चंडीगढ़। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे वाई पूरन के आत्महत्या मामले में हरियाणा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्रथामिकी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और पूरन की पत्नी अमनीत की शिकायत पर दर्ज की गई है। हरियाणा पुलिस के डीजीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद माना जा रहा है कि वह छुट्टी पर भेजे जा सकते हैं। साथ ही रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को भी हटाया जा सकता है।
प्रथामिकी में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर के अलावा रोहजत के पुलिस अधीक्षक आईपीएस नरेंद्र बिजारणिया , हरियाणा के पूर्व डीजीपी मनोज यादव ,पूर्व आईएएस राजीव अरोड़ा (पूर्व एसीएस गृह) ,पूर्व चीफ सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद ,पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल ,आईएएस अधिकारी डॉ। एम रवि किरण ,आईएएस अधिकारी आईजी पंकज नैन, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लों , एडीजीपी संजय कुमार ,आईएएस कला रामचंद्रन, आईपीएससंदीप खिरवार और आईपीएस सिबाश कविराज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले की प्राथमिकी में अभियुक्तों में ‘सुसाइड नोट के मुताबिक’ शब्द लिखे गए। एफआईआर के मज़मून में सभी आईएएस और आईपीएस अफ़सरों के नामों का जिक्र है। इन सभी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है। दिवंगत पूरन की पत्नी अमनीत के आरोप हैं कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एसपी बिजारणिया ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया। अधिकारियों ने पति को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया रिश्वत के झूठे केस में फंसाने की साजिश डीजीपी के निर्देश पर रची गई थी। उनकी मांग है कि डीजीपी और एसपी की गिरफ्तार हों, नहीं तो सबूत मिटा दिए जाएंगे




