April 25, 2026कब जागेगा शासन—प्रशासन वीआईपी कल्चर से जनता परेशान देहरादून। सत्ता और सरकार से सवाल पूछना जहां मीडिया के लिए भी मुमकिन न हो वहां अगर कोई आम आदमी किसी मंत्री, विधायक या फिर किसी अधिकारी से सवाल पूछे वह भी भारी आक्रोश और गुस्से में तब उसके साहस को लोगों का सलाम करना स्वाभाविक है। बात चाहे देवभूमि के उस युवक की हो जो मोहम्मद दीपक के नाम से बीते दिनों चर्चाओं में रहा या फिर उस महिला की जिसने मुंबई की सड़कों मेंं सरेआम भाजपा के एक मंत्री और पुलिस अधिकारियों को लताड़ा जिसका वीडियो पूरे देश में अब वायरल हो रहा है।देश के संविधान और कानून की किताबों में भले ही सभी नागरिकों के अधिकारों का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया गया हो लेकिन सत्ता में बैठे नेताओं द्वारा इन नियम कानूनों की परवाह किए बिना कैसे इनका उल्घंन किया जाता है और आम जनता को किस तरह की मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं तथा पुलिस प्रशासन भी किस तरह उनकी कठपुतली बना रहता है यह सभी जानते हैं। साथ साथ यह भी जानते हैं उनके विरोध करने का नतीजा क्या हो सकता है। सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं में किसी को भी जेल पहुंचा देना उनके लिए कितना आसान होता है।देश के कोने—कोने से आए दिन ऐसी तस्वीरे सामने आती रहती है। इन दिनों केंद्रीय सत्ता पर आसीन भाजपा ने सभी राज्यों में अपनी सरकारों व संगठन के लोगों से महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के लिए उतारा हुआ है। सत्ताधारी दल बिल पास होने के बावजूद भी महिला आरक्षण में अड़गां डालने के लिये कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं देश भर में इसे लेकर जो राजनीतिक तमाशा तो चल ही रहा है लेकिन सवाल यह है क्या सत्ता में बैठे लोगों द्वारा जनता को परेशान करना चाहिए?बात दून कि की जाए तो यहां भी सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भटृ के नेतृत्व में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं। सड़कों की स्थिति जहां पहले से ही इतनी खराब है कि लोग घंटों घंटो जाम में फंसे रहते हैं उस समस्या को अगर सत्ताधारी दल ही बढा़ने पर उतर आए तो इसे क्या कहा जाएगा घंटाघर पर धरना प्रदर्शन नहीं होगा, पुतला दहन नहीं होगा ऐस्ले हाल चौक पर नहीं होगा गांधी पार्क पर भी नहीं होगा इसे लेकर सालों से प्रशासन कोशिशे कर रहा है। रिस्पना पुल चूना भट्ठा पर इसके लिए एक स्थल भी तय किया गया है लेकिन नतीजा ढाक के तीन पाथ ही रहा परेड ग्रांउड से लेकर सचिवालय और घंटाघर से लेकर सीएम आवास तक कभी भी कहीं भी इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां आज तक भी जारी है। जब सत्ताधारी दाल भी इसमें शामिल होंगे तो रोकेगा कौन? रही बात जनता कि उसे दिक्कत होती है तो होती रहे। विधानसभा सत्र के दौरान तो लोग गली मोहल्ले की सड़कों पर घंटो भटकते रहते हैं उनकी समस्याओं से सरकार का क्या लेना देना है यह भारत है कोई नेपाल तो है नहीं जहां वीआईपी काफिले के लिए सड़कों को नहीं रोका जाए।
April 25, 2026उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा मेंं बालिकाओं ने मारी बाजी इंटरमीडिएट में 85.11 व हाईस्कूल में 92.10 फीसदी रहा कुल परीक्षा परिणाम देहरादून। उत्तराखण्ड बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने पर इस बार भी बालिकाओं ने बाजी मारी। इंटरमीडिएट में 85.11 व हाईस्कूल में 92.10 प्रतिशत परीक्षा का परिणाम रहा।आज यहां उत्तराखंड विघालयी शिक्षा परिषद द्वारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया है। प्रदेश के विघालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रामनगर स्थित विघालयी शिक्षा परिषद के सभागार में बोर्ड परीक्षओं के परिणाम जारी किये। इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल परिणाम 85.11 फीसदी जबकि हाईस्कूल में 92.10 फीसदी रहा है। इस अवसर पर विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने मेधावी छात्रों व उनके अभिभावकों से फोन पर बात कर उन्हें बधाई व शुभकानाएं दी। