- सेना द्वारा बनाये गये पैदल पुल निर्माण से रेस्क्यू अभियान में बड़ी राहत
रूद्रप्रयाग। केदार घाटी में कठिन परिस्थितियों के बीच चल रहा पैदल मार्गो से रेस्क्यू अभियान आज छठे दिन भी जारी है। आज करीब 150 स्थानीय लोगों को केदारनाथ से भीमबली के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की देख रेख में रवाना किया गया। वहीं जंगलचट्टी से भी 161 लोगों को एनडीआरएफ चीरबासा लेकर पहुंच रही है। वहीं सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर सेना द्वारा बनाये गये पैदल पुल का निर्माण होने से रेस्क्यू अभियान में बड़ी राहत मिली है।
केदारघाटी में मौसम का मिजाज सुबह 10 बजे तक ठीक नहीं हुआ था। विजिबिलिटी बाधित होने के कारण हैली सेवाओं से रेस्क्यू अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। वहीं सड़क व पैदल मार्गो के पुर्नस्थापन का कार्य तेजी से शुरू किया गया है। विभिन्न स्थानों पर पीडब्ल्यूडी की निगरानी में पैदल मार्गो का निर्माण शुरू हो चुका है।

इस आपदा के बाद कितने लोग कहां फंसे हुए थे इसका कोई ब्यौरा किसी के भी पास नहीं था। केदारनाथ धाम, गौरीकुंड तक तमाम जगह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के फंसे होने से इनका रेस्क्यू आसान नहीं था। जो लोग पहाड़ के दुर्गम और खतरनाक पहाड़ी रास्तों पर फंसे हुए हैं उन्हें एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों द्वारा रेस्क्यू कर निकालने का काम किया जा रहा है। आज करीब 150 स्थानीय लोगों को केदारनाथ से भीमबली के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की देख रेख में रवाना किया गया। जंगलचट्टी से भी 161 लोगों को एनडीआरएफ चीरबासा लेकर पहुंच रही है। वहीं सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर सेना द्वारा बनाये गये पैदल पुल का निर्माण होने से रेस्क्यू अभियान में बड़ी राहत मिली है।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रेस्क्यू किए जाने का काम आसान नहीं था। जो लोग सुरक्षित इस आपदा से बाहर निकल चुके हैं वह धामी सरकार के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। लेकिन जो लोग अभी भी इधर—उधर कहीं भी फंसे हुए हैं उन्हें अपनी सुरक्षित वापसी की चिंता भी सता रही है।





