December 14, 2025लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी को पार्टी की प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के इतिहास में यह 16वीं बार है जब नया अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले 15 नेता इस पद पर रह चुके हैं, जिनमें सात ब्राह्मण थे – कलराज मिश्र दो बार। दिलचस्प बात यह है कि दो बार प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री बने हैं। चौधरी का चयन पार्टी की OBC रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, खासकर सपा की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति का मुकाबला करने के लिए। यूपी में कुर्मी बहुल 16 जिलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।निर्वाचन प्रक्रिया में कोई विरोधी उम्मीदवार नहीं होने से वे निर्विरोध चुने गए।यह फैसला 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां पार्टी OBC वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। घोषणा रविवार, 14 दिसंबर 2025 को लखनऊ में हुई, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।पंकज चौधरी एक अनुभवी राजनेता हैं, जो कुर्मी समुदाय (OBC) से ताल्लुक रखते हैं। वे महाराजगंज लोकसभा सीट से 1991 से लगातार सात बार सांसद चुने जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं और वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। पार्टी में उनकी छवि एक जमीनी कार्यकर्ता की है, जो संगठन को मजबूत करने में माहिर हैं। 1980 में भाजपा उत्तर प्रदेश इकाई की स्थापना के बाद वे 16वें प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।भाजपा के संगठन चुनाव के तहत शनिवार को नामांकन हुआ, जहां चौधरी के अलावा किसी ने पर्चा नहीं भरा। रविवार को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में केंद्रीय चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे। साथ ही, राष्ट्रीय परिषद के 120 सदस्यों की सूची भी जारी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह समेत सांसद, विधायक, महापौर और जिला अध्यक्ष शामिल हुए।
December 14, 2025देहरादून । युवा शिव सेना द्वारा स्वर्गापुरी मंदिर, निरंजनपुर मंडी, देहरादून में एक रक्तदान शिविर एवं निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर में रक्तदान के साथ-साथ आमजन की सुविधा हेतु विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी डॉक्टर उपलब्ध रहे। शिविर में डेंटिस्ट, सूजोक थैरेपिस्ट, एक्यूप्रेशर एवं एक्यूपंक्चर विशेषज्ञों द्वारा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। इस आयोजन का लाभ लगभग 250–300 लोगों ने उठाया। रक्तदान शिविर के दौरान समाजसेवियों एवं रक्तदाताओं के उत्साहपूर्ण सहयोग से 60 यूनिट से अधिक रक्तदान संपन्न हुआ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि युवा शिव सेना के प्रदेश अध्यक्ष श्री सागर रघुवंशी जी व राज्य मंत्री श्री देशराज कंडवाल जी, पूर्व राज्य मंत्री श्री रामकुमार वालिया जी, नवनियुक्त भाजयुमो महानगर अध्यक्ष श्री कुलदीप पंत जी व साथ हीं सेकड़ो युवा भी उपस्तिथि रहें,व यह शिविर स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानवीय सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।महानगर अध्यक्ष श्री मनजीत भट्ट ने अपने वक्तव्य में कहा कि रक्तदान एवं स्वास्थ्य सेवा जैसे आयोजन समाज के प्रति संगठन की जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि युवा शिव सेना भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।उपाध्यक्ष श्री सुमित चौधरी ने कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र में नियमित रूप से लगने वाले सेवा शिविरों की एक मजबूत शुरुआत है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना है।क्षेत्र प्रमुख श्री आयुष पासवान ने कहा कि क्षेत्र में युवाओं एवं शिव सैनिकों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे और भी रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगेइस अवसर पर महानगर सचिव क्षेत्र प्रमुख दीपक धीमान रितेश कुमार सावन राजपूत सागर गोयल अभिषेक गुप्ता राहुल चौहान वंश राजपूत गुरमीत चौहान दीपक लमगढ़िया रोहित शाह दीपक सिंह उत्तम वर्मा रोहित वर्मा आकाश रघुवंशी कबीर मलिक राजीव कुमार हजारों की संख्या में लोग एवं युवा शिव सैनिक उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन को ऐतिहासिक सफलता प्रदान की।
December 14, 2025सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदियों के त्योहार हनुक्का मना रहे लोगों को निशाना बनाकर दो हमलावरों ने गोलीबारी की है, जिसमें कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर है।यह भयावह घटना रविवार दोपहर नॉर्थ बॉन्डी बीच पर हुई, जहां काले कपड़े पहने दो हमलावरों ने हाई पावर हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की।पुलिस ने एक हमलावर को गोली मार दी और दूसरे को पकड़ लिया है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने इसे ‘दिल दहलाने वाला’ बताया और लोगों से शांत रहने की अपील की है।सिडनी में यहूदी समुदाय हनुक्का का त्योहार मना रहा था, जो 14 दिसंबर से शुरू हुआ है। बॉन्डी बीच पर उत्सव के दौरान हुई इस गोलीबारी में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। सोशल मीडिया वीडियो में लोग दहशत में रेत पर दौड़ते और चीखते-चिल्लाते हुए जान बचाते दिखे, जबकि पास में गोलियों की तेज आवाजें आ रही थीं। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों ने लगभग 50 गोलियों की आवाजें सुनी थीं, जिससे हमले की भयावहता का पता चलता है।Australia: स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा तो खालिस्तानियों को लगी मिर्ची, किया उत्पात तो झड़प होते-होते बची। हमले के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को हिरासत में ले लिया है। एक हमलावर को पुलिस ने मौके पर ही गोली मार दी, जबकि दूसरे हमलावर को पकड़ा गया। फिलहाल दोनों ही पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर रहने और न्यू साउथ वेल्स पुलिस द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने का आग्रह किया है। इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
