लखनऊ। लखनऊ और कानपुर के बीच हमसफर एक्सप्रेस में रेलवे के एक कर्मचारी की मॉब लिचिंग हो गई। चलती ट्रेन में 11 साल की एक बच्ची ने कर्मचारी पर छेड़खानी का आरोप लगाया था जिसके बाद बच्ची के परिवार और पैसेंजर्स ने उसकी पिटाई कर डाली जिससे उसकी मौत हो गयी। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात लखनऊ से हमसफर एक्सप्रेस के खुलने के बाद 11 साल की एक बच्ची ने प्रशांत पर गलत तरीके से गोद में उठाने और छूने का आरोप लगाया। बच्ची ने आरोप लगाया कि जब उसकी मां शौचालय में थी तो प्रशांत ने उसे गोद में उठाया और गलत तरीके से हाथ लगाया। जब लड़की रोने लगी तो प्रशांत ने उसे धमकाया और चुप रहने को कहा। मां के शौचालय से लौटने के बाद बच्ची चिपककर रोने लगी। मां ने जब पूछताछ की तो उसने प्रशांत की हरकतों के बारे में बताया। फिर महिला ने अपने पति और ससुर को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार और कोच में मौजूद दूसरे रेल यात्रियों ने प्रशांत की पिटाई शुरू कर दी। लोगों ने उसे ट्रेन के कानपुर स्टेशन पहुंचने तक पीटा। कानपुर में सुबह 4.45 बजे जब ट्रेन पहुंची तो पुलिस बुलाई गई। लड़की के परिवार ने प्रशांत पर पॉक्सो का केस दर्ज कराया फिर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। दोपहर में प्रशांत की हालत बिगड़ने लगी तो उसे केपीएम अस्पताल रेफर किया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की जांच में पता चला है कि प्रशांत के पास साधारण टिकट था लेकिन वो थर्ड एससी कोच में सफर कर रहा था। लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया कि टीटीई ने उसे 11 नंबर सीट पर बिठाया था। कानपुर जीआरपी के एसएचओ ओम नारायण सिंह ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि लड़की की मां ने प्रशांत के खिलाफ पॉक्सो की प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। प्रशांत के चाचा शव लेने कानपुर आए हैं।




