July 28, 2026– सचिव लोक निर्माण विभाग बोले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर होगी कार्रवाई देहरादून। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने कहा है कि देहरादून में नंदा की चौकी पर नवनिर्मित पुल पूरी तरीके से सुरक्षित है। भारी बारिश के कारण पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा ढहा है, जिसे युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है।श्री पांडेय ने बताया कि बीती रात हुई जोरदार बारिश के कारण पुल के एक हिस्से की एप्रोच रोड के नीचे से मलवा बह गया था, इस कारण एप्रोच रोड एक जगह पर धंस गई है। उन्होंने बताया कि नवनिर्मित पुल पूरी तरीके से सुरक्षित है और एप्रोच रोड को युद्ध स्तर पर ठीक कर यातायात बहाल किए जाने के प्रयास चल रहे हैं। श्री पांडेय ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को मौके पर भेज कर एप्रोच रोड को ठीक करने के साथ ही घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कहा गया है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि इस मामले में किसी अधिकारी या ठेकेदार की गलती नजर में आती है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। बताया कि लगातार बारिश के कारण नदी का बहाव तेज हो रहा है, इसलिए बहाव को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में कहीं नई बनी सड़क जल्दी टूट जाती है तो इसके कारणों का भी पता लगाया जाएगा साथ ही जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। सचिव लोक निर्माण विभाग ने बताया कि विभाग की ओर से बंद सड़कों को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है, बंद सड़कों की पूरी स्थिति विभागीय पोर्टल पर लाइव अपडेट हो रही है। साथ ही विभाग का प्रयास है कि बंद सड़कों को हर हाल में 24 घंटे के अंदर खोल दिया जाए। उन्होंने बताया कि देहरादून मसूरी मार्ग पर भी एक जगह पर नया स्रोत आने से बार-बार मलवा आ रहा है, यहां पर विभागीय टीम उपकरणों के साथ तैनात की गई है।
July 28, 2026नंदा चौकी पुल की क्षतिग्रस्त लेन तत्काल बहाल कराने तथा अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश देहरादून। सोमवार रात्रि से जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय रहा। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने स्वयं सुबह से ही ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वर्षा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने नंदा चौकी, सौड़ा-सरौली मार्ग, मालदेवता, बल्दी नदी (सहस्त्रधारा), आईटी पार्क-सहस्त्रधारा रोड तथा मसूरी रोड स्थित पानी वाला बैंड के समीप भूस्खलन (लैंड स्लाइड) प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे तथा वर्षा से प्रभावित सभी मार्गों को यथाशीघ्र यातायात के लिए सुचारु किया जाए।प्रातःकाल नंदा चौकी के समीप पुल की अप्रोच लेन क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीन घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर यातायात सुचारु किया जाए। साथ ही लापरवाही के संबंध में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में लोक निर्माण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय में पुल की क्षतिग्रस्त लेन मरम्मत करने की कार्यवाही गतिमान है।इसके उपरांत जिलाधिकारी सौड़ा-सरौली मार्ग पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सड़क को तत्काल यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए। वहीं मलबा आने के कारण अवरुद्ध थानों मार्ग को भी प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुनः यातायात हेतु बहाल करा दिया गया।मालदेवता क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक वर्ष बरसात में रपटे पर यातायात बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को उक्त स्थान पर पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में वर्षा के दौरान आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।जिलाधिकारी ने मसूरी रोड स्थित पानी वाला बैंड के समीप वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिनों के भीतर सड़क का दो लेन तक आवागमन पूर्ण रूप से सुचारु किया जाए। विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि 10 से 15 दिनों के भीतर दो लेन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा तथा सुरक्षा के दृष्टिगत पुश्ता निर्माण का कार्य लगभग दो माह में पूरा कर लिया जाएगा।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि जनपद में जहां-जहां सड़कें एवं संपर्क मार्ग वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बहाल किया जाए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, आईआरएस प्रणाली से जुड़े विभागों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क एवं सक्रिय रहकर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि में जनसुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी प्रकार की आपदा अथवा मार्ग अवरोध की सूचना पर तत्काल राहत एवं पुनर्बहाली कार्य सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को असुविधा न हो।निरीक्षण के दौरान रायपुर क्षेत्र में स्थानीय विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव तथा लोक निर्माण विभाग से एक्शियन भृगुनाथ द्विवेदी उपस्थित रहे। वहीं मसूरी रोड स्थित पानी वाला बैंड क्षेत्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद एवं लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड के अधिकारी प्रदीप शाही सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
July 28, 2026देहरादून। जिलाधिकारी, डॉ आशीष चौहान, ने प्रातःकाल नंदा की चौकी पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। भारी वर्षा के कारण पुल से पहले एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए मार्ग को सुरक्षित बनाकर शीघ्र ही यातायात के लिए पुनः सुचारु करने के निर्देश दिए।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सोडा सरोली का दौरा किया, जहां वर्षा से क्षतिग्रस्त पीएमजीएसवाई सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। वहीं, मलबा आने से बंद थानों मार्ग को त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात हेतु बहाल कर दिया गया है। जिलाधिकारी लगातार फील्ड में रहकर वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश दे रहे हैं।
