहीं हुई थी। सत्ता से दूर बैठी कांग्रेस के लिए इस बार जमीन पर मेहनत करने की ज्यादा जरूरत है। हालांकि, राजनीतिक जानकार इस बार भाजपा की संभावनाओं को ज्यादा नहीं आंकते हैं। उनका कहना है कि लगातार दो बार सरकार में रहते हुए कई आरोप और युवाओं के मन को भाजपा अभी तक भांप नहीं पाई है और अपने विकास कार्यों के साथ-साथ मोदी लहर को भी जीत का आधार बनाकर चल रही है।
भाजपा की मानें तो सरकार ने प्रदेश में विकास के लिए केंद्र के सहयोग से बहुत काम किए है। भाजपा की मानें तो प्रदेश में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक और पर्यटन का विकास के साथ-साथ कई ऐसे फैसले लिए है, जो देश के लिए नजरी बने है। इसके साथ ही विकास की उस गंगा को गांव-गांव तक पहुंचाया है, जिसकी लंबे समय से प्रदेश की जनता वाट जोह रही थी। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार द्वारा लागू किए गए समान नागरिक संहिता और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को मोदी ने साहसी कदम बताया है, जिससे जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। यही नहीं राज्य में लगातार विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदुत्व के एजेंडे पर केंद्रित है। इससे प्रदेश की जनता का रूख भाजपा की ओर है।
वही दूसरी ओर राजनीतिक जानकार कहते हैं कि फिलहाल राज्य की जनता बीजेपी से बहुत खुश नहीं है। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर ने पार्टी की नैया पार लगाई थी, लेकिन इस बार क्या मोदी लहर चल पाएगी या नहीं यह चुनाव की घोषणा और परिणाम के बाद ही पता चल पाएगा। राजनीतिक जानकारों की माने तो इस बार परिस्थितियां विपरीत होती लग रही है। हालांकि भाजपा मोदी लहर के साथ-साथ विकास को भी अपनी जीत का आधार मानकर चल रही है, लेकिन हकीकत का पता बाद में चल पाएगा। विधानसभा चुनाव में अभी समय है और भाजपा जहां इस बार भी मोदी लहर की उम्मीद लगाए है। वही कांग्रेस भी भाजपा को घेरने की अपनी पूरी रणनीति बनाकर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here