July 11, 2026मौके से गौमांस, पशु कटान उपकरण व तराजू बरामद हरिद्वार। मीट की दुकान में खुलेआम गौमांस काट रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से 150 किलो गौमांस, पशु कटान के उपकरण व तराजू बरामद किया गया है।जानकारी के अनुसार बीते रोज त्तराखण्ड गौवंश संरक्षण स्क्वाड, गढ़वाल रेंज हरिद्वार एवं कोतवाली पिरान कलियर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र में गौतस्करी, गौहत्या एवं अवैध पशु कटान की रोकथाम हेतु सघन चेकिंग एवं गश्त की जा रही थी। इस दौरान जब टीम कलियर स्थित तेलियों वाली मस्जिद के निकट मन्नवर उर्फ मन्ना की मीट की दुकान पर पहुंची। तो दुकान के अंदर दो व्यक्ति कथित रूप से मांस की काट—छांट करते मिले। मौके से लगभग 150 किलो गौमांस, पशु कटान में प्रयुक्त उपकरण तथा कांटा—तराजू बरामद किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि बरामद गौमांस दुकान संचालक मन्नवर द्वारा लाया गया था तथा उसे कलियर क्षेत्र में बेचने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से हिरासत में लिया व उनके खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियो के नाम अफरोज पुत्र नाजिर, निवासी निकट तेलियों वाली मस्जिद, वार्ड नं. 1, कलियर, कोतवाली कलियर, जनपद हरिद्वार व कलीम पुत्र वहीद, निवासी निकट कुरैशी वाली मस्जिद, वार्ड नं. 1, कलियर, कोतवाली कलियर, जनपद हरिद्वार बताये जा रहे है।
July 11, 2026उत्तरकाशी। सयानाचटृी (यमुनोत्री मार्ग) पर आज सुबह भारी मलबा आने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे कई श्रद्धालु मार्ग में फंस गए। घटना की सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट बड़कोट से मुख्य आरक्षी दुर्गेश रतूड़ी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों सहित घटनास्थल के लिए रवाना हुई। साथ ही एसडीआरएफ पोस्ट जानकीचटृी से मुख्य आरक्षी राजेश कुमार के नेतृत्व में एक अन्य टीम भी मौके पर पहुंची।बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर सड़क पूर्णतः अवरुद्ध होने के कारण एसडीआरएफ टीम द्वारा वैकल्पिक मार्ग पर सुरक्षित तरीके से रोप फिक्स की गई। इसके उपरांत जवानों ने अत्यंत सावधानी एवं कुशलता के साथ लगभग 100 यात्रियों को एक—एक कर सुरक्षित आर—पार कराया। एसडीआरएफ उत्तराखण्ड प्रदेश में आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
July 11, 2026चमोली। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में निलंबित किए गए बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के लापता होने की खबर है। निलंबन के बाद से प्रमोद न तो बीकेटीसी के संपर्क में हैं और न ही उनका मोबाइल चालू है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद ने अवकाश का आवेदन दिया था, जिसे प्रबंधन ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जोशीमठ कार्यालय में अटैच किया गया। लेकिन आदेश जारी होने के बाद से उन्होंने न तो जोशीमठ में ज्वाइनिंग दी और न ही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई है।बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि प्रमोद से लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। उल्लेखनीय है कि बदरीनाथ धाम में दानपात्र से चढ़ावा गायब होने का मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने कार्रवाई करते हुए प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया था। अब उनके अचानक गायब होने से विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल बीकेटीसी इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।
