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यूजीसी के काले कानून के विरोध में सुराज सेवा दल का प्रदर्शन

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  • शिक्षा—विरोधी नीतियों के खिलाफ किया जोरदार विरोध, घंटाघर से डीएम कार्यालय तक किया मार्च

देहरादून। भाजपा सरकार की जनविरोधी एवं शिक्षा—विरोधी नीतियों तथा यूजीसी के काले कघनून के विरोध में सुराज सेवा दल के नेतृत्व में आज देहरादून में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया, जो मार्च के रूप में घंटाघर से प्रारंभ होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला गया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा यूजीसी के माध्यम से लागू किए जा रहे नए प्रावधान विश्वविघालयों की स्वायत्तता को समाप्त करने, उच्च शिक्षा व्यवस्था को अत्यधिक केंद्रीकृत करने तथा छात्रों और शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाले हैं और सुधार के नाम पर शिक्षा को निजीकरण व वैचारिक नियंत्रण की दिशा में धकेला जा रहा है, जिसका सीधा असर देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि भाजपा सरकार की शिक्षा—विरोधी नीतियों के चलते यूजीसी के माध्यम से जो काले प्रावधान लागू किए जा रहे हैं, वे देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविघालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा हैं तथा सुराज सेवा दल शिक्षा के नाम पर किए जा रहे केंद्रीकरण, निजीकरण और वैचारिक नियंत्रण को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक है तथा शिक्षा, संविधान और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है। प्रदर्शन के उपरांत सुराज सेवा दल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि यूजीसी से जुड़े जनविरोधी प्रावधानों को तत्काल वापस लिया जाए अथवा उनमें व्यापक संशोधन किया जाए, साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों की आवाज को अनसुना किया तो आंदोलन को आगे भी लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से और तेज किया जाएगा।

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