- आज उधमसिंहनगर में 10 से अधिक मदरसे सील
- अब तक 80 से अधिक मदरसाें पर कार्यवाही
- सूबे में 500 से अधिक अवैध मदरसे
देहरादून। देवभूमि की भूमि और संास्कृतिक छवि के संरक्षण के प्रति सजग धामी सरकार ने अब लव जिहाद और लैंड जिहाद के बाद अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। राज्य की राजधानी दून और हरिद्वार के साथ—साथ अब पूरे राज्य में मदरसों के कागजात चेक किया जा रहे हैं तथा अवैध रूप से संचालित होने वाले मदरसों को सील करने की कार्यवाही की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में चल रहे अवैध मदरसों की कुल संख्या 500 से अधिक बताई जा रही है। इन सभी चिन्हित मदरसों के बाद पूरे राज्य में चलाये जा रहे अभियान के तहत 82 मदरसे सील किए जा चुके हैं तथा कार्रवाई जारी है। अभी बीते दिनों देहरादून के चकराता और विकासनगर व सहसपुर में अभियान चलाया गया था तथा 42 मदरसों को सील किया गया था। आज उधमसिंह नगर के काशीपुर तथा जसपुर क्षेत्र में जांच के दौरान अवैध रूप से चल रहे 10 से अधिक मदरसों को सील किया गया है समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी। राज्य में अब तक 82 से अधिक मदरसे सील किए जा चुके हैं जबकि राज्य में 500 मदरसे चिन्हित किये जा चुके हैं जो अवैध रूप से संचालित किये जा रहे हैं।
खास बात यह है कि इन मदरसों की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। एक तरफ इन मदरसों के संचालकों के पास मदरसों की जमीन के वैध कागजात तो है ही नहीं दूसरी तरफ इन मदरसों के संचालन के लिए फंडिंग का क्या जरिया है उन्हें इसके लिए पैसा कहां से आता है इसका भी कोई उचित जवाब नहीं है। सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह है कि इन मदरसों में अन्य राज्यों के बच्चे पढ़ रहे हैं तथा इनकें पाठ्यक्रम में धार्मिक शिक्षा की पुस्तके ही पढ़ाई जा रही हैं। जो भी मदरसे जमीन और आय के साधनों से संबंधित कागजात नहीं दिखा रहे हैं उन्हें प्रशासन द्वारा सील किया जा रहा है।