July 11, 2026पीडित परिवार को धमकाने का आरोप देहरादून। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस अभी तक नाकाम साबित होती दिख रही है। पीडित परिवार का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीडित परिवार को धमका रहा है इसके बावजूद कोतवाली पुलिस किस बात का इंतजार कर रही है।उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत मालियान मौहल्ले में एक नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास किया गया था। जिसके बाद हिन्दूवादी संगठनों ने आरोपी की दुकान में तोडफोड करने के साथ ही कोतवाली का घेराव किया था। जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया था। लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया था। जिसके बाद पुलिस उसको अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पायी है। वहीं पीडिता की मां का आरोप है कि उन्हें उत्तराखण्ड छोडने की धमकी दी जा रही है। जिससे पूरा परिवार भय में जीने को मजबूर है। इस सम्बन्ध में पीडिता की मां ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ एसपी देहात जया बलूनी से मिलकर अपनी पीडा बतायी। इस दौरान नाबालिग ने पूरे घटनाव्रQम और उसके बाद परिवार पर पड रहे मानसिक दबाव की जानकारी दी। पीडिता की बात सुनकर वहां मौजूद लोग सकते में आ गये। परिवार के साथ पहुंचे स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद हुए बवाल व तोडफोड के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नही होने पर उसका मनोबल बढ रहा है। परिजनों का कहना है कि आरोपी के खुलेआम घुमने से परिवार हर समय दहशत में रहता है। उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार समझौते के लिए दबाव बना रहा है। जिसके बाद एसपी देहात ने सम्बन्धित थाना पुलिस को पीडित परिवार की सुरक्षा के निर्देश दिये। जिसके बाद भी कोतवाली पुलिस ने मामले में गम्भीरता नहीं दिखायी।ा जहां पुलिस अधिकारी दावा करते है कि पीडित का न्याय दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है तो वहीं सम्बन्धित थाना चौकी प्रभारी अधिकारियों को दावों को हवा में उडाते हुए दिखायी दे रहे हैं। क्यों अधिकारी भी धरातल में आकर अपने दावों को परखने की जहमत नहीं उठाते हैं तो फिर कर्मचारी भी उनके दावों को पलीता लगाने से पीछे हटते दिखायी नहीं दे रहे हैं। शहर कोतवाल का सरकारी फोन स्विच ऑफदेहरादून। नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर जब शहर कोतवाल से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनको सरकारी फोन नम्बर 9411112829 स्विच आफ सुनायी दिया जो अपने आपमें एक सोचने का विषय है।उल्लेखनीय है कि शहर के बीचो बीच एक नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास किया गया। जिसके बाद हिन्दूवादी संगठनों ने जमकर बवाल मचाने के साथ ही आरोपी की दुकान में तोडफोड के साथ ही कोतवाली का घेराव कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। लेकिन घटना के बाद से आज तक पुलिस आरोपी को तो गिरफ्तार नहीं कर सकी ऊपर से आरोपी पीडित परिवार को धमकाने उनके यहां पहुंच रहा है। इस मामले में जब शहर कोतवाल के सरकारी फोन नम्बर 9411112809 पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो वह स्विच आफ मिला। जिसके बाद सोचने वाली बात है कि शहर कोतवाली क्षेत्र में इतना बडा कांड हो गया और कोतवाल स्विच आफ करके बैठे हैं तो क्या इससे भी बडी घटना का उनको इंतजार है?