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बोर्ड परीक्षा परिणाम सफलतापूर्व घोषित किये जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसके लिये परिषद के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों को बधाई दी, उन्होंने कहा कि सभी लोगों के अथक परिश्रम और समर्पण से परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किया गया। डॉ. रावत ने बताया कि इस वर्ष इंटरमीडिएट में कुल परीक्षा परिणाम 85.11 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.93 जबकि बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.09 रहा है। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट में कुल 102986 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 100452 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुये जबकि 85499 उत्तीर्ण हुये। विगत वर्ष 2025 की तुलना में इस वर्ष इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम 1.88 फीसदी अधिक रहा है। इसी प्रकार इस वर्ष हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 92.10 फीसदी रहा। जिसमें 88.03 फीसदी बालकों जबकि 96.07 फसदी बालिकाओं ने बाजी मारी। डॉ. रावत ने बताया कि हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा के लिये 112266 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 108983 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये जबकि 100373 छात्र—छात्राएं उत्तीर्ण हुये। हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम विगत वर्ष 2025 की तुलना में 1.33 प्रतिशत अधिक रहा है। जो बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, शिक्षकों व छात्र—छात्राओं की मेहनत को प्रदर्शित करता है। डा. रावत ने इस अवसर पर परिषदीय परीक्षा की प्रवीणता सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र—छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के साथ फोन पर बातचीत की उन्हें शुभकामनाएं दी। उत्तराखंड विघालयी शिक्षा परिषद की 12वीं बोर्ड परीक्षा की संयुक्त श्रेष्ठता सूची में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतिका पंत व भंजूराम अमर इंटर कॉलेज ऊधमसिंह की सुशीला मेंहदीरत्ता ने 98 फीसदी अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से सर्वाेच्च स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार सरस्वती विघा मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास ऋषिकेश के आर्यन ने 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जबकि सरस्वती विघा मंदिर मायापुर हरिद्वार की वंशिका ने 97 फीसदी अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा की श्रेष्ठता सूची में एम.पी. हिन्दू इंटर कॉलेज रामनगर नैनीताल के अक्षत गोपाल ने 98.20 फीसदी अंक हासिल कर सर्वाेच्च स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार एस.वी.एम. इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी के इशांत कोठारी तथा जी.बी. पंत राजकीय इंटर कॉलेज खैरना, नैनीताल की भूमिका ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप दूसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि विवेकानंद वी.एम. इंटर कॉलेज मण्डलसेरा बागेश्वर के योगेश जोशी ने 97.80 फीसदी अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड विघालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में बागेश्वर जनपद का प्रदर्शन शानदार रहा है। बागेश्वर जनपद ने इंटरमीडिएट में कुल 94.84 फीसदी व हाइस्कूल में 96.98 फीसदी परीक्षाफल के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड विघालयी शिक्षा परिषद ने 10वीं व 12 वीं के परीक्षाफल सुधार परीक्षा—2025 के द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम भी घोषित किये। जिसमें हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा का परीक्षाफल 68.67 रहा है। 10वीं बोर्ड परीक्षा में 382 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण किया था जिसमें से 239 छात्र—छात्राएं उत्तीर्ण हुई। इसी प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षाफल सुधार परीक्षा (द्वितीय) वर्ष—2025 का परीक्षाफल 66.27 फीसदी रहा। उक्त परीक्षा में कुल 464 परीक्षार्थी पंजीकृत थे जिसमें 279 उत्तीर्ण हुये।
