August 21, 2026पहाड़ों में खूंखार आवारा कुत्तों का कहर, गांवों और रास्तों पर बना दहशत का माहौल चमोली के नारायणबगड़ में हिंसक कुत्तों के डर से 10 स्कूलों में 4 दिन का अवकाश घोषित स्कूल बंद होने के चलते अब घर बैठे आनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने को मजबूर छात्र मीलों पैदल सफर तय कर स्कूल जाने वाले नौनिहालों व अभिभावकों की उड़ी रातों की नींद देहरादून। पहाड़ में वन्यजीवों के बाद अब आवारा और हिंसक कुत्तों का आतंक भी लोगों के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र के दस विद्यालयों में 20 अगस्त से 23 अगस्त तक छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस दौरान विद्यालयों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।पहाड़ के दूरदराज इलाकों में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना पहले ही किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बच्चे पैदल रास्तों से होकर विद्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में रास्तों में हिंसक कुत्तों के झुंड का खतरा बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रहा है। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद करने जैसा कदम उठाना पड़ा, यह स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कभी बाघ और गुलदार की दस्तक, कभी भालू का आतंक और अब आवारा कुत्तों के झुंड ग्रामीण आबादी के सामने नई चुनौती बनते जा रहे हैं। सवाल यह है कि जिन पहाड़ी क्षेत्रों में बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, वहां उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों के आतंक को लेकर जिलाधिकारी चमोली की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया। आदेश में संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षा अधिकारी को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अवकाश की अवधि में संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को आनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित करने को कहा गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित न हो।इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों के अत्यधिक आतंक को देखते हुए जिलाधिकारी चमोली के निर्देशों के अनुपालन में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है।आदेश के मुताबिक नारायणबगड़ क्षेत्र के राजकीय इंटर कालेज नारायणबगड़, राजकीय बालिका इंटर कालेज नारायणबगड़, सरस्वती शिशु मंदिर नारायणबगड़, उत्तरांचल विद्या निकेतन नारायणबगड़, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल पैंती, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नलंगाव, राजकीय इंटर कालेज नलंगाव, माडर्न चिल्ड्रन एकेडमी नारायणबगड़ और उत्तराखंड विद्या निकेतन नारायणबगड़ में यह आदेश लागू रहेगा। बाक्सवन्यजीवों के बाद आवारा कुत्तों का संकटउत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है। पहाड़ के गांवों में बाघ, गुलदार और भालू की आवाजाही से ग्रामीणों में भय बना रहता है। अब कई क्षेत्रों में आवारा और हिंसक कुत्तों के झुंड भी लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन रहे हैं। नारायणबगड़ का ताजा मामला इस बात का संकेत है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानव सुरक्षा का संकट केवल जंगल से आने वाले वन्यजीवों तक सीमित नहीं रह गया है। सड़कों, बाजारों और आबादी के आसपास घूमने वाले आवारा कुत्ते भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। चार दिन के लिए स्कूल बंद करने का फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से तत्काल राहत जरूर है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 23 अगस्त के बाद क्या होगा? यदि कुत्तों के आतंक पर स्थायी नियंत्रण नहीं हुआ तो बच्चों की पढ़ाई, अभिभावकों की चिंता और ग्रामीणों की सुरक्षा का सवाल फिर सामने खड़ा होगा। अब निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है कि वह केवल स्कूल बंद करने तक सीमित रहता है या आवारा और हिंसक कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम भी उठाता है।