December 14, 2025चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने पूर्ण वसूली लिए डीएम से की सिफारिशदेहरादून। जिले के बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित बकाया वसूली के तहत रू 87.50 करोड़ की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।जिलाधिकारी ने सुभारती समूह से बकाया राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी बड़े या छोटे बकायेदार को बकाया राशि न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा। जनपद में राजस्व वसूली को गति देने तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यवाही कर कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने द्वारा जारी कुर्की वारंट से स्पष्ट किया गया है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है।जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जनता के धन की लूट करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे एवं बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जिन्होंने लंबे समय से देय राशि जमा नहीं की है या जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इनके विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाकर तत्परता से वसूली सुनिश्चित की जाए।संस्थान को 6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना भारी पड़ गया है, जिला प्रशासन ने वसूली वारंट जारी कर दिया है, अगले कुछ ही दिवसों में संस्थान का बैंक खाता सीज संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने डीएम से की सिफारिशचिकित्सा शिक्षा निदेशक ने संस्थान से पूर्ण वसूली के जाने के सिफारिश जिलाधिकारी को की थी।शैक्षिणक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाये द्वितीय बैच के कुल 74 छात्रों द्वारा मा० उच्चतम न्यायालय में एंव रिट याचिका (सिविल) योजित की गई थी, जिसमें में छात्रों की ओर से संस्थान में संरचना उपलब्ध नहीं है, से लगतार शिक्षा प्राप्त नही कर सकते है। याचिका में एम०सी०आई० द्वारा अपने तथ्य रखे गये थे और याचिका में यह प्रश्न था कि छात्रों को अन्य संस्थान में प्रवेश देकर अन्तरित किया जायें। वर्ष 2019 में मा0 उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया गया था कि 300 छात्राओं को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अन्तरित किया जाये। मा० उच्चतम न्यायालय ने यह भी आदेश दिया गया था कि यह छात्र केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज में लागू फीस का ही भुगतान करेगे। मा० उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश को 12 अप्रैल 2019 के आदेश में पुनः पुष्ट किया गया था। श्रीदेव सूमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में इन सभी 300 छात्राओं को राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समयोजित किये जाने हेतु लगभग एक नये मेडिकल कॉलेज को खोलने के अनुरूप अपेक्षित संरचना स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसमें राज्य सरकार पर अनापेक्षित वित्तीय भार आ गया था, जबकि उक्त संस्था द्वारा इन छात्रों से शुल्क बिना किसी काम के संग्रहित किया गया था।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व की हानि किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। बकायेदारों द्वारा देरी या भुगतान से बचने की प्रवृत्ति पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल तैयार करें, प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करें, लगातार फॉलोअप करते हुए वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, आवश्यक होने पर कुर्की, नोटिस, बैंक खाता कुर्की या अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जनता की कमाई से जुटाया गया धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ चलाया जाए ताकि जनपद में राजस्व वसूली की स्थिति मजबूत हो सके।
December 13, 202517 दिसम्बर 2025 से 45 दिनों तक संचालित होगा यह अभियानदेहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में 17 दिसम्बर 2025 से 45 दिनों तक ‘‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’’ अभियान संचालित किया जायेगा। इस अभियान के दौरान विभिन्न न्याय पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में कैंम्प लगाकर आम आदमी से जुडी योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किये गए हैं।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन श्री विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित पत्र में प्रदेश में केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की योेजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने एवं जरूरतमंदों लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बताया दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान के अन्तर्गत विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाये जाने तथा न्याय पंचायतों/ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जन सामान्य से आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए उस पर कार्यवाही की जायेगी।श्री सुमन ने बताया यह कार्यक्रम न्याय पंचायत के स्तर पर संचालित किया जायेगा तथा वहां पर बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प का आयोजन किया जायेगा, यदि कोई न्याय पंचायत बहुत बड़ी हो तो उस न्याय पंचायत में दो भागों में गांव को विभक्त करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।