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बुलंदी पर बेटियां

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बीती रात मुंबई में खेले गए फाइनल मैच में जीत दर्ज कर पहली बार विश्व कप चैंपियन की ट्रॉफी जीत ली गई। 25 साल के लंबे इंतजार और कठिन संघर्ष के बाद मिली इस ऐतिहासिक जीत से पूरे देश में जश्न का माहौल है। बीते समय में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दो बार खिताब जीतने के मौके मिले लेकिन फाइनल में हार कर उनके हाथ से ट्रॉफी फिसलती रही। परंतु इस बार ऐसा नहीं हुआ। दक्षिण अफ्रीकी टीम को 52 रनों से हराकर इस भारतीय टीम ने जीत का परचम पहरा ही दिया। किसी भी खिलाड़ी के लिए उसके जीवन में इस तरह के सुखद अवसर क्या अहमियत रखते हैं इस बात को भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव जिन्होंने भारत को अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर आईसीसी वर्ल्ड कप दिलाया था, जैसे खिलाड़ी ही अनुभव कर सकते हैं। इस महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑलराउंडर खिलाड़ी जिन्होंने पहले अपने बल्लेबाजी के दम पर अपनी टीम को 300 के पास पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जब दक्षिण अफ्रीका की ओपनर जोड़ी जीत को छीनने की कोशिश कर रही थी ऐसे समय में उनकी टीम के दो विकेट चटका कर न सिर्फ उनकी टीम को बैक फुट पर धकेल दिया बल्कि अपनी जीत भी सुनिश्चित कर डाली। मैच का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का खिताब जीतने वाली इस भारतीय बेटी शेफाली वर्मा का नाम आज हर किसी की जुबान पर है। इस महत्वपूर्ण मैच में उनके द्वारा खेली गई 87 रनों की धमाकेदार पारी के लिए लोग उन्हें कभी नहीं भुला सकेंगे। हरियाणा की इस बेटी के गांव में कल रात जिस तरह जीत का जश्न लोगों ने मनाया वह पल शेफाली के परिजनों ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए यादगार बन चुके हैं। खास बात यह है कि इस पूरे टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का खिताब भी भारतीय बल्लेबाज दीप्ति शर्मा को मिला है। इस जीत के मायने क्या है? अगर इस बात को समझना चाहते हैं तो इसके लिए भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेटर रहे सुनील गावस्कर की जुबानी भी समझा जा सकता है वह कल इस मैच के दौरान खुद भी मैदान पर मौजूद थे उनका कहना था कि 1993 में जब भारत ने कपिल देव के नेतृत्व वाली टीम ने विश्व कप जीता था इतनी खुशी तो उस वक्त भी नहीं मिली थी जितनी खुशी आज हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में जीत की इस ट्रॉफी के समय मैं महसूस कर रहा हूं। देश के प्रधानमंत्री मोदी से लेकर हर आम आदमी तक इस जीत के लिए इन बेटियों को बधाइयां दे रहा है। पूरा देश जश्न मना रहा है, खिलाड़ियों के चेहरों पर चमक देखते ही बनती है सचमुच यह एक बड़ी उपलब्धि है। टीम की कप्तान हरमनप्रीत का कहना है कि यह शुरुआत है। हमें जरूरत इस बात की है कि हमें जीत के इस सिलसिले को जारी रखना है और भविष्य में और ऐसी कई ट्राफियां जीत कर आईसीसी को देनी है। अब अगर इस टीम पर होने वाली पैसों की बरसात की बात करें तो इस बार आईसीसी द्वारा इस टीम को जो राशि बतौर पुरस्कार प्रदान की गई है वह अब तक की सबसे बड़ी धनराशि है। विजेता टीम को इस बार 4.8 मिलियन डॉलर यानी की 49 करोड़ 55 लख रुपए प्रदान किए गए हैं जो 2022 में विश्व कप विजेता न्यूजीलैंड की टीम को दी जाने वाली राशि से 3 गुना अधिक है। तब न्यूजीलैंड टीम को 1.32 मिलियन डॉलर यानी 11 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई थी। कुल मिलाकर इस टीम का हिस्सा बनने वाली हर एक खिलाड़ी इस जीत के साथ ही रातों—रात ही अमीर बन चुकी है मगर इस जीत की खुशी की कोई कीमत नहीं हो सकती है। हरमनप्रीत और उनकी विश्व विजेता इस टीम को संध्या दैनिक ट्टदून वैली मेल’ की ओर से हार्दिक बधाई।

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