May 11, 2026देहरादून। मसूरी में पिता की वर्दी का रौब झाड़ना एक युवक का भारी पड़ गया। युवक अपने पिता की पुलिस वर्दी और पी—कैप का इस्तेमाल कर टोल टैक्स, पार्किंग और अन्य जगहों पर फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। युवक शराब के नशे में वाहन चलाता भी मिला, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसकी कार सीज कर दी है।चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के बीच मसूरी पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के दौरान यह मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार,यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान लाइब्रेरी चौक पर यूपी नंबर की एक वैगनआर कार पुलिस को संदिग्ध लगी। कार के डैशबोर्ड पर उत्तर प्रदेश पुलिस की पी—कैप रखी हुई थी, जबकि पीछे की सीट पर उपनिरीक्षक की वर्दी टंगी हुई थी। पुलिस ने वाहन रोककर जांच की तो चालक की पहचान विनय सिंह निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि उसके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक हैं। युवक ने स्वीकार किया कि वह टोल टैक्स, पार्किंग और अन्य स्थानों पर पुलिसकर्मी होने का प्रभाव दिखाने के लिए अपने साथ पुलिस वर्दी और पी—कैप लेकर चलता था। जांच में युवक शराब के नशे में वाहन चलाता हुआ पाया गया। कार में उसके तीन अन्य साथी भी मौजूद थे। युवक ने पुलिस से माफी मांगी, लेकिन पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में कार्रवाई करते हुए वाहन सीज कर दिया है।
May 11, 2026सेना के सहास के कारण दुश्मन भारत की ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकताःधामी देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में ऑपरेशन सिंदूर—शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सेना के शौर्य के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और शौर्य के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने कहा ऑपरेशन सिंदूर, आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा था, तब सेनाओं ने 22 मिनट में पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने भारत की ओर होने वाले हमलों को नाकाम कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए भारत के सामने झुका दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में होता है, इसलिए हमारा सेना और सैनिकों के साथ भावनात्मक लगाव है। मुख्यमंत्री ने कहा यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हितों में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे कई कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पाँच गुना तक की वृद्धि की है। पूर्व सैनिकों को विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सम्मान राशि में बढ़ोतरी की गई है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल एक सैन्य अभियान का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की उस अटल प्रतिज्ञा का प्रतीक है कि हमारी माताओं—बहनों के सम्मान, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सिन्दूर भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
May 11, 2026खाली आंगन, सूने खेत और लौटते कदमों का इंतजार करता पहाड़ पहाड़ के गांवों से शहरों की ओर बहता जीवन, पीछे छूट गया घर-आंगन देहरादून। पहाड़ की सुबह आज भी उतनी ही खूबसूरत है। सूरज की पहली किरण जब सीढ़ीनुमा खेतों पर पड़ती है, तो लगता है मानो प्रकृति ने सोने की चादर बिछा दी हो। लेकिन आज इस चमक के पीछे एक गहरा सन्नाटा छिपा हैकृवीरान पगडंडियों का सन्नाटा, बंजर खेतों का सन्नाटा और खाली होते गांवों का सन्नाटा। समय का पहिया ऐसा घूमा कि जो रास्ते कभी घर की ओर ले जाते थे, आज वही पलायन की गवाही दे रहे हैं।