- डीएम और एसएसपी को बैंरग लौटाया
- परीक्षा रद्द व सीबीआई जांच पर अड़े छात्र
देहरादून। युवा बेरोजगारों द्वारा पेपर लीक मामले को लेकर किए जाने वाला आंदोलन सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद भी थमता हुआ नहीं दिख रहा है। परीक्षा परिणाम पर रोक लगाकर तथा जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्ति जज की निगरानी वाली एसआईटी के गठन के बाद भी यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। युवाओं की नाराजगी दूर करने और उन्हें समझाने बुझाने के लिए आज पहली बार जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धरना स्थल पर पहुंचे लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिल सकी।
जिला अधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि जब सरकार ने परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी और एक महीने के अंदर एसआईटी की जांच रिपोर्ट आ जाएगी तो छात्रों को अपना आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए लेकिन छात्रों व युवाओं का साफ कहना था कि इस मामले की सरकार जब तक सीबीआई जांच के आदेश नहीं देती है और आयोग के अध्यक्ष से इस्तीफा नहीं लिया जाता है तथा इस परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा नहीं की जाएगी तो तब तक वह आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
अधिकारियों द्वारा त्योहारों का हवाला देते हुए परेड ग्रांउड में दशहरा मेले के आयोजन का हवाला भी दिया गया लेकिन छात्रों ने कहा कि मेले के लिए जिला प्रशासन किसी अन्य स्थान पर व्यवस्था कर सकता है। अधिकारियों ने लगभग 1 घंटे तक छात्रों से वार्ता की उन्होंने छात्रों से अपनी बात कहीं भी और उनकी बातों को सुना भी। इस दौरान आंदोलित युवाओं ने हरिद्वार से छात्रों को बसों में भरकर लाने की बात उठाते हुए कहा कि बस में बैठे नेता अपने फेस सेविंग के लिए छिछोरी हरकतें कर रहे हैं उनका उद्देश्य समस्या का समाधान नहीं है बल्कि आंदोलन को समाप्त करना है। इन अधिकारियों ने यह भी कहा कि एसआईटी जांच से संतुष्ट न होने पर वह फिर आंदोलन कर सकते हैं। लेकिन आंदोलित छात्र इस तर्क से सहमत नहीं दिखे। अपनी मांगों पर अड़े इन छात्रों ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी कि वह बहुत सह चुके हैं। अब और आगे वह कुछ भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के तमाम जिलों में इसे लेकर छात्र आंदोलित है तथा धरना प्रदर्शनों का दौर जारी है।