July 11, 2026अल्मोड़ा। रानीखेत तहसील क्षेत्र के दूरस्थ ऐना गांव में बीती शाम अज्ञात हमलावर ने पास के सिमोली गांव निवासी एक युवक की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। बीच—बचाव के लिए आईं युवक की बुआ सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह युवक मेरठ में पढ़ाई करता था और कुछ समय से सेना में अग्निवीर की भर्ती की तैयारी भी कर रहा था।जानकारी के अनुसार, सिमोली गांव निवासी 20 वर्षीय सागर पुत्र चंदन सिंह यहां ऐना गांव में अपनी बुआ जानकी देवी के यहां आया हुआ था। बताया जा रहा है कि बीती देर शाम एक अज्ञात हमलावर घर में घुस आया और सागर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बाद में हमलावर ने सागर की गला रेतकर हत्या कर दी। हमले के दौरान बीच—बचाव के लिए आईं सागर की बुआ जानकी देवी और जानकी की सास साबुली देवी को चाकू मारकर घायल कर दिया और फरार हो गया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को उपचार के लिए उप जिला अस्पताल रानीखेत ले जाकर भर्ती कराया है। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कोतवाल भुवन जोशी ने बताया कि हमलावर कौन था और क्यों वारदात को अंजाम दिया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है। हमलावर की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
July 11, 2026देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनाल मिश्रण को स्वच्छ ऊर्जा, विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। नीति के उद्देश्य निश्चित रूप से सराहनीय हैं। लेकिन जब कोई राष्ट्रीय नीति सीधे करोड़ों वाहन मालिकों की जेब और उनके वाहनों की कार्यक्षमता से जुड़ती हो, तब केवल लक्ष्य नहीं, उसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है। पिछले कुछ समय से देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक वाहन मालिकों ने शिकायत की है कि ई20 पेट्रोल भराने के बाद उनके वाहनों की माइलेज घटी, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई या रखरखाव की समस्या बढ़ी। दूसरी ओर, वाहन निर्माता कंपनियां लगातार यह स्पष्ट कर रही हैं कि सभी वाहन ई20 के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं। पुराने माडलों में एथेनाल की अधिक मात्रा ईंधन प्रणाली के कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त प्रभाव डाल सकती है, जबकि ई20-अनुकूल वाहनों को विशेष रूप से इस मिश्रण को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है। यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। यदि देश की सड़कों पर अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चल रहे हैं जो पूरी तरह ई20-अनुकूल नहीं हैं, तो क्या उनके लिए पर्याप्त संक्रमण योजना तैयार की गई? क्या हर पेट्रोल पंप पर उपभोक्ता को स्पष्ट जानकारी मिलती है कि कौन-सा ईंधन उसके वाहन के लिए उपयुक्त है? क्या वाहन मालिकों को पर्याप्त जागरूक किया गया? सरकार का कहना है कि एथेनाल मिश्रण से प्रदूषण कम होगा, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी और गन्ना उत्पादकों सहित कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा। यह तर्क मजबूत हैं और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भी। लेकिन किसी भी नीति की सफलता तब मानी जाती है जब उसके लाभों का बोझ आम नागरिक पर अनुचित रूप से न पड़े। यदि किसी उपभोक्ता को वाहन निर्माता की सलाह के विपरीत ईंधन का उपयोग करना पड़ता है, या उसे यह जानकारी ही नहीं मिलती कि उसका वाहन किस ईंधन के लिए उपयुक्त है, तो समस्या नीति की मंशा में नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन और संवाद में है। हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण आवश्यक है, लेकिन यह संक्रमण भरोसे और स्पष्ट जानकारी के साथ होना चाहिए। इस मुद्दे का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सभी शिकायतों का कारण केवल ई20 हो, ऐसा निष्कर्ष निकालना भी उचित नहीं होगा। वाहन की उम्र, रख-रखाव, इंजन की स्थिति और निर्माता के तकनीकी मानक भी प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। इसलिए आवश्यक है कि सरकार, तेल विपणन कंपनियां और वाहन निर्माता मिलकर पारदर्शी तकनीकी अध्ययन सार्वजनिक करें ताकि भ्रम और अफवाहों की जगह तथ्यों पर आधारित चर्चा हो। आज जरूरत किसी नीति का विरोध या समर्थन करने की नहीं, बल्कि उपभोक्ता के विश्वास की रक्षा करने की है। यदि ई20 भविष्य का ईंधन है, तो उसके लिए वर्तमान के करोड़ों वाहन मालिकों को असमंजस में नहीं छोड़ा जा सकता। हर पेट्रोल पंप पर स्पष्ट सूचना, वाहन-वार अनुकूलता की आसान जानकारी, तकनीकी सहायता और शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। हरित भारत का सपना तभी सफल होगा, जब पर्यावरण के साथ-साथ आम नागरिक की जेब और उसके वाहन का भी समान सम्मान किया जाएगा। ऊर्जा परिवर्तन की असली सफलता आंकड़ों से नहीं, बल्कि उस भरोसे से तय होगी जिसके साथ नागरिक अपनी गाड़ी में अगली बार ईंधन भरवाएगा।