- मृतक झारखण्ड का हिस्ट्रीशीटर है, 50 से अधिक अपराधिक मामले हैं दर्ज
देहरादून। राजपुर रोड पर स्थित मॉल के बाहर बदमाशों ने स्टोन स्टोन क्रेशर मालिक की गोली मारकर हत्या मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक झारखण्ड का हिस्ट्रीशीटर बदमाश बताया जा रहा है जिसपर 50 से अधिक अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार सिल्वर सिटी मॉल के सामने जिम से एक व्यक्ति बाहर निकला तभी वहां पर आये तीन बदमाशों ने उसपर गोलियां बरसा दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के लोगों से मृतक की शिनाख्त करायी तो मृतक की शिनाख्त कालीदास रोड निवासी विक्रम शर्मा के रूप में हुई। मृतक मूल रूप से झारखण्ड का रहने वाला है तथा वर्तमान में कालीदास रोड के एक अपार्टमेंट में रह रहा था। पुलिस को जानकारी मिली कि विक्रम शर्मा सुबह नौ बजे जिम में आया था तथा साढे दस बजे जब वह जिम से बाहर निकला तभी हमलावरों ने उसपर गोलियां चला दी थी। पुलिस ने मृतक की तलाशी ली तो उसके पास से पुलिस को लाइसेंसी पिस्टल बरामद हुआ। जिसका लाइसेंस विक्रम शर्मा के नाम पर था। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक झारखण्ड का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है तथा जिस पर दर्जनों हत्या सहित 50 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस मामले को गैंगवार मानकर चल रही है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगलाना शुरू कर दिया है। मृतक स्टोन स्टोन क्रेशर मालिक की गोली मारकर हत्या का मालिक है। जो यहां रेसकोर्स में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि हमलावरों की संख्या तीन थी तथा एक दुपहिया वाहन को स्टार्ट करके घटनास्थल के पास ही खडा था। जैसे ही बदमाशों ने उसको गोली मारी तो वह तीनों दुपहिया वाहन पर बैठकर फरार हो गये। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मृतक विक्रम शर्मा झारखण्ड का बडा गैंगस्टर था तथा झारखण्ड के गैंगस्टर अखिलेश का गुरू था। नौ साल पहले जमशेदपुर में जब माफिया अखिलेश को गिरफ्तार किया गया था तब झारखण्ड पुलिस ने देहरादून आकर गैंगस्टर विक्रम शर्मा को गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटकर वह फिर देहरादून में अलग—अलग कारोबार कर रहा था। 2017 में झारखण्ड पुलिस ने उसे फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जिसके बाद 2021 में झारखण्ड हाईकोर्ट ने शर्तो के साथ उसको जमानत दी थी। विक्रम शर्मा 2007 से कई बडी आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका था। वह झारखण्ड में अपराध का बडा नाम था। लेकिन कई सालों से देहरादून को अपना ठिकाना बनाकर रह रहा था। बहुत बडे माफिया के लिए पिछले डेढ दशक से देहरादून में सेफ हाउस बना हुआ था। यह दो गैंग की आपसी रंजिश का मामला लग रहा है। अपराधियों की आपसी अदावत राज्य की साख पर बटटा लगा रहे हैं।
तीन माह में राज्य में किये तीन बड़े शूटआउट
देहरादून। उत्तराखण्ड में बीते तीन माह के भीतर शूटरों द्वारा तीन बड़े हत्याकांडो को अंजाम दिया गया है। जिनमेंं से 27 दिसम्बर को शूटरों द्वारा पुलिस अभिरक्षा लाये जा रहे गैगंस्टर विनय त्यागी को मौत के घाट उतार दिया गया था। वहीं बीते 11 फरवरी को शूटरों द्वारा राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट के समीप अर्जुन शर्मा को मौत के घाट उतारा गया था। इस क्रम में आज एक बार फिर शूटरों द्वारा व्यस्तम राजपुर रोड पर विक्रम शर्मा नाम के एक गैंगस्टर पर ताबड़तोड़ गोलियंा बरसा कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया है।