उन्होंने बताया इस अभियान के दौरान बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प में उपस्थित लोगों को केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की जायेगी तथा कैम्प में उपस्थित पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने बताया कैम्प के उपरान्त निकट के किसी गांव में सभी अधिकारियों द्वारा भ्रमण किया जायेगा तथा उस गांव के सभी पात्र व्यक्तियों को केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किये जाने हेतु आवेदन पत्र भराये जायेंगे। उस ग्राम पंचायत के सभी निवासीगण केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की सभी प्रकार की योजनाओं से पूरी तरह से लाभान्वित हो सके तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि कैम्प लगाये जाने से पूर्व मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाने, जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में कम से कम 02 से 03 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की न्याय पंचायतों में यह कैम्प लगाया जाना सुनिश्चित किया जाय। प्रयास किया जाय कि प्रत्येक सप्ताह जनपद में जितनी तहसील है उनकी कम से कम एक-एक न्याय पंचायतों में यह आयोजन किया जायें। यह कार्यक्रम न्यूनतम 45 दिन तक अनिवार्य रूप से सभी न्याय पंचायतों में चलाया जाना है। यदि इस अभियान के दौरान सभी न्याय पंचायतें आच्छादित नहीं हो पाते है तो कार्यकम को तद्नुसार जनपद द्वारा आवश्यकतानुसार इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिये है कि ग्राम स्तर पर केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभ से संबंधित क्षेत्र/ग्राम पंचायत में कौन-कौन से लोग वंचित है, इसका पूर्व से ही विभिन्न विभागों के माध्यम से सर्वेक्षण करा लिया जाय तथा भ्रमण के दौरान इन कमियों को दूर किये जाने की कार्यवाही की जाय तथा सभी सम्बन्धित से आवेदन पत्र भराये जाएं।पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक कैम्प में अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहें। अन्य कैम्पों कमशः मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। आयोजित होने वाले कैम्पों में नामित विभागों के अधिकारीगण कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे तथा कैम्प के दौरान यह प्रयास किया जाय कि आम जन मानस की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सम्भव हो सके।उन्होंने बताया कि कैम्प लगाये जाने के दो से तीन दिन पूर्व सभी प्रकार के आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध रहें, ताकि आवेदन पत्र भरे जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने जनपद स्तर पर न्याय पंचायतों में लगाये जाने वाले कैम्पों की रूप-रेखा/कार्य योजना एक सप्ताह में तैयार करते हुए शासन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये है ताकि शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा संचालित कैम्पों का औचक निरीक्षण किया जा सकें। उन्हांेने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम के उपरान्त कार्यक्रम की सफलता/किये गये कार्यों का विवरण मीडिया को साझा किया जाय तथा प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यकमों की प्रगति आख्या अनिवार्य रूप से मा० मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय तथा सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
December 13, 202506 से 12 बेड में विस्तार, अब तक 492 शिशुओं को मिला नव जीवन देहरादून। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एसएनसीयू नवजातों के लिए संजीवनी बन गया है अब तक 1 से 12 बेड में विस्तार होकर 492 शिशुओं को नव जीवन मिला है।आज यहां राजधानी देहरादून में नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। गांधी शताब्दी जिला अस्पताल में संचालित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) को अब और अधिक सुदृढ़ व आधुनिक बनाया गया है, जिससे गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को उन्नत उपचार मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं एसएनसीयू की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीएम ने नवजात शिशुओं को अस्पताल तक सुरक्षित रूप से लाने और ले जाने के लिए एक डेडिकेटेड वाहन भी तैनात किया गया है, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके। नवजात शिशुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहले सिंगल वार्ड में संचालित 6 बेड के एसएनसीयू को अब डबल वार्ड में विस्तारित कर 12 बेड कर दिया गया है। बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था, प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता के चलते अब तक 492 से अधिक नवजात शिशुओं को सफल उपचार प्रदान किया जा चुका है। देहरादून के गांधी शताब्दी जिला अस्पताल में नवंबर 2024 में प्रारंभ हुई इस यूनिट को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। एसएनसीयू में दो मदर बोर्ड, स्टाफ रूम सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा और सुव्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए पूरे वार्ड में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। यह यूनिट जिले में सुदृढ़ होती स्वास्थ्य सेवाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। अस्पताल में भर्ती नवजात शिशुओं के माता—पिता ने भी जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि यहां डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे पूरी तत्परता से बच्चों की देखभाल कर रहे हैं, जिससे उन्हें संतोष और भरोसा मिला है। उन्होंने मा0 मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मीता श्रीवास्तव ने बताया कि हाल ही में दो नवजात शिशुओं को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है, जबकि आज ही एक नवजात को हरिद्वार से रेफर कर यहां लाया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से एसएनसीयू में अब नवजातों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल रहा है। देहरादून का यह एसएनसीयू न केवल नवजात शिशुओं के जीवन को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि जनकल्याण की दिशा में जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शा रहा है।