- वैली ब्रिज ध्वस्त, 15 गांवों का संपर्क टूटा
- यमुनोत्री पुल खतरे में, घर व होटलों में पानी घुसा
- कालीमठ में गौशाला पर मलवा गिरा, सात मवेशी दबे
- राज्य की 1827 सड़के बंद, यात्री जगह—जगह फंसे
देहरादून। उत्तराखंड राज्य में मानसूनी आपदा का कहर जारी है। आसमान से बरसती आफत की बारिश और दरकते पहाड़ों ने पहाड़ का पूरा जनजीवन पूरी तरह से तबाह कर दिया है। खास बात यह है कि अभी राज्य के लोगों को इस आपदा से मुक्ति मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। आगामी तीन दिनों में राज्य के कई जिलों में भारी तो कई जिलों में भारी से भी भारी बारिश होने की संभावना मौसम विभाग द्वारा जताई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात से चमोली, उत्तरकाशी तथा रुद्रप्रयाग में भारी बारिश हो रही है। वही देहरादून में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है। बीती रात चमोली के मल्हारी हाईवे पर तमाक के पास बादल फटने से वैली ब्रिज का एक बड़ा हिस्सा टूट गया जिससे क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। पुल का लगभग 30 मीटर हिस्सा बह गया है तथा सड़क भी पासआउट हो गई है।
उधर रुद्रप्रयाग से मिली खबर के अनुसार यमुना घाटी में भारी बारिश के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ गया है तथा यमुनोत्री हाइवे पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। पुल पर मलवा आने व पेड़ों के फंसने से पुल ढहने का खतरा और भी अधिक बढ़ गया है। कालीमठ घाटी में पहाड़ से एक गौशाला पर मलवा आने से उसमें सात गोवंश के दबे होने की खबर है। उत्तरकाशी में भारी बारिश के कारण धरासू बैंड के पास मलवा आने से मार्ग बंद हो गया है वहीं गंगोत्री व संगम चटृी में भी मार्ग बंद है।
राज्य में भले ही चारधाम यात्रा अभी जारी सही तथा शासन की तरफ से यात्रा पर कोई रोक न लगाई गई हो लेकिन गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर इस समय पूरी तरह ब्रेक लग चुका है वहीं बद्रीनाथ राजमार्ग इस समय आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बंद है जिसके कारण जगह—जगह यात्री फंसे हुए हैं। राज्य की 1827 सड़कें फिलहाल बंद है जबकि 80 सड़कों को खोलने का काम किया जा रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य के किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है उनकी सब्जी की 80 फीसदी से अधिक फसल चौपट हो चुकी है।