July 28, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति—2024 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 06 प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक प्रदान किए। 05 अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी एवं स्वीकृति प्रक्रिया भी परिवहन विभाग द्वारा पूर्ण की जा चुकी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों का फ्लैग ऑफ किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड को स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण—अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने के राज्य सरकार के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी तथा पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे समय में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। विकास तभी सार्थक है, जब वह प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हरित ऊर्जा एवं सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2070 तक नेट—जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य, लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान, पीएम ई—बस सेवा तथा सौर एवं अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार जैसे अनेक प्रयास पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय की गोद में बसी देवभूमि है, जहां से गंगा एवं यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियों का उद्गम होता है। प्रदेश की जैव विविधता, वन संपदा, नदियां एवं पर्वतीय प्राकृतिक धरोहरें पूरे देश की अमूल्य विरासत हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि के पर्यावरण एवं प्राकृतिक संतुलन की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।राज्य सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि विकास और पर्यावरण एक—दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को गति दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति—2024 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाना, पुराने डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना तथा सीएनजी एवं अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विश्वास व्यत्तQ किया कि यह नीति प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून, हरिद्वार एवं हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लगातार विस्तार कर रही है। साथ ही प्रदेशभर में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों के उपयोग के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोप—वे एवं आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण—अनुकूल बनेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखण्ड को हरित विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित कुल लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन एवं सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन वाहन स्वामियों को सब्सिडी चेक प्रदान किए गए हैं, वे केवल इस योजना के लाभार्थी नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड में हरित परिवहन क्रांति के अग्रदूत हैं। उन्होंने विश्वास व्यत्तQ किया कि उनके इस प्रयास से अन्य वाहन संचालक भी स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी परिवर्तन स्थायी नहीं हो सकता, इसलिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ परिवहन के इस अभियान में सहभागी बनना होगा।इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, सचिव परिवहन श्री रविनाथ रमन, परिवहन विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
July 28, 2026देहरादून। प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा ने सहसपुर के नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर बने लगभग 16 करोड़ रूपए की लागत वाले पुल की अप्रोच रोड 16 दिन में क्षतिग्रस्त होने को धामी सरकार के भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का प्रमाण बताया।उन्होंने कहा कि 7 जुलाई को निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गंभीर खामियां सामने आई थीं और सरकार को आगाह भी किया गया था, लेकिन चेतावनी को नजरअंदाज कर 12 जुलाई को पुल जनता के लिए खोल दिया गया। अब पुल क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोग प्रभावित हैं और विघार्थियों सहित आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आर्येंद्र शर्मा ने सरकार से सवाल किया कि 16 करोड़ खर्च होने के बावजूद पुल 16 दिन भी क्यों नहीं टिक पाया, निर्माण की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है और जनता के पैसे की बर्बादी का जवाब कौन देगा? उन्होंने कहा कि यह घटना धामी सरकार के तथाकथित विकास मॉडल की पोल खोलती है।
July 28, 2026पुल ध्वस्त होने का जिम्मेदार व जवाबदेह कौन? देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर—नंदा की चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नव—निर्मित पुल की एप्रोच रोड महज 16 दिन में धंस गई। एहतियात के तौर पर पुलिस ने पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। पिछले वर्ष बरसात में बहने के बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का पुनर्निर्माण कराया गया था। 13 जुलाई को पुल को यातायात के लिए खोला गया था। एप्रोच रोड पर बड़ा गड्ढा बनने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र का देहरादून से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण शुरू किया। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों पर नाराजगी जताई है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि 11 जुलाई को टौंस नदी के तेज बहाव में ह्यूम पाइप से बनाई गई अस्थायी पुलिया बह गई थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने जल्दबाजी में मुख्य पुल को तैयार कर 13 जुलाई से यातायात के लिए खोल दिया था। अब एप्रोच रोड धंसने के बाद निर्माण की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।आम आदमी पार्टी ने प्रेमनगर में पुल के क्षतिग्रस्त होने की घटना पर गहरी चिंता और रोष व्यत्तQ किया है। पार्टी ने कहा कि लगभग 16 करोड़ की लागत से मरम्मत किए गए इस पुल की स्थिति यह है कि वह 16 दिन भी नहीं टिक पाया। पुल के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने इस वीडियो के साथ धाकड़ धामी गीत जोड़कर सरकार की कार्यश्ौली पर सवाल उठाए हैं। आज प्रातः लगभग 6ः00 बजे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद वरिष्ठ नेता शरद जैन तथा देहरादून कैंट अध्यक्ष वीर सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी गई।वरिष्ठ नेता शरद जैन ने कहा कि यह केवल एक पुल का मामला नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही का गंभीर प्रश्न है। उन्होंने पूछा कि इस गंभीर लापरवाही के लिए आखिर जिम्मेदार और जवाबदेह कौन है? क्या इसके लिए लोक निर्माण विभाग मंत्री जिम्मेदार हैं, विभागीय अधिकारी जिम्मेदार हैं, देहरादून कैंट के विधायक जिम्मेदार हैं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिम्मेदार हैं या पूरी राज्य सरकार?उन्होंने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन अनेक स्कूलों और कॉलेजों के विघार्थी, स्कूल बसें, कार, मोटरसाइकिल, सार्वजनिक परिवहन तथा हजारों स्थानीय नागरिक आवागमन करते हैं। यदि पुल ध्वस्त होने से कोई बड़ा हादसा हो जाता और किसी की जान चली जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं संबंधित जिम्मेदार व्यत्तिQयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि भविष्य में जनता की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो।पार्टी ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने और मरम्मत होने वाले सार्वजनिक ढांचों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उत्तराखंड की जनता यह जानना चाहती है कि पुल ध्वस्त होने का जिम्मेदार और जवाबदेह आखिर कौन है?