बेंगलुरु। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई और 33 लोगों के घायल हुए। एक तरफ आईपीएल जश्न दूसरी ओर से हादसा। इस हादसे पर देश की तमाम बड़ी हस्तियों ने रिएक्शन दिया और मामले की जांच की बात कही। हादसे के दो दिन बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें आरसीबी मैनेजमेंट के निखिल सोसले, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए के सुनील मैथ्यू , केएससीए के अधिकारी फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), डीएनए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले में आरसीबी प्रबंधन को पहला आरोपी, डीएनए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को दूसरा आरोपी, केएससीए को मामले में तीसरा आरोपी बनाया गया था। एफआईआर धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 118 (खतरनाक हथियारों या साधनों का उपयोग करके स्वेच्छा से चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज की गई थी।
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी. दयानंद और डीसीपी सहित पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। सरकार ने देर रात सीमांत कुमार सिंह को नया पुलिक आयुक्त नियुक्त करने की घोषणा की। कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक गिरीश ए के, उस क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) बालकृष्ण, सेंट्रल क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त एच टी शेखर, स्टेडियम की सुरक्षा के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार विकास और बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त बी दयानंद को तत्काल निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।
चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की है, वहां 2.5 लाख लोगों की भीड़ जमा होने की बात कही गई। आरोप लगाए गए कि बिना पुलिस की अनुमति के संभव नहीं हो सकता। घटना को प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा बताया गया। आम तौर पर क्रिकेट मैचों के दौरान भीड़ पर नजर रखने के लिए 700 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाती है, लेकिन उत्सव के दौरान विभाग ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 1,600 पुलिस कर्मियों की तैनाती की थी।