April 25, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर (नैनीताल) द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले क्रमशः एम.पी. हिन्दू इंटर कॉलेज, रामनगर (नैनीताल) के अक्षत गोपाल, एस.वी.एम. इंटर कॉलेज, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) के इशांत कोठारी, जी.बी. पंत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, खैरना (नैनीताल) की भूमिका तथा विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मंडलसेरा (बागेश्वर) के योगेश जोशी से फोन पर संवाद कर उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाली सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतिका पंत, भंजूराम अमर इंटर कॉलेज, भूरारानी (उधमसिंह नगर) की सुशीला मेंदीरत्ता, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश के आर्यन तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मायापुर (हरिद्वार) की वंशिका से भी दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही छात्र-छात्राएं इस प्रकार की सफलता प्राप्त कर पाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर आगे बढ़ें तथा राज्य एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है तथा मेधावी विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
April 25, 2026‘साफ्ट हिदुत्व’ और ‘विकास’ का एजेंडा मुख्यमंत्री लगातार ले रहे हैं बडे़ फैसले, भाजपा कर रही बड़ी रैलियां सरकार को घेरने की रणनीति पर कांग्रेस पार्टी लगातार कार्य कर रही कांग्रेस के लिए पैदा कर दी हैं भाजपा सरकार ने कई नई चुनौतियां देहरादून। प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी साल में एक ओर भाजपा जहां ’साफ्ट हिदुत्व’ और ’विकास’ के एजेंडे के साथ चुनाव की तैयारियां कर रही है। वही दूसरी ओर कांग्रेस के लिए भाजपा सरकार ने कई नईईचुनौतियां पैदा कर रही है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार चुनावी मोड में आ गई है। वही कांग्रेस भी मैदान में आक्रामक होकर उतरने को तैयार है।उत्तराखंड में भाजपा सरकार पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। इसके लिए सरकार बडे़ फैसले लेने में लगी है ताकी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ मैदान में उतरा जा सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां लगातार बडे़ फैसले ले रहे हैं वही भाजपा प्रदेश में बड़ी रैलियां आयोजित कर रही है। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तैयारी के साथ भाजपा सरकार को घेरने के लिए रणनीति पर कार्य कर रही है।बता दें कि प्रदेश सरकार चुनावी मोड में नजर आ रही है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। वही भाजपा हिंदुत्व और विकास को लेकर जनता के सामने जाने की तैयारी में हैं। भाजपा जहां सरकार की उपलब्धियों को अपनी जीत में परिवर्तित करने में लगी है वही इसके लिए भाजपा प्रदेश में बडे़ नेताओं की रैलियां आयोजित करवा रही है। इसके साथ ही सूबे के अलग-अलग क्षेत्रों में महिला आरक्षण विल को लेकर भी जनसमर्थन जुटाने में लगी है। दूसरी ओर कांग्रेस बिल के विरोध में धरना और प्रदर्शन करने में लगी है। इसके साथ ही कांग्रेस सरकार की नाकामियों को लेकर मैदान में उतरने को तैयार है।प्रदेश में सरकार द्वारा लिए गए हालिया फैसलों से यह लग रहा है कि प्रदेश सरकार चुनावी मोड में आ गई है। चुनावी साल में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को भंग करने की एक बड़ी घोषणा की है। सरकार का कहना है कि जुलाईई 2026 से सभी मदरसों में अनिवार्य रूप से उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा, जो मदरसे इसे नहीं मानेंगे, उन्हें बंद करने की चेतावनी दी गई है। इस कदम को राज्य में शिक्षा सुधार और समान नागरिक संहिता की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।