देहरादून। 17 वा आदिवासी युवाआदान-प्रदान कार्यक्रम के दूसरे दिन सर्वप्रथम प्रातः 6:00 बजे योग एवं प्राणायाम से कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसमें युवाओं को योग से होने वाले लाभ एवं अपनी दिनचर्या में योग को अपनाने के लिए जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र कैप्टन मोहित सिंह बिष्ट एवं अवधेश पुंडीर द्वारा किया गया। कैप्टन मोहित द्वारा आदिवासी युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने एवं भारतीय सेना की दिनचर्या के बारे में रूबरू करवाया गया। इसके बाद भी अवधेश पुंडीर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं कठिनाइयों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सीआरपीएफ कमांडेंट उत्तराखंड सेक्टर श्री देवराज जी द्वारा सीआरपीएफ द्वारा आंतरिक सुरक्षा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों एवं आतंकवाद और उग्रवाद से निपटना, और कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्यों की सहायता करना , दंगा नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्य शामिल हैं। मेरा युवा भारत के राज्य निदेशक द्वारा कमांडेड सब का शॉल बुके एवं मोमेंटो द्वारा स्वागत एवं सत्कार किया गया।
कार्यकम के अंत में अवधेश शर्मा अध्यक्ष हिमालयन सेंटर फॉर कम्युनिटी एंड रूरल डेवलपमेंट द्वारा उत्तराखंड ट्राईबल्स एवं घुमंतू वन गुर्जर समुदाय को मुख्य धारा में जोड़ने एवं वन गुर्जरों के अधिकारों से संबंधित उनके हक को एवं उनकी परंपरा मुख्य धारा में लाने हेतु व्याख्यान प्रदान किया गया। मेरा युवा भारत देहरादून की उपनिदेशक मोनिका नांदल द्वारा कार्यक्रम का समापन एवं अतिथियों का धन्यवाद प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी हरिद्वार श्री रोशन कुमार, लेखा एवं कार्यक्रम सहायक प्रवेश सिंह बजवाल, आशीष चौहान, सुमन सिंह, सुभाष सिंह, विक्की जी आदि उपस्थिति रहे।




