भीषण सड़क हादसे में घायल हुए ऋषभ पंत

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दून के मैक्स में चल रहा है इलाज, खतरे से बाहर
सरकार करेगी हर संभव मदद और इलाज का खर्च

देहरादून। आज सुबह दिल्ली से रुड़की जाते समय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार भीषण हादसे का शिकार हो गई जिसमें उनकी कार जलकर राख हो गई तथा उन्हें सर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई है हालांकि उनकी हालत ठीक बताई जा रही है लेकिन उनका उपचार दून के मैक्स अस्पताल में चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऋषभ पंत दिल्ली से अपने घर आ रहे थे। घटना सुबह लगभग 5.30 बजे की बताई जा रही है जब एनएच—58 पर रुड़की नारसन के पास उनकी मर्सिडीज बैंज जीएल कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। कार की स्पीड इतनी अधिक थी कि वह डिवाइडर और उसकी रेलिंग तथा एक बिजली के पोॅल को तोड़ती हुई दूसरी तरफ चली गई। दुर्घटना के बाद कार में आग लग गई और वह देखते ही देखते आग का गोला बन गई। गनीमत यह रही कि इससे पहले ऋषभ पंत गाड़ी का शीशा तोड़कर बाहर निकल चुके थे इस भीषण सड़क हादसे में उनके सिर, एक पैर और पीठ में गंभीर चोटे आई है।
मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी मदद की तथा दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें पहले रुड़की के सक्षम अस्पताल ले जाया गया जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए देहरादून के मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस सड़क हादसे की सूचना मिलने पर शासन—प्रशासन भी हरकत में आया और उनके उपचार की उचित व्यवस्था की गई। मैक्स अस्पताल द्वारा हालांकि उनका मेडिकल बुलेटिन जारी करने से इंकार कर दिया गया है और बीसीसीआई द्वारा ही मेडिकल स्थिति के बारे में जानकारी देने की बात कही गई है लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका एमआरआई किया जा चुका है उनका ब्रेन और स्पाइन पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है वह पूरे होशो हवास में है तथा बातचीत कर रहे हैं तथा खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं उन्हें कोई आंतरिक इंजरी नहीं है उनके सिर पर दो कट लगे है सीधे पैर और कमर में चोटे बताई जा रही है। उधर बीसीसीआई के सचिव जयशाह का कहना है कि हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा डॉक्टरों के संपर्क में हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।


सीएम धामी ने की पंत की मां से बात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषभ पंत की मां जो इस समय उनके साथ मैक्स अस्पताल में हैं, उनसे फोन पर बातचीत की तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि ऋषभ जल्द ठीक हो जाएगा। उन्होंने डॉक्टरों से बेहतर इलाज करने को कहा है। साथ ही उन्होंने उनके इलाज का पूरा खर्च वहन करने का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि सरकार ऋषभ पंत की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हालांकि इसकी जरूरत नहीं है लेकिन अच्छे इलाज के लिए अगर बाहर ले जाना पड़ेगा तो इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।


सीट बेल्ट न बांधने से बची जान


देहरादून। हादसे के समय ऋषभ पंत ने सीट बेल्ट नहीं बांध रखी थी अगर सीट बेल्ट बंधी होती तो शायद वह आग लगने से पहले शीशा तोड़कर कार से बाहर नहीं निकल पाते। क्योंकि दुर्घटना पलक झपकते ही हुई। मदद के लिए सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों को उन्होंने बताया कि वह गाड़ी में अकेले ही थे। अचानक नींद की झपकी आई और यह सब कुछ हो गया। उनका कहना है कि वह अपनी मां को सरप्राइज देना चाहते थे इसलिए अपने आने के बारे में घर में भी किसी को नहीं बताया था दुर्घटना का असल कारण क्या रहा, कोहरा या फिर तेज गति अथवा नींद की झपकी या कुछ और जांच के बाद ही पता चल सकेगा।

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