यही नहीं आगामी चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी काफी सक्रिय हैं। उन्होंने राज्य के 29 विधानसभा क्षेत्रों की चरणवार समीक्षा शुरू की है। इसके तहत वह लंबित घोषणाओं और विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शासन के प्रदर्शन को बेहतर बनाना और जनता के बीच सरकार की पहुंच को मजबूत करना है। चुनावी साल में सीएम धामी के सक्रिय होने से यह तो साफ हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लगा जाएगा। शायद यही कारण है कि वह लगातार क्षेत्रों में जा रहे है। हालांकि विधानसभा चुनाव की अभी घोषणा होना बाकी है, लेकिन प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस भी चुनावी मोड में आ गए है।
April 25, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
April 25, 2026समाजसेवी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की कोख से जन्मी आम आदमी पार्टी जितनी तेजी से देश के राजनीतिक फलक पर उभरी थी उससे भी अधिक तेजी से अब रसातल में जाती दिख रही है। देश में व्याप्त भयंकर भ्रष्टाचार को मिटाने का उद्देश्य लेकर पैदा होने वाली आदमी पार्टी के संयोजक और संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने जब इस पार्टी के गठन की मंशा जाहिर की थी तब अन्ना हजारे ने उन्हें यह कहकर रोकने का प्रयास किया था कि वह कीचड़ के दलदल से दूर रहे लेकिन उन्होंने यह दलील देकर की कीचड़ को अगर साफ करना है तो कीचड़ में उतरना ही पड़ेगा उनकी बात को खारिज कर दिया था। इस पार्टी को लेकर देश के बुद्धिजीवियों व कुछ युवाओं में इस कदर उत्साह देखा गया कि अनेक बड़े चेहरे इस पार्टी का हिस्सा तो बने लेकिन बाद में वह उतनी ही जल्दी चले भी गए और जो पार्टी में बने भी रहे वह अब पार्टी से पल्ला झाड़ झाड़ कर जा रहे हैं इसका ताजा उदाहरण है राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और उनके साथ 6 अन्य सांसद जिन्होंने कल विधि— विधिवत भाजपा का दामन थाम लिया है। पार्टी के 10 में से अगर 7 संासद चले गए हो तथा संजय सिंह को छोड़कर बाकी भी जाने को तैयार बैठे हो उसका सीधा मतलब यही है कि आधी आम आदमी पार्टी का विलय भाजपा में हो चुका है। चर्चा यह भी है कि भाजपा का अगला टारगेट अब पंजाब और वहां की मानं सरकार है। खैर यह भविष्य की बात है इस पर बात ही क्या करनी है ? राघव चड्ढा का कहना है कि इस पार्टी का जो मूल उद्देश्य था उससे पार्टी भटक चुकी है बड़ी सीधी सी बात है कि अब देश में वैसा मीडिया भी नहीं रहा है जो उनसे सवाल कर पाता कि जिस भाजपा का पटका आपने आज पहना क्या उसमें अब वह सब गुण नजर आ रहे हैं जो आम आदमी पार्टी में नहीं थे या जिन अवगुणों के कारण आपको इस पार्टी को छोड़ना पड़ा है उसका यही कारण था या फिर कुछ और? आप को छोड़ने वाले एक राज्यसभा सांसद के ठिकानों पर अभी पड़े छापे भी तो इसका कारण हो सकते हैं। संजय सिंह तो कह रहे हैं कि इन नेताओं ने पार्टी के साथ गद्दारी की है तथा ईडी और सीबीआई के डर से उन्होंने पार्टी छोड़ी है। इस बड़ी टूट—फूट और भविष्य में इससे भी बड़ी भगदड़ की संभावनाओं के बीच अब आम आदमी पार्टी का क्या वजूद शेष बच पाएगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन बीते एक दशक में राजनीति का चाल चरित्र और चेहरा जिस तरह से बदला है और बदल रहा है उसमें अब किसी सुचिता और सिद्धांतों की बात भी नहीं की जा सकती है। संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक लाभ और सत्ता के लिए नेताओं के बीच जिस तरह की कुर्ता घसीटन चल रही है षड्यंत्र रचे जा रहे हैं वहां कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। शराब घोटाले में भले ही अरविंद केजरीवाल जीत गए हो लेकिन क्या जेल की हवा खाने से स्वयं को बचा पाए अब कैसे राजनीतिक कीचड़ साफ करो या मरो इसी राजनीति के कीचड़ में डूब कर। आम आदमी पार्टी कि अगर सबसे बड़ी उपलब्धि कुछ है तो वह मुफ्त की रेवडिं़या राजनीतिक सौगात जो उन्होंने देश को दी। जिसका खामियाजा अब पूरा देश भुगत रहा है।