August 21, 2026चुराये गये जेवरात व अन्य सामान बरामद चमोली। बंद घर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से चुराये गये जेवरात व अन्य सामान बरामद किया गया है।जानकारी के अनुसार बीती 20 अगस्त को सत्यपाल सिंह चौधरी पुत्र जयेंद्र सिंह, निवासी वार्ड नंबर—6, निकट केशवास स्कूल, गौचर, थाना कर्णप्रयाग, जनपद चमोली द्वारा कोतवाली कर्णप्रयाग में तहरीर देकर बताया कि वह अपना उपचार कराने देहरादून गए हुए थे। वापस गौचर स्थित अपने घर पहुंचने पर देखा कि अज्ञात चोर द्वारा घर का ताला तोड़कर उनके नाती के 2 जोड़ी चांदी के कंगन, 2 जोड़ी चांदी की पायल, एक सूटकेस एवं एक जैकेट चोरी कर लिया गया है। बताया कि चोर द्वारा घर की अलमारियों को भी तोड़कर नुकसान पहुंचाया गया था। मामले मे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोर की तलाश शुरू कर दी गयी। चोर की तलाश में जुटी पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। जांच के दौरान दिनांक 14—15 अगस्त की रात्रि लगभग 11 बजे से 4 बजे के मध्य एक संदिग्ध व्यक्ति ग्रिफ चौक से पीड़ित के घर की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने संदिग्ध की फोटो एवं वीडियो फुटेज के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी गयी। पुलिस टीम के अथक प्रयासों के फलस्वरूप आज सुबह लगभग 7.30 बजे गौचर—रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग पर सरस्वती विघा मंदिर के आगे स्थित प्रतीक्षालय के पास संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम उमेद सिंह भंडारी पुत्र स्वर्गीय दलबीर सिंह भंडारी निवासी ग्राम कंडारा, थाना कर्णप्रयाग, जनपद चमोली बताया। जिसके कब्जे से चोरी किया गया 2 जोड़ी चांदी के कंगन, 2 जोड़ी चांदी की पायल, एक सूटकेस एवं एक जैकेट बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने गौचर स्थित उक्त घर में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। बहरहाल पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जांच में यह भी प्रकाश में आया कि गिरफ्तार आरोपी चोरी की घटनाओं का अभ्यस्त अपराधी है। उसके खिलाफ जनपद पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग एवं चमोली के विभिन्न थानों में चोरी एवं अन्य धाराओं में कई मुकदमें दर्ज है।
August 21, 2026चीनी की कीमत बढ़ना सिर्फ बाजार की एक खबर नहीं है। यह उस रसोई की कहानी है जहां हर महीने आमदनी और खर्च के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। सरकार चाहे महंगाई के आंकड़े कितने ही संतोषजनक क्यों न बताए, लेकिन बाजार में खड़ा उपभोक्ता आंकड़ों से नहीं, कीमतों से अपना घर चलाता है। और जब चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीज महंगी होती है तो सवाल सिर्फ कुछ रुपये का नहीं, सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं का होता है। महंगाई का सबसे खतरनाक रूप वही है जो धीरे-धीरे सामान्य बना दिया जाए। पहले तेल महंगा हुआ, फिर सब्जियां, दालें और दूसरी खाद्य वस्तुएं महंगी हुईं। अब चीनी की बढ़ती कीमतें बताती हैं कि आम आदमी की रसोई पर दबाव कम नहीं हुआ है। हर बार सरकार के पास कारणों की लंबी सूची होती है उत्पादन, मौसम, मांग, आपूर्ति, परिवहन, वैश्विक बाजार। लेकिन उपभोक्ता के पास सिर्फ एक सवाल हैकृमेरी जेब पर बोझ कम कब होगा? चीनी के मामले में स्थिति और भी दिलचस्प है। खेत में गन्ना पैदा करने वाला किसान अपनी लागत और मेहनत का उचित मूल्य मांगता है। चीनी मिलें अपनी लागत और आर्थिक दबाव का हवाला देती हैं। बाजार में व्यापारी अपनी मजबूरियां गिनाता है। लेकिन इस पूरी श्रृंखला का अंतिम सिरा हमेशा उपभोक्ता ही क्यों बनता है? सरकार को यह जवाब देना होगा कि कीमतों के इस खेल में निगरानी की व्यवस्था कहां है। यदि उत्पादन पर्याप्त है तो कीमत क्यों बढ़ रही है? यदि स्टाक मौजूद है तो बाजार में महंगाई क्यों है? यदि जमाखोरी नहीं है तो उपभोक्ता को राहत क्यों नहीं मिल रही? और यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जिम्मेदार हैं तो सरकार के पास उपभोक्ताओं को राहत देने की क्या रणनीति है? यह भी समझना होगा कि चीनी अकेली चीज नहीं है। इसकी कीमत बढ़ने का असर चाय, मिठाई, बेकरी और अनेक खाद्य उत्पादों पर पड़ता है। यानी एक वस्तु की कीमत बढ़ने से महंगाई का असर कई दूसरी वस्तुओं तक पहुंच जाता है। सबसे ज्यादा चोट गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग को लगती है, जिसके पास बढ़ते खर्च के मुकाबले आय बढ़ाने के विकल्प सीमित हैं। विडंबना यह है कि राजनीतिक मंचों पर आम आदमी की जिंदगी आसान बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन असली परीक्षा मंच पर नहीं, रसोई में होती है। वहां जनता पूछती है कि महीने के आखिरी सप्ताह में राशन क्यों कम पड़ जाता है? बच्चों की जरूरतों और घर के खर्च के बीच संतुलन क्यों बिगड़ रहा है? और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर सरकार की पकड़ आखिर कितनी है? महंगाई को सिर्फ बाजार की समस्या मानकर सरकार अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उत्पादन से लेकर वितरण तक पूरी श्रृंखला पर निगरानी रखे, जमाखोरी और कृत्रिम कमी के खिलाफ कार्रवाई करे और किसान तथा उपभोक्ता दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए। क्योंकि किसान को उचित दाम और उपभोक्ता को उचित कीमत दोनों एक साथ संभव हैं। समस्या तब पैदा होती है जब नीति का फायदा किसी और को मिले और कीमत जनता चुकाए। चीनी की कीमतों का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह सरकार के लिए एक चेतावनी है। महंगाई को आंकड़ों से नहीं, जनता की थाली और रसोई से मापा जाना चाहिए। यदि आम आदमी की खरीदने की क्षमता लगातार कमजोर हो रही है तो आर्थिक विकास के बड़े-बड़े दावे उसके लिए अधूरे हैं। देश को ऐसी अर्थव्यवस्था नहीं चाहिए जिसमें सरकार उपलब्धियों की मिठास का प्रचार करे और जनता महंगाई की कड़वाहट चखे। चीनी महंगी होने का सवाल छोटा हो सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपा सवाल बहुत बड़ा है आखिर आर्थिक नीतियों का केंद्र कौन है जनता या बाजार? सरकार को इसका जवाब आंकड़ों में नहीं, राहत देकर देना होगा।
August 21, 2026चार होस्टल संचालकों को दिया नोटिस, वहीं चार हिरासत में छात्र/छात्राओं को हिदायत, पढाई की आड में हुडदंग नहीं होगा बर्दाश्त देहरादून। पढ़ाई की आड़ में शहर में हुड़दंग करने वाले छात्रों पर नकेल कसने के लिए पुलिस द्वारा बीती रात प्रेमनगर क्षेत्र के होस्टलों में आकस्मिक चैंकिग की गयी। 4 होस्टलों में अनियमितता पाये जाने पर पुलिस होस्टल संचालकों को नोटिस दिया तथा अनावश्यक घूम रहे युवको को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गयी।पढाई की आड में हुडदंग करने तथा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त छात्र/छात्राओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा बीती रात प्रेमनगर क्षेत्र में स्थित हास्टल/पीजी में आकस्मिक रूप से चैकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सभी प्रतिष्ठान संचालको से उनके प्रतिष्ठान में रहने वाले छात्र/छात्राओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए उन्हें अपने प्रतिष्ठान में रहने वाले छात्र/छात्राओं का शत—प्रतिशत सत्यापन कराने तथा प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवीें कैमरे लगवाने की हिदायत दी गई। साथ ही सभी प्रतिष्ठान संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में निवासरत छात्र/छात्राओं के प्रवेश की समयसीमा रात्रि 10 बजे निर्धारित करनेे, प्रतिष्ठान में आने वाले बाहरी व्यक्तियों को सत्यापन के बाद ही प्रतिष्ठान में आने की अनुमति देने तथा आने जाने वाले व्यक्तियों का सम्पूर्ण ब्यौरा अपने पास सुरक्षित रखने के निर्देश दिये गये। साथ ही प्रतिष्ठान में रहने वाले छात्र/छात्राओं के रात्रि में अनावश्यक रूप से घूमते हुए पाये जाने, किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता अथवा प्रतिष्ठानों में छात्रों द्वारा नशीले पदार्थाे के सेवन से सम्बन्धित किसी भी शिकायत पर सम्बन्धित छात्र के साथ—साथ प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ भी वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई।अभियान के दौरान 4 हॉस्टल में अनियमितता पाए जाने पर पुलिस द्वारा संबंधित हॉस्टल संचालकों को नोटिस देकर तय समयसीमा के अंदर सभी अनियमितताओं को दूर करने के निर्देश दिए गए, साथ ही चेकिंग के दौरान देर रात्रि में आवश्यक रूप से घूम रहे 4 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ हेतु थाने लाया गया।
