August 5, 2026कांवड़ मेला—2026ः नगर निगम का अपग्रेडेड ड्रोन कमांड सिस्टम हरिद्वार। नगर आयुक्त, नंदन कुमार के निर्देशों के क्रम में नगर निगम हरिद्वार ने कांवड़ मेला—2025 में सफलतापूर्वक अपनाई गई ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था को इस वर्ष कांवड़ मेला—2026 में और अधिक उन्नत एवं प्रभावी स्वरूप दिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पूरे कांवड़ मार्ग पर प्रत्येक स्थान की लगातार मानवीय निगरानी करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में नगर निगम ने आसमान से रियल—टाइम निगरानी को अपना सबसे प्रभावी हथियार बनाया है।अब ड्रोन पूरे कांवड़ मार्ग पर लगातार उड़ान भरकर उन स्थानों की पहचान कर रहे हैं जहाँ सामान्य निरीक्षण दलों की नजर तुरंत नहीं पहुँच पाती। यदि कहीं भी झाड़ियों, डिवाइडरों, बैरिकेडिंग के पीछे अथवा भीड़ के बीच छिपा हुआ कूड़ा दिखाई देता है, तो ड्रोन टीम तत्काल उस स्थान का फोटोग्राफ एवं जियोटैग लोकेशन नगर निगम के विशेष व्हाट्सएप कमांड ग्रुप पर साझा करती है। इस कमांड ग्रुप में सभी संबंधित सफाई निरीक्षक, जोन प्रभारी एवं ड्रोन टीम के सदस्य जुड़े हुए हैं। फोटो अपलोड होते ही संबंधित सफाई निरीक्षक को टैग किया जाता है और तत्काल सफाई दल मौके पर भेजा जाता है। सफाई कार्य पूर्ण होने के बाद उसी स्थान की ट्टआफ्टर क्लीनिंग’ फोटो पुनः ग्रुप में साझा की जाती है, जिससे कंट्रोल रूम यह सुनिश्चित करता है कि शिकायत का वास्तविक एवं संतोषजनक निस्तारण हो चुका है। इससे पूरी व्यवस्था रियल—टाइम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन गई है।ड्रोन तकनीक का उपयोग केवल गंदगी की पहचान तक सीमित नहीं है। यदि कांवड़ मार्ग पर कहीं भी कोई पशु विचरण करता हुआ दिखाई देता है, तो ड्रोन टीम तत्काल उसकी सटीक लोकेशन साझा करती है। सूचना मिलते ही नगर निगम की संबंधित टीम मौके पर पहुँचकर आवश्यक कार्रवाई करती है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके।नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा कि नगर निगम हरिद्वार का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।
August 5, 2026देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मसूरी एवं नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं।आज यहां मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इसके तहत् पूर्ण हो चुकी, गतिमान एवं भावी परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए। उन्होंने वाह्य सहायतित परियोजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं भारत सरकार में अपने लाइन डिपार्टमेंट को अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने प्रोजेक्ट्स को समय से पूर्ण किए जाने हेतु मैनपावर और मशीन बढ़ाते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मसूरी एवं नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विघुत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट में तेजी लाए जाने के लिए डेडिकेटेड पीएमयू स्थापित किए जाने की बात कही। कहा कि डेडिकेटेड पीएमओ और लगातार निगरानी करते हुए प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेषकर तकनीकी शिक्षा में सिस्टम को मजबूत किए जाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के में इंजीनियरिंग कॉलेज पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधारभूत संरचना विकास पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा इसके लिए ईएपी वित्तपोषित प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, साथ ही रिवर रेज्युविनेशन, पशुपालन, डेरी और फिशरीज के उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
August 5, 2026रेलमंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर दी मंजूरी चम्पावत। जनपद एवं सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात के रूप में बनबसा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15093/15094 अछनेरा—टनकपुर एक्सप्रेस के ठहराव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।भारत सरकार के रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौघोगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री द्वारा 8 जुलाई 2026 को जनसुविधा के दृष्टिगत बनबसा रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी के ठहराव का अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए बनबसा रेलवे स्टेशन पर अछनेरा—टनकपुर एक्सप्रेस के ठहराव की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से जनपद चम्पावत एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को एक महत्वपूर्ण रेल सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से यात्रियों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी तथा पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एवं रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा सीमांत क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
