- पांडे के घर कल बड़ी राजनीतिक बैठक
देहरादून/ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा। पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल बलूनी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का एक साथ विधायक अरविंद पांडे के आवास पर एक साथ जाने का प्रोग्राम बनाना सियासी गलियारों में कई संकेत दे रहा है।
बता दें कि यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब एक ओर अरविंद पांडे को सरकारी/राजस्व भूमि पर अतिक्रमण के मामले में तहसील प्रशासन की ओर से नोटिस जारी हुआ है, वहीं दूसरी ओर पांडे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच संबंधों में खटास की चर्चाएं भी लगातार तेज हैं।
तहसील गदरपुर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार ग्राम गुलरभोज स्थित भूमि पर अवैध निर्माण का उल्लेख किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई जांच के बाद अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इसी बीच त्रिवेंद्र रावत का पूर्व निर्धारित दौरा कार्यक्रम सामने आया, जिसमें कल उनका अरविंद पांडे के आवास पर पहुँचना शामिल है। राजनीतिक जानकार इसे महज शिष्टाचार भेंट नहीं मान रहे। चर्चा है कि यह मुलाकात धामी व पांडे के बीच चल रहे ट्टठंडे राजनीतिक कटाक्ष’ और अंदरूनी असंतोष को साधने की कोशिश भी हो सकती है।
उधर भाजपा खेमे के भीतर भी यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या नोटिस केवल प्रशासनिक प्रक्रिया है या इसके सियासी मायने भी हैं? और क्या वरिष्ठ नेताओं की यह मौजूदगी किसी डैमेज कंट्रोल का संकेत है? फिलहाल आधिकारिक तौर पर सभी पक्ष इसे सामान्य मुलाकात बता रहे हैं, लेकिन समय, परिस्थितियाँ और जारी नोटिस यह इशारा जरूर कर रहे हैं कि उत्तराखंड भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक—ठाक नहीं है।




