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नहीं रहे ‘दून वैली मेल’ के पहले संपादक साकेती जी

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  • पत्रकार जगत में शोक की लहर

देहरादून। प्रखर वक्ता और सच्चाई की आवाज की अभिव्यक्ति का प्रतीक रहे वरिष्ठ पत्रकार राम प्रसाद मिश्र साकेती जी अब हमारे बीच नहीं रहे। बीते कल उन्होंने अपने पुत्र के पास बुलंदशहर में अंतिम सांस ली। 72 वर्षीय साकेती जी का निधन पत्रकारिता और समाज के लिए एक अपूरक क्षति है। उनके निधन की खबर से पत्रकार जगत में शोक की लहर है।
साकेती जी का जन्म अयोध्या में हुआ था लेकिन सन 1980 में वह देहरादून आ गए जो उनकी प्रमुख कार्यस्थली रहा। उन्होंने यूं तो संघ के मुखपत्र पांज्यजन्य व ऑर्गेनाइजर जैसे अखबारों को ताउम्र अपनी सेवाएं दी लेकिन सनातन और सामाजिक सरोकारों की प्राथमिकता के प्रति अपनी पत्रकारिता को समर्पित रखा। 34 साल पूर्व जब ‘दून वैली मेल’ (सान्ध्य दैनिक) का प्रकाशन शुरू हुआ था तो वह उसके पहले कार्यकारी संपादक रहे तथा कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। उन्होंने अमर उजाला, हिंदुस्तान, जागरण और नवजीवन सहित अन्य तमाम प्रकाशन समूहों के साथ भी काम किया।
अपनी सशक्त विचार अभिव्यक्ति और प्रभावी शब्द श्ौली ने उन्हें पत्रकारिता में एक अलग पहचान दिलाई तथा वह अपने सहकर्मियों के लिए हमेशा एक प्रेरणास्रोत बने रहे। भले ही साकेती जी आज हमारे बीच न रहे हो लेकिन समाज और सनातन के प्रति उनकी संवेदनाओं में वह हमेशा जीवित रहेंगे। साकेती जी का जाना पत्रकारिता और समाज के लिए एक अपूरक क्षति है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की है। ईश्वर उनकी पुण्य दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें ऊं शांति।

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