August 21, 2026मेडिकल स्टोर सील, की गयी वैधानिक कार्यवाही देहरादून। नशे के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए एसटीएफ व औषधि प्रशासन विभाग बीती शाम मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की कार्यवाही की गयी। इस दौरान मेडिकल स्टोर में नशीले इंजेक्शन व दवाईयंा बरामद होने पर मेडिकल स्टोर सीज करते हुए उनके संचालकों पर वैधानिक कार्यवाही की गयी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के निर्देशन में एसटीएफ की कुमाऊँ यूनिट एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जनपद नैनीताल के मुखानी रोड स्थित जय श्री श्याम मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोर से व्यवसायिक मात्रा में नशीले इंजेक्शन एवं नशे में प्रयोग की जाने वाली दवाइयां बरामद की गईं। कार्यवाही के पश्चात औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा उक्त मेडिकल स्टोर को अग्रिम कार्यवाही तक सील कर दिया गया। छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक कपिल सिंह पुत्र रमेश सिंह, निवासी जवाहरनगर, नगला, पंतनगर तथा मेडिकल स्टोर स्वामी राहुल वार्ष्णेय पुत्र उपकार वार्ष्णेय, निवासी सावित्री कॉलोनी, हल्द्वानी मौके पर मौजूद मिले। दोनों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक विधिक कार्यवाही की गयी है।
August 20, 2026देहरादून। भागवत कथा के दौरान हुई चेन चोरियों का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से चुरायी गयी तीन चेन व दस हजार की नगदी बरामद हुई है। गिरफ्तार गैंग के सदस्य पंजाब के रहने वाले है। जिनमें महिलाए भी शामिल है।एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि बीती 10 अगस्त को जीएमएस रोड पर एक होटल में आयोजित भागवत कथा में चार महिलाओ के गले से चेन व मंगल सूत्र की चोरी की घटनाओं के सम्बन्ध में उक्त महिलाओ द्वारा कोतवाली पटेलनगर में तहरीर दी गयी थी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी गयी। चोरो की तलाश में जुटी पुलिस टीमों को अथक प्रयासो के बाद पता चला कि चोरी की इन घटनाओं में पंजाब पटियाला का एक चर्चित चैन चोर गैंग शामिल है। इस दौरान पुलिस को बीती रात सूचना मिली कि उक्त गैंग के कुछ सदस्य एक बार फिर चोरी की वारदात को अंजाम देने दून आ रहे है। जिस पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल 2 महिलाओ सहित 4 आरोपियों को हरिद्वार बायपास रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके कब्जे से तीन चेन व दस हजार रूपये की नगदी बरामद की गयी। पूछताछ में उन्होने अपना नाम अजय सिहं पुत्र जगत सिंह निवासी ग्राम समाना, थाना सदर समाना, पटियाला, पंजाब हाल 06 नम्बर, गली चावडा बाजार, पटियाला, पंजाब, गुरुप्रीत सिंह पुत्र पप्पू सिंह निवासी 16 एकड बरनाला, जिला बरनाला, पंजाब,हरजिन्दर कौर उर्फ रानी पत्नी काका निवासी ग्राम लगडोई, थाना सदर, पटियाला, पंजाब व पूजा कौर उर्फ लाडी पत्नी जगत सिंह ग्राम समाना, थाना सदर समाना, जिला पटियाला, पंजाब, हाल 6 नम्बर गली चावडा बाजार, पटियाला, पंजाब बताया। बताया कि वह मूल रुप से पंजाब पटियाला के समाना गाँव निवासी हैं, जो कि वर्तमान में पटियाला के आस पास ही अलग— अलग जगहों पर रह रहे हैं। बताया कि वे सोशल मीडिया तथा यू—ट्यूब के माध्यम से अलग— अलग जगहों पर आयोजित होने वाली भागवत कथाओं की जानकारी प्राप्त करते है। फिर गैंग के सभी सदस्य, जिनमें ज्यादातर महिलायें होती हैं, उक्त स्थान पर एकत्रित होकर चोरी की घटनाओं