डा. हरक सिंह यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है अपने पूरे राजनीतिक जीवन में वह तमाम तरह के विवादों से घिरे रहे हैं जिनकी यहां जिक्र हम नहीं करना चाहते हैं क्योंकि बात सीधे उस मुद्दे की है जिसे लेकर वह इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में है। उन्होंने अभी हाल ही में भाजपा द्वारा इकट्ठा किए जाने वाले धन संग्रह जिसे आप राजनीतिक भाषा में चंदा भी कह सकते हैं, के बारे में यह खुलासा करते हुए सनसनी पैदा कर दी कि जब वह भाजपा में वन मंत्री थे तब खनन कारोबारियों से 30 करोड रुपए वसूल कर भाजपा ने एक बैंक एफडी बनवाई थी जिसमें उन्होंने भी 10 लोगों से 10—10 लाख के चेक लेकर 1 करोड रुपए दिए थे। उनका कहना है कि खनन से भाजपा ने और उसके नेताओं ने अपने घर भर लिए हैं और बात करते हैं भ्रष्टाचार मिटाने की और खनन नीति से राज्य का राजस्व बढ़ाने की। उनका साफ कहना है कि मैं खुद भी इस अपराध का दोषी हूं। भाजपा इसकी ईडी से जांच करा ले पूरी भाजपा सरकार और उसके नेता जेल में होंगे। उनके इस बयान से भले ही भाजपा के अंदर खलबली व बेचैनी बढ़ी हो लेकिन किसी के भी बोलने की हिम्मत नहीं हुई। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भटृ ने सिर्फ इतनी सी प्रतिक्रिया दी कि हरक के आरोप सही है तो वह इसकी एफ आई आर करायें। इस प्रतिक्रिया पर वह इतना आग बबूला हो गए कि उन्होंने तमाम पूर्व मुख्यमंत्रियों जिसमें डा. निशंक, भगत दा और त्रिवेंद्र तथा तीरथ रावत तक सबके बारे में ऐसी ऐसी बातें कही कि इन्हें सुनकर कोई भी व्यक्ति हैरान हो सकता है। डा. हरक सिंह रावत का कहना है की प्रदेश भाजपा के नेता तो भूखे नंगे थे। किसके पास क्या था किसी ने कभी कोई व्यापार नहीं किया, ठेकेदारी नहीं की आज सब धन्ना सेठ हो गए हैं कहां से आया उनके पास इतना धन? भगत सिंह कोश्यारी एक धोती कुर्ते में उनके घर आते थे और खाने को नहीं होता था उन्हें कोई खाना खिलाने वाला नहीं था। तीरथ को मैने 3 साल हॉस्टल में रखा और खाना कपड़े का खर्च मैं खुद करता था उनका कहना है कि मैं सबकी हकीकत जानता हूं। अफसोस इस बात का है कि हंसा चनाई और बेलवंती चौहान जिन्होंने राज्य आंदोलन में सीने पर गोलियां खाई राजेश रावत और बेंजवाल ने शहादत दी भाजपा के शासनकाल में अब राज्य में क्या हो रहा है? सवाल यह है कि चाहे अंकिता हत्याकांड हो या भर्ती घोटाले हो अपराध किसी भी तरह का हो हर एक मामले में भाजपा के नेताओं का ही नाम क्यों आता है? जितेंद्र नेगी ने आत्महत्या कर ली किसके कारण की उसका वीडियो बता रहा है जो मरने से पहले उसने बनाया पुलिस रिपोर्ट में लिखा जा रहा है कि जंगल में शिकार करने गया गोली लग गई। नैनीताल के मामले में पूरे देश दुनिया ने देखा कि कैसे गन पॉइंट पर पंचायत सदस्यों का अपहरण हुआ और यह सदस्य कह रहे हैं कि घूमने फिरने गए थे भाजपा की महिला नेत्री ने सारी सीमाएं ही लांघ डाली अपनी बेटी को वह भी नाबालिग उसी की जिंदगी बर्बाद कर दी। उनका कहना है कि इन बीजेपी के नेताओं को हो क्या गया है। वह कहते हैं कि ठेकेदारी में अब खुला 50 फीसदी का खेल चल रहा है 30 फीसदी ऊपर जाता है के नाम पर वसूला जा रहा है यह किसके पास जाता है कुछ पता नहीं। उनका कहना है कि एक दिन में प्रपोजल आता है मुख्यमंत्री से लेकर डीएम और सचिव तक सभी के हस्ताक्षर हो जाते हैं और हरिद्वार की जमीन भी आवंटित कर दी जाती है ऐसी फास्ट सर्विस और शासन प्रशासन का अवेयरनेस क्या किसी ने कभी देखा है? वह कहते हैं यही खेल खनन में हो रहा है। डा. हरक सिंह रावत आखिर इतने आग बबूला है क्यों? क्या वह फिर भाजपा में जाना चाहते हैं? इस सवाल पर वह कहते हैं कि मैं अब चोरों की इस पार्टी में कभी नहीं जाऊंगा। कांग्रेस भवन में अभी उन्होंने एक कार्यक्रम में माला पहनने से मना कर दिया और कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाकर ही कोई माला पहन लूंगा। हरक सिंह कहते हैं कि अब मैने घर बार से भी संन्यास ले लिया है पहले लोग वानप्रस्थ में जाते थे वह अब कफन बांधकर भाजपा को हराने के लिए निकल पड़े हैं। कुछ लोग अब कांग्रेस के अच्छे दिन आने की आहट को भी उनकी इस आक्रामकता का कारण बताते हैं।