गांव के ऊपर वाले खेतों में अब हल की गूँज सुनाई नहीं देती। वह सीढ़ीदार खेत, जिन्हें पुरखों ने अपने पसीने से सींचकर सोना उगाने लायक बनाया था, आज बंजर पड़े हैं। वहां अब मंडुवा और झंगोरा नहीं, बल्कि जंगली घास उग आई है। पहाड़ के बंजर खेत सिर्फ खेती का संकट नहीं हैं, वह टूटते रिश्तों की कहानी भी हैं। जब गांव से युवा गए, तो खेत भी अकेले पड़ गए। पहले जिन खेतों में त्योहारों के गीत गूंजते थे, वहां अब बंदरों और जंगली सूअरों का आतंक है। मेहनत से बोई फसल रातों-रात उजड़ जाती है। धीरे-धीरे लोगों ने खेती छोड़ दी। शाम ढलते ही गांव का सन्नाटा और भारी हो जाता है। बंद घरों पर लगे ताले हवा में हिलते हैं। आंगन सूने हैं, चूल्हों का धुआं गायब है। गांव की बूढ़ी आंखें हर मोड़ पर किसी अपने के लौटने की राह देखती हैं।पहाड़ के गांवों की वीरान पगडंडियां सिर्फ रास्ते नहीं हैं, बल्कि उन अधूरे सपनों की गवाह हैं जो रोजगार, शिक्षा और बेहतर जिंदगी की तलाश में शहरों की ओर निकल गए। बरसों पहले जिन खेतों में गेहूं और मंडुवा लहलहाता था, वहां अब झाड़ियां उग आई हैं। बंदरों और जंगली सूअरों ने खेती की बची उम्मीद भी तोड़ दी।उत्तराखंड के पहाड़ों में आज सबसे बड़ा दर्द सिर्फ पलायन नहीं, बल्कि धीरे-धीरे खत्म होती गांव की आत्मा है। वीरान पगडंडियां और बंजर खेत एक खामोश सवाल बनकर आज खड़े हैं। आज भी हर साल गर्मियों में जब शहरों से कुछ लोग अपने गांव लौटते हैं, तो पगडंडियां फिर थोड़ी देर के लिए मुस्कुराती हैं। बच्चों के कदम पड़ते हैं, घरों के आंगन खुलते हैं और बूढ़ी आंखों में चमक लौट आती है। गांव जैसे फिर से जी उठता हैकृकुछ दिनों के लिए ही सही।
May 11, 2026हरिद्वार। कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र अंतर्गत चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास पैदल मार्ग से लगे जंगल में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार बीते रोज चौकी चंडीघाट, कोतवाली श्यामपुर पुलिस को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा सूचना दी गई कि चंडी देवी मंदिर जाने वाले पैदल मार्ग के समीप जंगल में एक महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर पुलिस को लगभग 30 से 35 वर्ष आयु की एक अज्ञात महिला का शव मिला, जो प्रथम दृष्टया करीब 3 से 4 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। शव की स्थिति खराब होने के कारण मृतका का चेहरा स्पष्ट रूप से पहचान में नहीं आ रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा फील्ड यूनिट टीम द्वारा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में मृतका की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद शव को शिनाख्त, पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई हेतु राजकीय जिला चिकित्सालय हरिद्वार की मोर्चरी में रखवाया गया है।पुलिस के अनुसार मृतका की लंबाई लगभग 5 फुट, रंग गेहूंआ है। मृतका के शरीर पर कई टैटू बने हुए हैं, जिनके आधार पर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
May 11, 2026आखिरकार वही हुआ जिसकी संभावना बहुत पहले समय से जताई जा रही थी। भले ही देश के प्रधानमंत्री इतनी बड़ी बात को कहने के राष्ट्रीय संबोधन का साहस न जुटा पाये हो जो महिलाओं के वोट के मुद्दे जैसे विषय पर राष्ट्र को संबोधित करने से भी न चूकते हो लेकिन अब उन्होंने अपने एक साधारण से संबोधन में जिस तरह से देश की अर्थव्यवस्था पर आने वाले या यह कहे की आ चुके संकट का ऐलान कर दिया है। देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जिंदगी पर इस संकट का असर किसी सुनामी से कम नहीं आंका जा सकता है। यह संकट कभी न कभी आना ही था यह अलग बात है कि सरकार को इसका ठीकरा खाड़ी युद्ध पर फोड़ने का एक सार्थक बहाना मिल गया है। पीएम मोदी ने चुनाव संपन्न होते ही अब इस बात का ऐलान की भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यंत गंभीर संकट में फस गई है सीधेे—सीधे न करते हुए उन्होंने देशवासियों से देशभक्ति, राष्ट्रीय और धरती मां की सुरक्षा के लिए कुछ कुर्बानियां देने के लिए तैयार रहने की अपील के रूप में की गई है। मोदी ने कहा है कि देश के लोग एक साल