July 1, 2026देहरादून। पुलिस ने चोरी की कार के साथ दो भाईयों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिपुर कला निवासी नुरूलहक ने रायवाला थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसने अपनी टवेरा कार घर के बाहर खडी की थी लेकिन जब वह थोडी देर बाद वापस आया तो उसकी कार अपने स्थान से गायब थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चैकिंग अभियान शुरू कर दी। चैकिंग के दौरान पुलिस ने एक टवेरा कार को रूकने का इशारा किया तो वह कार को तेजी से भगा ले गये।पुलिस ने पीछा कर उनको थोडी दूरी पर ही घेर लिया। पुलिस ने कार में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर वाहन के कागजात मांगे तो कागजात नहीं दिखा सके। कडी पूछताछ में उन्होंने कार को हरिपुर से चोरी करना स्वीकार किया।पूछताछ में उन्होंने अपने नाम सागर थापा पुत्र राजू थापा व अमन थापा पुत्र राजू थापा निवासी नवोदय नगर सिडकुल हरिद्वार व गंगा चौधरी पुत्र गोपी चोधरी निवासी नवोदय नगर सिडकुल बताया।
July 1, 2026देहरादून। कास्मेटिक की आड़ में नारकोटिक ड्रग की सप्लाई करने वाले शातिर को एसटीएफ/एएनटीएफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसके कब्जे से वाणिज्य मात्रा कोडीन व ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किये गये है। आरोपी शातिर किस्म का नशा तस्कर है जो पूर्व में भी नशीली दवाओं की बिक्री मामले मेें जेल की हवा खा चुका है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बीते रोज नशा तस्करी (बिक्री) की एक सूचना के बाद थाना कलियर, जनपद हरिद्वार में एसटीएफ/एएनटीएफ टीम द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर को साथ में लेकर कई संदिग्ध स्थानो पर दबिश देकर छापेमारी की कार्यवाही की गयी, इसी दौरान एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर पर छापा मारा गया तो अहतशाम उल हक पुत्र शहीद निवासी बुड्ढाहेड़ी थाना पथरी हरिद्वार से वाणिज्य मात्रा कोडीन व ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किये गये। एसटीएफ/ एएनटीएफ देहरादून टीम व ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा आरोपी से संबंधित अन्य संभावित ठिकानो पर दबिश दी गई तो आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित 3.9 किलोग्राम कोडीन सिरप व ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुई, जिन्हे आरोपी द्वारा मूल कीमत से कई गुना अधिक मूल्य पर बेचकर अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था। एसटीएफ प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों एवं नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
July 1, 2026उत्तराखंड में तीसरी बार कमल खिलाने के लिए भाजपा का मिशन मोड आगामी चुनाव के लिए भाजपा ने झोंकी ताकत, घर-घर पहुंचेगी उपलब्धियों की लिस्ट विकास पखवाड़े के जरिए भाजपा की आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने की कवायद शुरू देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने पुराने प्रदर्शन में सुधार करने और सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी ने विकास पखवाड़ा को जनसंपर्क और जनकल्याण की नई मुहिम के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसके माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा का मानना है कि लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का रास्ता केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि जनता तक योजनाओं की वास्तविक पहुंच और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से होकर गुजरता है। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों विकास पखवाड़े को मिशन मोड में संचालित करने की तैयारी में जुट गए हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार विकास पखवाड़े के दौरान बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार से जुड़े कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि जनता के बीच लगातार संवाद और योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार से सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।राजनीतिक दृष्टि से भाजपा उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां पिछले चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं रहा था। पार्टी संगठन ने ऐसे विधानसभा क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष रणनीति बनाने के संकेत दिए हैं। स्थानीय मुद्दों, क्षेत्रीय असंतोष और जन अपेक्षाओं को समझते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज किया जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी केवल अपनी उपलब्धियों का प्रचार नहीं करेगी, बल्कि जनता से फीडबैक लेकर कमियों को दूर करने का प्रयास भी करेगी। यही कारण है कि विकास पखवाड़े को जनसंवाद और जनविश्वास के अभियान के रूप में देखा जा रहा है।भाजपा लंबे समय से अंत्योदय की अवधारणा को अपनी राजनीति का आधार बताती रही है। पार्टी का दावा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उसका लक्ष्य है। विकास पखवाड़े के दौरान भी इसी सोच को केंद्र में रखा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस अभियान के माध्यम से दोहरे उद्देश्य साधना चाहती है। पहला, सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना और दूसरा, आगामी चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना।हालांकि भाजपा इस अभियान को पूरी तरह विकास और जनसेवा से जोड़कर देख रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा कोई भी राजनीतिक जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है। ऐसे में विकास पखवाड़ा केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद स्थापित कर अपने पुराने प्रदर्शन में सुधार करने और नए राजनीतिक समीकरण बनाने की एक व्यापक रणनीति के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।
