नलवा लैब का कुंभ में कोविड जांच से इंकार

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लैब संचालक बोले, हम कुंभ में गये ही नहीं, दिल्ली की चंदानी लैब का दावा सभी जांचे सही
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
देहरादून। हरिद्वार फर्जी कोरोना टेस्ट मामले में एक नया खुलासा हुआ है। सीएमओ हरिद्वार की ओर से मैसर्स मैक्स कारपोरेट सर्विस व नलवा लेबोरेटरी हरियाणा व दिल्ली की डा. लाल चंदानी लैब के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इनमें से हरियाणा की लैब ने तो यह साफ कर दिया है कि वे तो कुंभ में गये ही नहीं है। कंपनी के इस नये खुलासे से मामला और भी गर्मा गया है कि यदि इस लैब में टेस्टिंग हुई ही नही तो फिर सीएमओ ने किस आधार पर लैब के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और उनकी कार्यश्ौली पर भी उंगली उठने लगी है।
हरिद्वार में कुंभ के दौरान किए गये कोरोना जांच का फर्जीवाड़ा जब से खुल कर सामने आया है तभी से इस पर लीपापोती का प्रयास भी किया जा रहा है। सीएमओ की ओर से तीन कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया जिसमें से हरियाणा की नलवा लैब के संचालक डा. जेपी नलवा का कहना है कि उन्होंने मैक्स कारपोरेट सर्विस के साथ अप्रैल माह में ही अपना एमओयू रद्द कर दिया था। वे लोग किसी भी तरह से हरिद्वार में कोविड जांच में शामिल नहीं हैं और न ही कोई पैसा उत्तराखण्ड सरकार से लिया है।
जबकि दिल्ली की लालचंदानी लैब के संचालक डा. मोहित लालचंदानी की ओर से दावा किया गया है कि उनकी ओर से जो भी कोविड जांच की गई हैं वे सभी सही हैं। अब जब एक लैब की ओर से साफ कर दिया गया है कि वे कुंभ में गये ही नहीं और दूसरी लैब की ओर से सभी जांचों के सही होने का दावा किया जा रहा है तो किस आधार पर सीएमओ हरिद्वार डा. एके झा की ओर से इन तीनों पर महामारी एक्ट, आपराधिक षड़यंत्र रचने और सरकारी धन हड़पनेके लिए जालसाजी का मामला दर्ज कराया गया है। इन हालात में तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे हैं।

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