August 5, 2026अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है। करोड़ों लोगों की आस्था, वर्षों के संघर्ष और राष्ट्रीय भावनाओं का प्रतीक है। इसलिए जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी या अनियमितता का मुद्दा संसद तक पहुँचता है, तो यह केवल विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं रह जाता। यह देश की आस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न बन जाता है। संसद में इस मुद्दे पर जिस तरह हंगामा हुआ, उसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या हम हर संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौलने लगे हैं? सत्ता पक्ष विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाता है, तो विपक्ष सरकार से जवाब मांगता है। लेकिन इस शोर-शराबे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल कहीं पीछे छूट जाता है सच्चाई क्या है? यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यदि आरोप निराधार हैं, तो तथ्यों के साथ उन्हें खारिज किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में न तो आरोपों को बिना जांच के सच मान लिया जाना चाहिए और न ही केवल राजनीतिक असुविधा के कारण सवाल पूछने वालों को खामोश करने की कोशिश होनी चाहिए। राम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु करोड़ों रुपये, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ श्रद्धा के साथ अर्पित करते हैं। यह केवल धन नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास है। उस विश्वास की रक्षा करना मंदिर प्रशासन, संबंधित ट्रस्ट और सरकार सभी की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए वित्तीय लेन-देन, दान और चढ़ावे के प्रबंधन में उच्च स्तर की पारदर्शिता अनिवार्य है। दूसरी ओर, विपक्ष की भी जिम्मेदारी है कि वह तथ्यात्मक आधार पर सवाल उठाए। यदि उसके पास दस्तावेज़ या ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करे और निष्पक्ष जांच की मांग करे। लेकिन यदि केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए आरोप लगाए जाते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक विमर्श कमजोर होता है और जनता का भरोसा भी प्रभावित होता है। संसद बहस का मंच है, शोर का नहीं। यदि हर संवेदनशील मुद्दा केवल नारेबाजी में बदल जाएगा, तो समाधान कभी नहीं निकलेगा। जनता यह अपेक्षा करती है कि संसद में आरोपों का जवाब तथ्यों से दिया जाए, न कि केवल राजनीतिक नारों से। यह मामला केवल राम मंदिर का नहीं है। देश के सभी बड़े धार्मिक संस्थानों चाहे वे मंदिर हों, मस्जिद, गुरुद्वारे या चर्च में प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और नियमित लेखा-परीक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। आस्था जितनी बड़ी होती है, जवाबदेही भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए उससे जुड़ा कोई भी आरोप अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों को इस विषय पर संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। सरकार और संबंधित संस्थाओं को यदि कोई संदेह पैदा हुआ है, तो उसे दूर करने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्यों को सामने रखना चाहिए। वहीं विपक्ष को भी तथ्य और प्रमाण के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। आस्था का सम्मान तभी सुरक्षित रहेगा, जब उसके साथ जुड़ी हर व्यवस्था भी पारदर्शी और जवाबदेह होगी। संसद का दायित्व है कि वह इस विश्वास को मजबूत करे, न कि उसे राजनीतिक टकराव का माध्यम बनाए।
August 5, 2026मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में 18 करोड़ रुपये की दान चोरी का दावा किया है। अब इस मामले में महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग ने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट से डिटेल्ड फाइनेंशियल रिपोर्ट मांगी है।महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग की तरफ से रिपोर्ट तलब किए जाने पर मंदिर ट्रस्ट ने अपना पक्ष रखा है। ट्रस्ट ने दान में हेरफेर का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट मांगने के दावों से इनकार किया है। मंदिर ट्रस्ट ने कहा कि कानून और न्याय विभाग का ताजा कदम उसकी गुजारिश पर ही आया है। ट्रस्ट ने बताया कि इस साल मई में उसने ही विभाग से मंदिर के डिटेल्ड ऑडिट की गुजारिश की थी, जो इन आरोपों के सामने आने से कई महीने पहले की गई थी।सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन और शिवसेना नेता सदानंद सरवणकर ने बताया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमने जहां भी जरूरी था, वहां मामले दर्ज कराए है।
August 5, 2026मुंबई। बॉलीवुड के फेमस एक्टर प्रदीप रावत के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके निधन से इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। टीवी से बॉलीवुड तक पर छाने वाले प्रदीप रावत के निधन से उनके फैंस की आंखें भी नम हो गई हैं। 74 साल की उम्र में एक्टर का निधन कैंसर से हुआ है। वहीं इस दुखद खबर की जानकारी उनके करीबी दोस्त और बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा ने उनके फैंस के साथ शेयर की है।उनका पार्थिव शरीर आज दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक मुंबई के गोरेगांव वेस्ट स्थित इम्पीरियल हाइट्स में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे उनके पार्थिव शरीर को जोगेश्वरी वेस्ट स्थित ओशिवारा श्मशान घाट ले जाया जाएगा, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान उनके परिवार और करीबी मौजूद होंगे। वहीं परिवार और प्रशंसक उन्हें नम आंखों से विदाई भी देंगे।प्रदीप रावत कई फिल्मों में काम कर अपनी एक्टिंग से ऑडियंस का दिल जीत चुके थे। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत साल 1985 में आई फिल्म ‘मेरी जंग’ से की थी। हालांकि इस फिल्म में उनका किरदार छोटा था। इसके बाद उन्होंने ‘महाभारत’ में ‘अश्वत्थामा’ का किरदार निभाया। वहीं साल 2005 में आई फिल्म ‘गजनी’ में एक्टर ने विलेन का किरदार निभाया था, जिसे लोगों ने खूब पसंद भी किया था।