July 1, 2026देहरादून। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन, 2 जुलाई को जनपद देहरादून के सात संवेदनशील स्थलों पर व्यापक मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित करेगा।यहां मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन, 2 जुलाई को जनपद देहरादून के सात संवेदनशील स्थलों पर व्यापक मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित करेगा। इस अभ्यास के माध्यम से बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, सड़क अवरोध, राहत एवं बचाव कार्यों सहित विभिन्न आपदा परिस्थितियों में विभागों की तत्परता, समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता का परीक्षण किया जाएगा। मॉक अभ्यास के लिए दूधली क्षेत्र, सुसवा नदी एवं सोंग नदी तटीय गौहरीमाफी (ऋषिकेश), कार्लीगढ़ क्षेत्र, लंबीधार, किमाड़ी मोटर मार्ग (मसूरी), चकराता/मोरी मोटर मार्ग (तहसील चकराता), सहसपुर—जमनीपुर में आसन एवं स्वर्णा नदी तटीय क्षेत्र (विकासनगर) तथा सहस्रधारा क्षेत्र (देहरादून) को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों के अनुरूप राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद एवं तहसील स्तर पर गठित इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) में नामित अधिकारियों तथा सभी रेखीय विभागों को निर्धारित समय पर पूर्ण तैयारी के साथ मॉक ड्रिल में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी या कार्मिक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनसामान्य से भी अपील की है कि यह केवल मानसून आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करने के उद्देश्य से आयोजित मॉक अभ्यास है। इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही घबराएं। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने की बात कही।
July 1, 2026देहरादून। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम—स्टे योजना के तहत अनुदान राशि जारी करने के एवज में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए परिषद ने उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और विभिन्न सूचनाओं में होम—स्टे योजना के तहत अनुदान वितरण में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए बृजेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मामले की जांच के लिए परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें नियमानुसार जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान बृजेन्द्र पाण्डेय का मुख्यालय उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, देहरादून रहेगा।इस अवधि में उन्हें वित्तीय नियमों के तहत देय जीवन—निर्वाह भत्ता एवं अन्य अनुमन्य भत्ते दिए जाएंगे। साथ ही, उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि निलंबन अवधि के दौरान वे किसी अन्य सरकारी या निजी सेवा, व्यापार अथवा व्यवसाय से जुड़े नहीं हैं।
July 1, 2026देहरादून। भारी बारीश के चलते शहर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जगह—जगह जल भराव दुर्घटनाओं को दावत देते दिखायी दे रहे हैं। यह नजारा देखते हुए लोग सोचने को मजबूर हो गये हैं कि यह स्मार्ट सिटी है या फिर स्विमिंग सिटी है। जहां चारों तरफ पानी ही पानी है।उल्लेखनीय है राज्य निर्माण के बाद दून शहर प्रयोगशाला बन गया है। आये दिन यहां पर कोई न कोई प्रयोग होते दिखायी देते रहते हैं। अभी लोग जाम के झाम से निजात नहीं पा पाये थे। ऊपर से कोढ में खाज का काम स्मार्ट सिटी के नाम से शुरू कर दिया। स्मार्ट सिटी के नाम पर जगह—जगह खुदाई शुरू हो गयी। लेकिन उसका कोई विकल्प जनता के लिए नहीं छोडा गया। शहर जैसे गढडों का शहर बनता जा रहा है। अधिकारी एसी कार्यालयों में बैठकर योजनाएं बना रहे हैं और धरातल में क्या हो रहा है इस बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। जहां एक ओर गर्मी के चलते लोगों के हलक सूख रहे थे तो बारिश के आते ही लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। लेकिन जब वही लोग घरों से बाहर सडकों पर आये तो उनकी आफत आ गयी। जगह—जगह पानी का भराव व चलने में काफी दिक्कत दिखायी दे रही थी। वहीं एक डर यह भी लोगों को सता रहा था कि कहीं कोई गढडे में न गिर जाये। क्योंकि स्मार्ट सिटी के गढडे पानी से भर गये और अब चारों तरफ पानी ही पानी दिखायी दे रहा था गढडे पानी के कारण छुप गये जिसके चलते लोगों को सडकों पर चलना भी जोखिम लग रहा था। जहां एक ओर लोगा बारिश के आते ही चहकने लगे थे वहीं अब वह बारिश रूकने की दुआ मांगते दिखायी दिये। यह हाल है इस स्मार्ट सिटी का। अब तो लोग यह भी कहते सुनायी देते दिखायी दे रहे हैं कि ट्टइसको स्मार्ट सिटी नहीं अपना पुराना देहरादून ही रहने दो’। अब लोग सोचने पर मजबूर हो गये हैं कि क्या राज्य बनाकर उन्होंने गलत कर दिया है। पहले चाहे अधिकारी व नेता लखनऊ में रहते थे लेकिन शहर का विकास होता रहता है लेकिन अब राज्य बनने के बाद विकास के नाम पर विनाश होता दिखायी दे रहा है। यह बात तो साफ हो गयी है कि शहर के विकास की पोल बारिश ने पूरी तरह खोलकर रख दी है कि शहर का कितना विकास हुआ है। क्यों बारिश के शुरू होते ही शहर पानी—पानी हो गया है। जिससे लोगों की जान आफत में आ गयी। अगर इसी प्रकार का विकास होता रहा तो वह दिन दूर नहीं कि लोग कहने को मजबूर हो जायेंगे कि सडक में गढडे हैं या फिर गढडों में सडक का निर्माण हो रखा है। अब तो इस शहर का भगवान ही मालिक है।