August 17, 2026नई दिल्ली में NICDIT की शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल प्रतिभाग किया देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में देश में औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति, उनके समयबद्ध क्रियान्वयन तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई।बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC), खुरपिया की प्रगति एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार IMC खुरपिया को प्रदेश के औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने और इसके समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सफल विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि पूरी तरह NUITL के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक आधार तैयार हो चुका है।उन्होंने बताया कि IMC खुरपिया के विकास के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है और निर्माण कार्य भी प्रारम्भ हो गया है। परियोजना के तहत कुल 24.1 किलोमीटर Right of Way (ROW) को क्लियर कर EPC ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है, जिसके बाद सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके लिए मजबूत कनेक्टिविटी, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति और आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का होना अत्यंत आवश्यक है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा IMC खुरपिया की बाह्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नागला-किच्छा SH-44 के लगभग 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किए जाने के लिए आवश्यक समन्वय एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। यह मार्ग IMC खुरपिया को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि परियोजना के लिए निर्बाध एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में PITCUL द्वारा 400/220 केवी उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही एवं समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूत विद्युत एवं सड़क कनेक्टिविटी IMC खुरपिया में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए एक मजबूत आधार उपलब्ध कराएगी।मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की निरंतर निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि परियोजना के विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त हों और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो।मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार तथा NICDIT/NICDC द्वारा गठित SPV से आवश्यक सहयोग एवं समन्वय की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से IMC खुरपिया को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार परियोजना से जुड़े सभी राज्य स्तरीय विषयों के समाधान के लिए तत्पर है और IMC खुरपिया के विकास में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि IMC खुरपिया आने वाले समय में उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखण्ड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित रहे |
August 17, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो।एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष श्री अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, निदेशक खेल सुश्री दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
August 17, 2026देहरादून। पुलिस ने सात किलो गांजे के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने—अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी/बिक्री में लिप्त लोगोें को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रो में पुलिस टीमों द्वारा लगातार नशा तस्करो के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।थाना नेहरू कालोनी पर गठित टीम द्वारा दीपनगर क्षेत्र में चैकिंग के दौरान रेलवे पटरी पुल के पास से मिली सूचना पर निश्चल योगी उर्फ रमेश पुत्र तपेन्द्र योगी, निवासी कालिकोट, थाना तीरवेणी, जनपद राजकोट नेपाल, तथा बंटी सिंह पुत्र कालीचरण निवासी ग्राम आलमपुरा, थाना चंदौस, जनपद अलीगढ़, उत्तर प्रदेश को 07 किलो 86 ग्राम गाँजे के साथ गिरफ्तार किया गया। जिनके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूछताछ में उनके द्वारा बरामद गांजे को अलीगढ़ से सप्लाई कर देहरादून लाना बताया गया, जिसे वे सपेरा बस्ती व उसके आसपास के क्षेत्र में नशे के आदि स्थानीय व्यक्तियों को बेचने की फिराक में थे। गिरफ्तार महेश पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में देहरादून तथा फरीदाबाद से जेल जा चुका है, उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट व अन्य आपराधिक घटनाओं के कई मुकदमें दर्ज हैं, जिनके संबंध में जानकारी की जा रही है।
August 17, 2026पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह बने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नई दिल्ली/देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन को और मजबूती देने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लेते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता तीरथ सिंह रावत को पार्टी का नया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।बता दें कि संघीय पृष्ठभूमि और व्यापक संगठनात्मक अनुभव रखने वाले तीरथ सिंह रावत पहले भी बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पार्टी के इस फैसले से आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और विभिन्न राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों में उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
August 17, 2026पटना। बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में आज सुबह उस समय अफरा—तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में सात महिलाओं की मौत होने की सूचना है, जबकि करीब 5 से 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जानकारी के अनुसार आज सुबह अशोकधाम मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर तक पहुंचने के लिए अशोकधाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के सामने से लंबी कतार लगी हुई थी। इसी दौरान स्टेशन पर दो ट्रेनें पहुंचने से वहां भीड़ और दबाव बढ़ गया। बताया जा रहा है कि इसी बीच बिजली का खंभा गिरने की अफवाह तेजी से फैल गई। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार खंभा नहीं गिरा था, बल्कि बिजली का तार टूट गया था। अफवाह के बाद भीड़ में अचानक दबाव बढ़ गया और महिलाओं की कतार में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। अचानक बढ़े दबाव के कारण महिलाओं की लाइन में मौजूद कई श्रद्धालु अपना संतुलन खो बैठीं और एक—दूसरे के ऊपर गिरने लगीं। कुछ ही देर में कई महिलाएं भीड़ के नीचे दब गईं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के दौरान करीब 20 से 25 महिलाएं एक—दूसरे के ऊपर गिर गईं, जिससे कई लोग बेहोश हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख—पुकार और अफरा—तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन की ओर से दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में अब तक सात महिलाओं की मौत हो चुकी है। वहीं 5 से 6 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य के साथ—साथ भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की निगरानी शुरू कर दी है। लखीसराय के जिलाधिकारी श्ौलेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और घटना की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
August 17, 2026नई दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले दिल्ली ऑटो यूनियन ने जंतर—मंतर पर केंद्र और दिल्ली, दोनों सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन ड्राइवरों की सोशल सिक्योरिटी और काम करने की स्थितियों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए तुरंत ऑटो—टैक्सी ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड बनाने की मांग कर रही है।दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र सोनी ने ऑटो और टैक्सी ऑपरेटर्स से प्रदर्शन में शामिल होने और सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखने की अपील की है। यूनियन ने व्हीकल की फिटनेस टेस्टिंग के लिए बढ़ाए गए चार्ज को वापस लेने की भी मांग की है। ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने नवंबर 2025 में 20 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट फीस बढ़ा दी थी। ये कदम पुरानी गाड़ियों के लगातार इस्तेमाल को कम करने के मकसद से उठाया गया था।वेलफेयर बोर्ड और फिटनेस फीस के मुद्दे के अलावा, यूनियन ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी कई और मांगें भी उठाई हैं। इनमें ड्राइवर्स के काम के घंटों की साफ सीमा तय करना और दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाना शामिल है। यूनियन ने प्राइवेट रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बाइक टैक्सी पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की है। उनका तर्क है कि ऐसी सेवाओं की बारीकी से जांच और रेगुलेशन की जरूरत है।