नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। दिल्ली के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में संक्रमित मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
दिल्ली में एच1एन1 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के अंत तक राजधानी में हजारों मामले सामने आ चुके थे। वहीं, कर्नाटक में भी बड़ी संख्या में एच1एन1 और इन्फ्लुएंजा के मरीज मिले हैं।
एच1एन1 में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में मतली, उल्टी और दस्त की शिकायत भी देखने को मिलती है। सामान्य फ्लू की तुलना में एच1एन1 में तेज बुखार और पेट से जुड़ी समस्याएं अधिक हो सकती हैं।
यदि बुखार या फ्लू जैसे लक्षण कई दिनों तक बने रहें, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द या भारीपन महसूस हो अथवा मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बीमारी से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से धोना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और फ्लू के लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। पर्याप्त आराम और पानी का सेवन भी मददगार है। विशेषज्ञों ने बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने की सलाह दी है।




