- चौतरफा विवादों में घिरती जा रही है भाजपा
- आर्य व प्रीतम का इस्तीफा चौंकाने वाला
- युवक की आत्महत्या से भी छवि को झटका
देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार बीते कुछ दिनों से चौतरफा मुसीबत की मार झेल रही है। राज्य में इस दौरान आसमान से ही आफत नहीं बरस रही है राजनीति के गलियारों में भी एक के बाद एक ऐसी खबरों का आना जारी है जो किसी धमाके से कम नहीं है।
पंचायत चुनाव के दौरान हुई गोलाबारी और किडनैपिंग जैसी घटनाओं को लेकर सड़क से सदन तक किस कदर हंगामा हो रहा है वह सभी जानते हैं। इसे लेकर स्थिति अब यह है कि नेता विपक्ष यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह ने कार्य मंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया है। वही नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव परिणाम घोषित होने के बावजूद भी हाईकोर्ट में अटक गया जिसमें एक मत के टेंपरिंग की जांच चल रही है।
इस बीच कल दो बड़े और भी धमाके हुए हैं पहला है उस युवक की आत्महत्या का जिसकी मौत से पहले का वीडियो वायरल हो गया जिसमें भाजपा के पदाधिकारी पर अपने उत्पीड़न और 57 लाख ठगने का आरोप लगाया गया है तथा दूसरा धमाका है डॉ. हरक सिंह का वह खुलासा जिसमें उन्होंने धामी सरकार की खनन नीति व कार्यश्ौली पर सवाल उठाते हुए भाजपा के लिए 30 करोड रुपए की बैंक में एफडी कराने की बात कहते हुए कहा गया है कि यह 30 करोड़ की वसूली खनन कारोबारियों से की गई है। उनकी बात में इसलिए भी दम दिख रहा है कि वह खुद को भी इस अपराध का दोषी बताते हुए एक करोड़ रूपया खननकर्ताओंं से वसूल करने व पार्टी को देने की बात कही है। रुपया चेक से दिया गया है इसलिए साक्ष्य भी है वह खुली चुनौती दे रहे हैं कि ईडी से जांच कराओ सारी भाजपा जेल पहुंच जाएगी?
बीते कुछ समय से मुख्यमंत्री धामी के खिलाफ उनके ही कुछ लोगों द्वारा साजिश रचने की खबरें भी आम चर्चाओं में है। डा. हरक सिंह का यह खुलासा भी क्या इस घटनाक्रम की एक कड़ी है इस तरह की खबरें भी अब आ रही है। डॉ हरक का कहना है कि ईडी से जांच करा लो सारी भाजपा जेल में होगी सवाल यह है कि उनके निशाने पर सीएम धामी है या भाजपा?