तक सोना न खरीदे चाहे कुछ भी क्यों न हो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। वह कहते हैं पहले लोग राष्ट्रीय आपदा के समय अपना सोना चंडी दान कर देते थे वह दान करने के लिए नहीं कह रहे हैं वह राष्ट्रीय हित के लिए सोने न खरीदने की बात कह रहे हैं। देश के सर्राफा बाजार और सोना चांदी के व्यवसाय करने वालों का क्या होगा क्या अब उनकी दुकान भी बंद हो जाएगी। लोगों ने मोदी की यह बात मान ली तो इससे यह होना तय है। खाड़ी युद्ध के कारण भारत को हार्माेज का रास्ता बंद होने से न तो उर्वरक मिल रहे हैं न पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस। चुनाव के दौरान भले ही सरकार ने चुप्पी साधे रखकर अपनी राष्ट्रभक्ति का उदाहरण पेश किया हो लेकिन अब राष्ट्रीय शर्म त्याग कर जनता को सच बताना जरूरी और सरकार की मजबूरी हो गया है। पीएम का कहना है कि केमिकल की भरमार कर हमने धरती मां के साथ घोर अपराध किया है। लेकिन अब हमें उर्वरकों का प्रयोग रोककर धरती मां की रक्षा करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से खाने के तेलों का भी कम से कम उपयोग करने की अपील की गई है। वहीं पेट्रोल—डीजल का उपयोग भी कम से कम करने और सौर ऊर्जा से काम चला कर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। मोदी का कहना है कि लोगों को कम से कम पैसा खर्च करना चाहिए तथा देशाटन या विदेशी यात्राओं को भी फिलहाल रोके जाने की जरूरत है। मोदी के इस अपील से यह तो साफ है कि 95 रुपए तक एक डॉलर की कीमत हो जाने के कारण भारत के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वह विदेशों से अब अपनी जरूरत की चीज खरीदने की स्थिति में भी नहीं रहा। कच्चे तेल की कीमतें 114 रुपए प्रति डॉलर पहुंचने तथा रसोई गैस की कीमतों में भारी इजाफे की संभावनाओं के बीच आवश्यक वस्तुओं की कमी होने और महंगाई की सुनामी आना तय हो चुका है। देश का घरेलू उत्पादन न्यूनतम स्तर पर आने तथा बेरोजगारी स्तर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से अब भारत की जीडीपी में भी भारी कमी आने की संभावना है। ग्लोबल ब्रोकरेज यूवीएस के अनुसार अब यह 6.7 फीसदी से गिरकर 6.2 फीसदी रहने की बात कही गई है। सवाल यह है कि क्या देश के लोगों के लिए अब इतने अच्छे दिन आ चुके हैं कि उन्हें अपने खाने—पीने में भी कटौती करनी पड़ेगी। आम आदमी की जेब तो पहले ही खाली हो चुकी है मोदी सोना न खरीदने की अपील कर रहे हैं लोग तो पहले ही अपना सोना बेज चुके हैं। अगर रोजी के बाद रोटी भी हाथ से छीन ली गई तो वह जिएंगे कैसे? मोदी को यह भी बताना चाहिए।
May 11, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राष्ट्रीय हित को सर्वाेपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राष्ट्रीय हित को सर्वाेपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से की गई अपील केवल आर्थिक बचत के लिए नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम सभी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए अनावश्यक विदेश यात्रा को टालना, स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना, पेट्रोल डीजल की खपत कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना, ऊर्जा की बचत करना, एक साल के लिए स्वर्ण आभूषणों की खरीद से बचना, खेती में रासायनिक उर्वरक की बजाय प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करना और खाघ तेल का संयमित उपयोग करना जैसे छोटे छोटे संकल्प लें तो देश की अर्थव्यवस्था में ये हमारा महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के नागरिक हमेशा राष्ट्र हित में अग्रणी रहे हैं। वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प तभी सफल होगा जब हर नागरिक अपने स्तर पर योगदान दे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री जी के आह्वान को जन आंदोलन का रूप देगी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सभी नागरिकों की सहभागिता से ये संकल्प और अधिक मजबूत होगा।